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Chandauli News: नगर में बनेंगी पानी की पांच टंकियां, स्थापित होंगे 11 ट्यूबवेल
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पीडीडीयू नगर। पानी की समस्या झेल रहे नगरवासियों के लिए खुशखबरी है। अमृत योजना फेज टू के तहत गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नगर में पानी की पांच ओवरहेड टंकिया बनाने और 11 ट्यूबवेल स्थापित करने के लिए जमीन मिल गई है। योजना के तहत रेलवे लाइन के उत्तर दिशा में तीन टंकियां बनाई जाएंगी और छह ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। वहीं दक्षिण दिशा में दो टंकियां बनाने के साथ पांच ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। इन टंकियों से पाइप लाइन के जरिए करीब दो हजार घरों में शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। योजना पूरी करने के लिए बोर्ड ने शासन के पास करीब 20 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर मंजूरी के लिए भेज दी है।
जल निगम को नगरीय व ग्रामीण में विभक्त कर दिया गया है। नगर में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था का जिम्मा नगरीय विभाग को दिया गया है, जो वर्तमान में गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधीन है। इसके बाद नगर में पानी की आपूर्ति के लिए अमृत योजना के फेस वन व फेस टू के तहत किए गए व चल रहे सभी कार्य बोर्ड के अधीन हो गए हैं। अमृत योजना के दोनों फेस के तहत नगर में पानी की आपूर्ति के लिए बनी पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत आठ टंकियां बनाकर घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं अब शेष बचे करीब दो हजार घरों व प्रतिष्ठानों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई है।
पानी की टंकी और ट्यूबवेल स्थापित करने के लिए पालिका प्रशासन ने नगर के धोबीघाट, पथरा भाग एक व दो, नई बस्ती, मवई और महमूदपुर में जमीन उपलब्ध करा दी है।
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इनसेट.........
450 से 16 सौ किलोलीटर क्षमता की बनेंगी टंकियां
नगर के बीच से गुजरी रेलवे लाइन को ध्यान में रख कर योजना बनाई गई है। इसके अनुसार रेलवे लाइन की दक्षिण ओर पानी की दो टंकियां बनाने के साथ पांच ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। वहीं उत्तर की ओर तीन टंकियां बनाने के अलावा छह ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। पानी की इन टंकियों की क्षमता आवश्यकता के अनुसार 450 से 16 सौ किलोलीटर होगी। इन टंकियों व ट्यूबवेल से दोनों ओर करीब दो हजार घरों में पाइप के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।
कोट......
नगर के लोगों तक पेयजल पहुंचाने के लिए तैयार की गई नई कार्ययोजना को शासन की स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से टंकियों व ट्यूबवेलों की स्थापना के लिए जमीन मिल गई है। शासन से अनुमति मिलने व धन अवमुक्त होने के साथ कार्य आरंभ कर दिए जाएंगे। वीरसेन, इंजीनियर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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जल निगम को नगरीय व ग्रामीण में विभक्त कर दिया गया है। नगर में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था का जिम्मा नगरीय विभाग को दिया गया है, जो वर्तमान में गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधीन है। इसके बाद नगर में पानी की आपूर्ति के लिए अमृत योजना के फेस वन व फेस टू के तहत किए गए व चल रहे सभी कार्य बोर्ड के अधीन हो गए हैं। अमृत योजना के दोनों फेस के तहत नगर में पानी की आपूर्ति के लिए बनी पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत आठ टंकियां बनाकर घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं अब शेष बचे करीब दो हजार घरों व प्रतिष्ठानों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई है।
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पानी की टंकी और ट्यूबवेल स्थापित करने के लिए पालिका प्रशासन ने नगर के धोबीघाट, पथरा भाग एक व दो, नई बस्ती, मवई और महमूदपुर में जमीन उपलब्ध करा दी है।
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450 से 16 सौ किलोलीटर क्षमता की बनेंगी टंकियां
नगर के बीच से गुजरी रेलवे लाइन को ध्यान में रख कर योजना बनाई गई है। इसके अनुसार रेलवे लाइन की दक्षिण ओर पानी की दो टंकियां बनाने के साथ पांच ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। वहीं उत्तर की ओर तीन टंकियां बनाने के अलावा छह ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। पानी की इन टंकियों की क्षमता आवश्यकता के अनुसार 450 से 16 सौ किलोलीटर होगी। इन टंकियों व ट्यूबवेल से दोनों ओर करीब दो हजार घरों में पाइप के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।
कोट......
नगर के लोगों तक पेयजल पहुंचाने के लिए तैयार की गई नई कार्ययोजना को शासन की स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से टंकियों व ट्यूबवेलों की स्थापना के लिए जमीन मिल गई है। शासन से अनुमति मिलने व धन अवमुक्त होने के साथ कार्य आरंभ कर दिए जाएंगे। वीरसेन, इंजीनियर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।