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न चुप रहें न घबराएं, कुष्ठ रोग का इलाज कराएं

Sun, 13 Feb 2022 12:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 12:41 AM IST
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Don't be silent, don't panic, get treatment for leprosy
चंदौली। कुष्ठ रोग के प्रति भेदभाव व भय का माहौल खत्म करने जिले में विगत 30 जनवरी से शुरू हुए स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत आशा कार्यकत्रियों की ओर से संदेश दिया जा रहा है। रोगियों को बताया जा रहा है कि कुष्ठ रोग होने पर घबराएं नहीं बल्कि उपचार कराएं। यह अभियान 13 फरवरी तक चलेगा। यह जानकारी जिला कुष्ठ रोग नोडल अधिकारी डॉ. केएन सिंह ने दी है।
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उन्होंने बताया कि 23 जनवरी 2022 से चल रहे इस अभियान में जिले में अब तक पांच नए कुष्ठ रोगी खोजे गए हैं। कुष्ठ रोग स्पर्श करने से नहीं फैलता है। इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रपत्र संदेश अभियान चलाया जा रहा है। नियामताबाद ब्लॉक के रहने वाले 55 वर्षीय मरीज ने बताया कि उनके शरीर में उभरे हुए तांबे रंग के चकत्ते के साथ सुन्नपन था। दो फरवरी 2022 को घर में आए स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने जांच और इलाज शुरू की है। जिला कुष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी डा. तपेश्वर राम ने कहा कि रोग होने पर न चुप रहें न ही घबराएं। इसका इलाज कराएं। बहुत से लोग इस बीमारी के विषय में बात नहीं करते हैं। रिश्तेदार, आस-पड़ोस को पता न चल जाए इसलिए जांच व इलाज कराने से डरते हैं। कहा कि कुष्ठरोग के बारे में परिवार, दोस्त और आस-पास के लोगों से बात करें। कुष्ठरोग एक बीमारी है समय से इलाज पूरा कराने से मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है।
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कुष्ठरोग संक्रमण की बीमारी है जो कि माइको बैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होती है। अभियान को सफल बनाने के लिए पोस्टर व बैनर के माध्यम से सभी ब्लाकों पर आशा कार्यकर्ता कुष्ठरोग के बारे में जानकारी दे रही हैं। बताया जा रहा है कि चमड़ी का वह भाग जिसमें सूजन व सुन्नपन हो, हाथ पैर की नसों में मोटापा, सूजन या झनझनाहट, शरीर पर गांठ और लाल रंग की सूजी हुई त्वचा, चेहरा, कान का निचला हिस्सा मोटा हो जाना व गांठ का पड़ जाना, पैर की उंगली में टेढ़ापन, हाथ व पैर पूरी क्षमता से काम न करना, आंख बंद करने में परेशानी होना रोग के लक्षण हैं।
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चंदौली। डा. केएन सिंह ने बताया कि घाव को साफ करके उसे साफ कपड़े से ढक कर रखना चाहिए। खुले घाव में कोरोना का संक्रमण आसानी से अपना प्रभाव दिखा सकता है। एक कपड़े को बार बार उपयोग करने के लिए उसे गर्म पानी और साबुन से साफ करना चाहिए तथा धूप में सुखाना चाहिए। कुष्ठ रोग से बचाव के लिए चोट से बचें और घाव को साफ रखें।
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