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आठ बार टेस्टिंग में फेल कैनाल की जांच करेंगे बीएचयू आईआई के एक्सपर्ट
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पीडीडीयू नगर। कंदवा के नरवन क्षेत्र के किसानों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए चारी में 32.77 करोड़ की लागत से बने न्यू चारी पंप कैनाल के आठवीं बार टेस्टिंग में फेल होने के बाद जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यदायी संस्था के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है। साथ ही पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी बीएचयू को भी सौंप दिया है। इसके अलावा डीएम ने स्थानीय स्तर पर भी जांच कमेटी गठित की जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। अब कार्यदायी संस्था पर गाज गिरने की आशंका बढ़ गई है।
अदसड़ व न्यू चारी लिफ्ट कैनाल का निर्माण कार्य 2015 में 32.77 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था। तब क्षेत्र के किसानों में उम्मीद जगी की लंबे समय से सिंचाई की समस्या से उन्हें निजात मिलेगी। लेकिन सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था की मिलीभगत से पांच साल में भी योजना परवान नहीं चढ़ पाई। हाल यह हो गया कि जिस योजना को मार्च 2018 तक पूर्ण हो जाना था वह अब तक पूरी नहीं हुई। यहां तक टेस्टिंग दर टेस्टिंग होती रही हर बार इसमें फेल हो गई। आठवीं बार भी टेस्ट के बाद पंप कैनाल चालू नहीं हो सका। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद डीएम नवनीत सिंह चहल ने गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है बल्कि स्थानीय स्तर पर जांच करने के लिए कमेटी गठित करने के साथ ही इसकी तकनीकी जांच के लिए आईआईटी बीएचयू को भी पत्र लिखा है। इससे सिंचाई विभाग अफसरों और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आशंका है कि पंप कैनाल के चालू होने में देरी और लापरवाही पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
कंदवा। चारी पंप कैनाल सिंचाई विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ता जा रहा है। धीमी गति से निर्माण और आठवीं टेस्टिंग में फेल होने के चलते किसान सात दिन से अदसड़ में धरने पर बैठे हैं। पंप कैनाल पूर्ववर्ती सरकार और सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू की पहल पर इलाके के लिए आवंटित हुआ था। लेकिन दो जुलाई 2019 को हुए पहले टेस्ट में पाइप लाइन जगह जगह फट गई। पुन: मरम्मत कर आठ बार अलग अलग समयों पर हुए टेस्टिंग में भी यह लिफ्ट कैनाल असफल हो गया। यहीं नहीं आधी दूरी पर परसिया गांव के समीप जेवरियाबाद रामपुर नहर में पानी गिराकर भी परीक्षण किया गया लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाया।
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बता दें लिफ्ट कैनाल का पानी घोसवा नहर के पास गिराये जाने की योजना थी जिससे 2500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती। इससे नाराज भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन सात दिन से धरने पर है। वहीं अदसड़ में किसान यूनियन (भानू) भी धरना दे चुका है। किसान संगठनों में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर काफी नाराजगी है।
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अदसड़ व न्यू चारी लिफ्ट कैनाल का निर्माण कार्य 2015 में 32.77 करोड़ की लागत से शुरू हुआ था। तब क्षेत्र के किसानों में उम्मीद जगी की लंबे समय से सिंचाई की समस्या से उन्हें निजात मिलेगी। लेकिन सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था की मिलीभगत से पांच साल में भी योजना परवान नहीं चढ़ पाई। हाल यह हो गया कि जिस योजना को मार्च 2018 तक पूर्ण हो जाना था वह अब तक पूरी नहीं हुई। यहां तक टेस्टिंग दर टेस्टिंग होती रही हर बार इसमें फेल हो गई। आठवीं बार भी टेस्ट के बाद पंप कैनाल चालू नहीं हो सका। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद डीएम नवनीत सिंह चहल ने गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है बल्कि स्थानीय स्तर पर जांच करने के लिए कमेटी गठित करने के साथ ही इसकी तकनीकी जांच के लिए आईआईटी बीएचयू को भी पत्र लिखा है। इससे सिंचाई विभाग अफसरों और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आशंका है कि पंप कैनाल के चालू होने में देरी और लापरवाही पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
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कंदवा। चारी पंप कैनाल सिंचाई विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ता जा रहा है। धीमी गति से निर्माण और आठवीं टेस्टिंग में फेल होने के चलते किसान सात दिन से अदसड़ में धरने पर बैठे हैं। पंप कैनाल पूर्ववर्ती सरकार और सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू की पहल पर इलाके के लिए आवंटित हुआ था। लेकिन दो जुलाई 2019 को हुए पहले टेस्ट में पाइप लाइन जगह जगह फट गई। पुन: मरम्मत कर आठ बार अलग अलग समयों पर हुए टेस्टिंग में भी यह लिफ्ट कैनाल असफल हो गया। यहीं नहीं आधी दूरी पर परसिया गांव के समीप जेवरियाबाद रामपुर नहर में पानी गिराकर भी परीक्षण किया गया लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाया।
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बता दें लिफ्ट कैनाल का पानी घोसवा नहर के पास गिराये जाने की योजना थी जिससे 2500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती। इससे नाराज भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन सात दिन से धरने पर है। वहीं अदसड़ में किसान यूनियन (भानू) भी धरना दे चुका है। किसान संगठनों में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर काफी नाराजगी है।