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Chandauli News: धोखाधड़ी में चाचा-भतीजे पर प्राथमिकी दर्ज
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के गालिबपुर निवासी जयराम की तहरीर पर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने चाचा-भतीजे के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि शिवकुमार और संजीव ने वर्ष 2020 में तीन बार में 16 लाख रुपये लिए और जमीन नहीं दी। बाद में पता चला कि उस जमीन को किसी और ने खरीद ली है। अब आरोपी रुपये नहीं लौटा रहे हैं। तहरीर के अनुसार जयराम दिसंबर 2019 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हुए। मोहल्ले के शिवकुमार ने सस्ती जमीन दिलाने की बात कही और भतीजे संजीव कुमार उर्फ पीकू से मुलाकात कराई। कुछ दिन बाद दोनों ने गालिबपुर में पोखरे के पास गाटा संख्या 289 की जमीन दिखाई।
पसंद आने पर 16 लाख रुपये में 28 कड़ी जमीन रजिस्ट्री का सौदा हुआ। जब उन्होंने जमीन की खतौनी मांगी और मालिक से मिलने के लिए बोला तो संजीव ने जमीन उसके नाम से एग्रीमेंट होने और मालिक के यहां नहीं रहने की बात कही। उनकी बातों पर भरोसा करके 12 सितंबर 2020 को चेक से पांच लाख और चार लाख रुपये दे दिए।
संजीव ने 17 सितंबर 2025 को रजिस्ट्री होने पर शेष पैसा देने की बात कही। जयराम 17 सितंबर की सुबह 11 बजे पत्नी और शिवकुमार के साथ रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच गया। संजीव ने बैनामा का स्टांप पेपर दिखाकर सात लाख रुपये ले लिए और जमीन मालिक को लाने चला गया। दो घंटे बीत जाने के बाद भी संजीव नहीं लौटा। फोन करने पर संजीव ने बताया कि जमीन मालिक के बेटे की मौत हो गई है, आज रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी।
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एक माह बीतने के पर रजिस्ट्री करने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया। कुछ दिन बाद पता चला कि उक्त जमीन किसी और को बेच दी गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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आरोप है कि शिवकुमार और संजीव ने वर्ष 2020 में तीन बार में 16 लाख रुपये लिए और जमीन नहीं दी। बाद में पता चला कि उस जमीन को किसी और ने खरीद ली है। अब आरोपी रुपये नहीं लौटा रहे हैं। तहरीर के अनुसार जयराम दिसंबर 2019 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हुए। मोहल्ले के शिवकुमार ने सस्ती जमीन दिलाने की बात कही और भतीजे संजीव कुमार उर्फ पीकू से मुलाकात कराई। कुछ दिन बाद दोनों ने गालिबपुर में पोखरे के पास गाटा संख्या 289 की जमीन दिखाई।
पसंद आने पर 16 लाख रुपये में 28 कड़ी जमीन रजिस्ट्री का सौदा हुआ। जब उन्होंने जमीन की खतौनी मांगी और मालिक से मिलने के लिए बोला तो संजीव ने जमीन उसके नाम से एग्रीमेंट होने और मालिक के यहां नहीं रहने की बात कही। उनकी बातों पर भरोसा करके 12 सितंबर 2020 को चेक से पांच लाख और चार लाख रुपये दे दिए।
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संजीव ने 17 सितंबर 2025 को रजिस्ट्री होने पर शेष पैसा देने की बात कही। जयराम 17 सितंबर की सुबह 11 बजे पत्नी और शिवकुमार के साथ रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच गया। संजीव ने बैनामा का स्टांप पेपर दिखाकर सात लाख रुपये ले लिए और जमीन मालिक को लाने चला गया। दो घंटे बीत जाने के बाद भी संजीव नहीं लौटा। फोन करने पर संजीव ने बताया कि जमीन मालिक के बेटे की मौत हो गई है, आज रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी।
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एक माह बीतने के पर रजिस्ट्री करने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया। कुछ दिन बाद पता चला कि उक्त जमीन किसी और को बेच दी गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।