कंदवा। जमीन बचाओ संघर्ष समिति व किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के ओर से मंगलवार को बरहनी गांव स्थित मां मंशादेवी मंदिर परिसर में महापंचायत हुई। इसमें जुटे किसान नेताओं ने कहा कि किसान उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। महापंचायत में कई गांवों के जुटे किसानों ने पैतृक जमीन बचाने को लेकर रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण के नाम पर उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किए जाने की मंशा पर सवाल खड़े किए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार आधा दर्जन गांवों के किसानों की उपजाऊ भूमि को कंपनी लगाने के नाम पर अधिग्रहण करना चाहती है। लेकिन पूर्वजों की जमीन को अधिग्रहित नहीं होने देंगे। जमीन बचाने के लिए किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। गांवों में जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। रविंद्र सिंह मुन्ना ने कहा कि नौ अगस्त को क्रांति दिवस पर शहीद पार्क सैयदराजा से जमीन बचाने के लिए क्रांति का बिगुल फूंका जाएगा। 20 अगस्त को जनपद मुख्यालय पर किसान दिवस में भारी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। किसान पंचायत को सुमंत सिंह अन्ना, शिवबच्चन सिंह, दुर्गा दत्त तिवारी, अखिलेश सिंह आदि ने भी जमीन बचाने को लेकर हुंकार भरी। कहा कि नरवन इलाके की जमीन उपजाऊ व सिंचित है। यहां इंडस्ट्री लगाना किसानों के हित में नहीं है। पंचायत में आनंद सिंह, अर्जुन प्रजापति, धर्मेंद्र सिंह, आलोक सिंह, आशुतोष सिंह, उदयप्रताप सिंह, पिंटू सिंह आदि शामिल रहे। अध्यक्षता अशोक सिंह ने की व संचालन रतन सिंह ने किया।