{"_id":"68643563084d632e8c0e6572","slug":"flaws-found-in-private-school-vehicles-some-have-permits-and-some-drivers-do-not-have-dl-chandauli-news-c-189-1-svns1013-133062-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: निजी स्कूली वाहनों में मिलीं खामियां, किसी का परमिट तो कहीं चालक के पास डीएल नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: निजी स्कूली वाहनों में मिलीं खामियां, किसी का परमिट तो कहीं चालक के पास डीएल नहीं
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। निजी स्कूलों का प्रबंधन बच्चों के वाहनों के संचालन के प्रति संजीदा नहीं दिखाई दे रहा है। मंगलवार को एआरटीओ की ओर से चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान स्कूली वाहनों में कई खामियां मिलीं। किसी स्कूली वाहन का चालक गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर वार्ता करते हुए मिला, तो किसी वाहन का परमिट नहीं था। एक स्कूली वाहन के चालक के पास डीएल भी नहीं था। जांच के दौरान एआरटीओ ने कमियां मिलने चार स्कूली वाहनों का चालान कर लगभग 50 हजार रुपये वसूल किया।
एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने पीटीओ ललित मालवीय के साथ मंगलवार को निजी विद्यालयों के बसों की 25 बिंदुओं पर जांच की। इस दौरान उन्होंने अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, बच्चों के सीट-बेल्ट, विंडो रेलिंग, कैमरा, ड्राइवर का ड्रेस, बस पर प्रबंधक/प्रिंसिपल का मोबाइल फोन नंबर इत्यादि की जांच की गई। साथ ही बसों के प्रपत्र की जांच कर चालान किया गया। एआरटीओ ने 15 निजी स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच की। स्कूली वाहनों में छोटी-छोटी खामियां मिलने पर उसे दूर करने के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया। इसके अलावा हाईवे पर स्कूली वाहनों की जांच की। इस दौरान कमियां मिलने पर एआरटीओ ने चार स्कूली वाहनों का चालान कर लगभग 50 हजार रुपये वसूल किया। एआरटीओ ने बताया कि स्कूली वाहनों की जांच के लिए परिवहन विभाग के समस्त कर्मियों की ड्यूटी हर स्कूल में लगाई गई है। सभी स्कूलों की बसों की जांच कराई जाएगी। साथ ही ड्राइवर के लाइसेंस एवं चरित्र सत्यापन आदि का विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलीं के वाहनों का डाटा बेस बनाया जाएगा। जिसमें सभी प्रबंधकों/प्रिंसिपल के नाम व मोबाइल फोन नंबर, वाहन नंबर, ड्राइवर के नाम, मोबाइल फोन नंबर, डीएल नंबर आदि का विवरण रहेगा। उधर, कई निजी स्कूलों के वाहन वाराणसी परिक्षेत्र का परमिट लेकर चंदौली में आवागमन करते हैं। जिले में 50 से ज्यादा स्कूली वाहन वाराणसी परिक्षेत्र का परमिट लेकर जिले में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ऐसे वाहनों पर किसी की भी नजर नहीं पड़ती है। स्कूली वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद परमिट से जुड़े मामले सामने आते हैं।
विज्ञापन
एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने पीटीओ ललित मालवीय के साथ मंगलवार को निजी विद्यालयों के बसों की 25 बिंदुओं पर जांच की। इस दौरान उन्होंने अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, बच्चों के सीट-बेल्ट, विंडो रेलिंग, कैमरा, ड्राइवर का ड्रेस, बस पर प्रबंधक/प्रिंसिपल का मोबाइल फोन नंबर इत्यादि की जांच की गई। साथ ही बसों के प्रपत्र की जांच कर चालान किया गया। एआरटीओ ने 15 निजी स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच की। स्कूली वाहनों में छोटी-छोटी खामियां मिलने पर उसे दूर करने के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया। इसके अलावा हाईवे पर स्कूली वाहनों की जांच की। इस दौरान कमियां मिलने पर एआरटीओ ने चार स्कूली वाहनों का चालान कर लगभग 50 हजार रुपये वसूल किया। एआरटीओ ने बताया कि स्कूली वाहनों की जांच के लिए परिवहन विभाग के समस्त कर्मियों की ड्यूटी हर स्कूल में लगाई गई है। सभी स्कूलों की बसों की जांच कराई जाएगी। साथ ही ड्राइवर के लाइसेंस एवं चरित्र सत्यापन आदि का विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलीं के वाहनों का डाटा बेस बनाया जाएगा। जिसमें सभी प्रबंधकों/प्रिंसिपल के नाम व मोबाइल फोन नंबर, वाहन नंबर, ड्राइवर के नाम, मोबाइल फोन नंबर, डीएल नंबर आदि का विवरण रहेगा। उधर, कई निजी स्कूलों के वाहन वाराणसी परिक्षेत्र का परमिट लेकर चंदौली में आवागमन करते हैं। जिले में 50 से ज्यादा स्कूली वाहन वाराणसी परिक्षेत्र का परमिट लेकर जिले में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ऐसे वाहनों पर किसी की भी नजर नहीं पड़ती है। स्कूली वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद परमिट से जुड़े मामले सामने आते हैं।
विज्ञापन