फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Electricity workers protest against privatisation

Chandauli News: निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन

Wed, 21 May 2025 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 12:51 AM IST
विज्ञापन
Electricity workers protest against privatisation
पीडीडीयू नगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों ने मंगलवार को विभाग के गोधना मोड़ स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति 29 मई से अनिश्चितकाल कार्य बहिष्कार शुरू करेगी। साथ ही 21 मई से सभी जिलों और परियोजनाओं पर प्रतिदिन तीन घंटे विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन


संघर्ष समिति के सदस्यों ने पाॅवर कारपोरेशन के चेयरमैन पर आरोप लगाया कि वे आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर बढ़ा-चढ़ाकर घाटा दिखा रहे हैं। साथ ही बिजली के रेट में 30 प्रतिशत तक वृद्धि की योजना भी बना चुके हैं। इससे आम उपभोक्ताओं पर बढ़े बिजली दर का बोझ पड़ेगा, जबकि इसके पीछे मुख्य मकसद निजी घरानों की मदद करना है। बिजलीकर्मियों ने निर्णय लिया कि निजीकरण के विरोध में 21 मई से सभी जिलों और परियोजनाओं पर दिन के दो से शाम पांच बजे तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन का यह कार्यक्रम 28 मई तक चलेगा। इसके बाद 29 मई से निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि 29 मई से होने वाले अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के पहले 21 मई से संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों के प्रांतव्यापी दौरे प्रारंभ होंगे। कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब किसी प्रांत में पॉवर कारपोरेशन ने अपने एआरआर को चार दिन के अंदर पुनरीक्षित कर घाटा बढ़ाकर नई एआरआर दाखिल की है। यह सब निजीकरण से पहले निजी घरानों की मदद करने के लिए किया जा रहा है। आगरा में भी निजीकरण के पहले हानियां 54 प्रतिशत बताई गई थीं, जो वास्तव में 40 प्रतिशत के नीचे थी। इसका दुष्परिणाम हुआ कि आगरा में पॉवर कॉरपोरेशन 5.55 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर निजी कंपनी को 4.36 रुपये प्रति यूनिट की दर से दी जा रही है। इससे 274 करोड़ रुपये का सालाना नुकसान हो रहा है। उनका कहना था कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन को सार्वजनिक तौर पर यह बताना चाहिए कि महज चार दिन पहले नियामक आयोग को सौंपे गए एआरआर में 9206 करोड़ रुपये के घाटे की बात कही गई थी और कल अचानक इसे बदल कर 19 हजार 600 करोड़ कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed