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डा. लोहिया ने किया संघर्ष
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Tue, 24 Mar 2015 02:07 AM IST
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सपा की ओर से सोमवार को नरसिंहपुर खुर्द स्थित कार्यालय पर डा. राममनोहर
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लोहिया की जयंती मनाई गई। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर
माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए लोहिया ने संघर्ष किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि लोहिया के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। दलितों, पिछड़ों व असहायों के उत्थान के लिए लोहिया के दिखाए मार्ग का अनुसरण करने की जरूरत है। तभी दबे-कुचले लोग विकास की धारा से जुड़ पाएंगे। वे न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि एक अच्छे दार्शनिक भी थे। देश में सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए उन्होंने जमकर संघर्ष किया। इतना ही नहीं वे असामाजिक व सांप्रदायिक ताकतों से जीवन पर्यंत जूझते रहे।
पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव ने कहा कि चंदौली लोहिया की कर्मभूमि भी रही है। उनके संघर्ष, त्याग व तपस्या से सीख लेते हुए समाज के पिछड़े वर्ग के विकास के लिए मिलकर प्रयास करना होगा। जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर ने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठे लोग देश के सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है।
इस दौरान लोकगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से लोहिया जी के संघर्ष और उनके जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर संतोष विश्वकर्मा, अनिल मिश्रा, हरिदास यादव, राजनाथ यादव, संतोष यादव, रामजनम, रघुनाथ यादव, अरविंद यादव, राजा खां, रमेश यादव, जोखू सिद्दीकी, मिश्री लाल राजभर आदि उपस्थित रहे। संचालन बाबूलाल यादव ने किया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए लोहिया ने संघर्ष किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि लोहिया के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। दलितों, पिछड़ों व असहायों के उत्थान के लिए लोहिया के दिखाए मार्ग का अनुसरण करने की जरूरत है। तभी दबे-कुचले लोग विकास की धारा से जुड़ पाएंगे। वे न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि एक अच्छे दार्शनिक भी थे। देश में सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए उन्होंने जमकर संघर्ष किया। इतना ही नहीं वे असामाजिक व सांप्रदायिक ताकतों से जीवन पर्यंत जूझते रहे।
पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव ने कहा कि चंदौली लोहिया की कर्मभूमि भी रही है। उनके संघर्ष, त्याग व तपस्या से सीख लेते हुए समाज के पिछड़े वर्ग के विकास के लिए मिलकर प्रयास करना होगा। जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर ने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठे लोग देश के सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है।
इस दौरान लोकगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से लोहिया जी के संघर्ष और उनके जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर संतोष विश्वकर्मा, अनिल मिश्रा, हरिदास यादव, राजनाथ यादव, संतोष यादव, रामजनम, रघुनाथ यादव, अरविंद यादव, राजा खां, रमेश यादव, जोखू सिद्दीकी, मिश्री लाल राजभर आदि उपस्थित रहे। संचालन बाबूलाल यादव ने किया।