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एक परमात्मा की होनी चाहिए पूजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:46 AM IST
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क्षेत्र के खगवल गांव स्थित दलित बस्ती में गजाधर राम के आवास पर रविवार को गीता पाठ के समापन अवसर पर सत्संग का आयोजन किया गया।
इस दौरान स्वामी अड़गड़ानंद के कृपा पात्र मास्टर बाबा ने गीता के प्रसंगों पर प्रकाश डाला और उपस्थित भक्तों को आशीर्वचन दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुजा एक परमात्मा की होनी चाहिए।वह अकेले ही मनुष्य के सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर दिया। भटकने की आवश्यकता नहीं है।
अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने जो उपदेश दिया, उसका अनुसरण करना चाहिए। गीता श्रीकृष्ण के मुख से निकली वाणी का संग्रह है।गीता के मनन से मनुष्य को शांति व सुख की प्राप्ति होती है।
सद्गुरु ही मानव को मुक्ति का रास्ता दिखाता है। गीता धर्मशास्त्र है, जो सभी के पास होना चाहिए।
मोक्ष की प्राप्ति और प्रभु को पाने के लिए मानव को सद्गुरु की शरण में जाना होगा। वही परमात्मा से मिलन का रास्ता दिखाता है।बमानव को भजन के बिना प्रभु के शरण में जाने वाला मार्ग नहीं मिल सकता है।
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इस दौरान स्वामी अड़गड़ानंद के कृपा पात्र मास्टर बाबा ने गीता के प्रसंगों पर प्रकाश डाला और उपस्थित भक्तों को आशीर्वचन दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुजा एक परमात्मा की होनी चाहिए।वह अकेले ही मनुष्य के सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर दिया। भटकने की आवश्यकता नहीं है।
अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने जो उपदेश दिया, उसका अनुसरण करना चाहिए। गीता श्रीकृष्ण के मुख से निकली वाणी का संग्रह है।गीता के मनन से मनुष्य को शांति व सुख की प्राप्ति होती है।
सद्गुरु ही मानव को मुक्ति का रास्ता दिखाता है। गीता धर्मशास्त्र है, जो सभी के पास होना चाहिए।
मोक्ष की प्राप्ति और प्रभु को पाने के लिए मानव को सद्गुरु की शरण में जाना होगा। वही परमात्मा से मिलन का रास्ता दिखाता है।बमानव को भजन के बिना प्रभु के शरण में जाने वाला मार्ग नहीं मिल सकता है।