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इंजन के बेपटरी होने की जांच नहीं हुई पूरी
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पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन के यार्ड में दो दिनों में तीन इंजनों के बेपटरी होने को लेकर जांच जारी है। इस मामले में डीईएन तृतीय, एसएंडटी, आपरेटिंग, पीडब्लूआई और लोको निरीक्षकों ने अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। हालांकि अभी तक इंजनों के बेपटरी होने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
लगातार इंजनों के बेपटरी होने को लेकर डीआरएम के तेवर सख्त हैं। लगातार दुर्घटनाओं ने सुरक्षा और संरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों के इंजन के रख-रखाव के जांच करने की जिम्मेदारी डीइएन तृतीय, एसएनटी, आपरेटिंग, पीडब्ल्यूआइ और लोको इंस्पेक्टरों पर रहती है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही इंजन को ट्रेनों
में जोड़ा जाता है। पटरियों की भी लगातार निगरानी और जांच की जाती है। बावजूद इसके शनिवार की रात एक इंजन और सोमवार को अलग अलग स्थानों पर दो इंजनों के बेपटरी होने की घटनाओं ने संरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसको लेकर जांच की जा रही है। इस संबंध में सभी जिम्मेदार अधिकारी इसे विभागीय मामला और जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन अंदरखाने के सूत्रों के अनुसार इसमें कइयों की गर्दन नपने की आशंका है।
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लगातार इंजनों के बेपटरी होने को लेकर डीआरएम के तेवर सख्त हैं। लगातार दुर्घटनाओं ने सुरक्षा और संरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों के इंजन के रख-रखाव के जांच करने की जिम्मेदारी डीइएन तृतीय, एसएनटी, आपरेटिंग, पीडब्ल्यूआइ और लोको इंस्पेक्टरों पर रहती है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही इंजन को ट्रेनों
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में जोड़ा जाता है। पटरियों की भी लगातार निगरानी और जांच की जाती है। बावजूद इसके शनिवार की रात एक इंजन और सोमवार को अलग अलग स्थानों पर दो इंजनों के बेपटरी होने की घटनाओं ने संरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसको लेकर जांच की जा रही है। इस संबंध में सभी जिम्मेदार अधिकारी इसे विभागीय मामला और जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं, लेकिन अंदरखाने के सूत्रों के अनुसार इसमें कइयों की गर्दन नपने की आशंका है।
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