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जिले के किसानों के लिए खुशखबरी
ब्यूरो, चंदौली, अमर उजाला
Updated Tue, 17 Mar 2015 01:14 AM IST
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जनपद के किसानों के लिए एक खुशखबरी है। उन्हें उर्वरक के रैक के लिए पड़ोसी जनपद वाराणसी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। इसके लिए शीघ्र ही जनपद के मुगलसराय में रैक प्वाइंट स्थापित करने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। रेलवे सूत्रों की मानें तो इसकी सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई है और जब भी रैक आएगा यहां के लिए आवंटित खाद यहीं उतरेगा।
सैयदराजा विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने किसानों की इस समस्या को महसूस किया था। उन्होंने इसके लिए दो वर्ष पूर्व तत्कालीन रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और अपने जनपद के किसानों की समस्या रखी। इस दौरान कार्य भी शुरू हो गया लेकिन रेल मंत्रालय सदानंद गौड़ा को मिल गया तो विधायक ने उनसे भी मुलाकात की और समस्या से अवगत कराया। एक सप्ताह पूर्व दानापुर रेल मंडल के जीएम एके मित्तल से मुलाकात कर विधायक ने इस कार्य की सारी औपचारिकताएं पूरी करा ली।
आदेश मिलते ही सोमवार को मुगलसराय पहुंचकर विधायक डीआरएम विद्याभूषण से मिले और वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक आशीष कुमार झा को साथ लेकर सरेसर में उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां अब जिले के खाद का रैक उतरेगा।
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अधिकारियों ने बताया कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई है और अब जब भी जनपद के कोटे की खाद का रैक आएगा तो सरेसर में रेलवे प्वाइंट पर उतरेगा।
बता दें इसके पूर्व जिले के लिए आने वाले उर्वरक की खेपों का रैक वाराणसी में ही लगता था, जहां से खाद पूर्वांचल के कई जिलों को जाती थी।
इस दौरान समय से खाद न मिलने के कारण जिले के किसान उर्वरक के लिए दर-दर भटकते थे। किसान फसल को बचाने के लिए मजबूरी में या तो ऊंची कीमत पर बाजारों से खाद खरीदते थे या फिर सहकारी समितियों पर कई दिनों तक कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते थे। जब किसानों को पता चलता था कि समितियों पर खाद नदारद है तो मायूस होकर अपने फसल को बर्बाद होते देख उनके पास कोई रास्ता नहीं बचता था।
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सैयदराजा विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने किसानों की इस समस्या को महसूस किया था। उन्होंने इसके लिए दो वर्ष पूर्व तत्कालीन रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और अपने जनपद के किसानों की समस्या रखी। इस दौरान कार्य भी शुरू हो गया लेकिन रेल मंत्रालय सदानंद गौड़ा को मिल गया तो विधायक ने उनसे भी मुलाकात की और समस्या से अवगत कराया। एक सप्ताह पूर्व दानापुर रेल मंडल के जीएम एके मित्तल से मुलाकात कर विधायक ने इस कार्य की सारी औपचारिकताएं पूरी करा ली।
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आदेश मिलते ही सोमवार को मुगलसराय पहुंचकर विधायक डीआरएम विद्याभूषण से मिले और वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक आशीष कुमार झा को साथ लेकर सरेसर में उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां अब जिले के खाद का रैक उतरेगा।
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अधिकारियों ने बताया कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई है और अब जब भी जनपद के कोटे की खाद का रैक आएगा तो सरेसर में रेलवे प्वाइंट पर उतरेगा।
बता दें इसके पूर्व जिले के लिए आने वाले उर्वरक की खेपों का रैक वाराणसी में ही लगता था, जहां से खाद पूर्वांचल के कई जिलों को जाती थी।
इस दौरान समय से खाद न मिलने के कारण जिले के किसान उर्वरक के लिए दर-दर भटकते थे। किसान फसल को बचाने के लिए मजबूरी में या तो ऊंची कीमत पर बाजारों से खाद खरीदते थे या फिर सहकारी समितियों पर कई दिनों तक कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते थे। जब किसानों को पता चलता था कि समितियों पर खाद नदारद है तो मायूस होकर अपने फसल को बर्बाद होते देख उनके पास कोई रास्ता नहीं बचता था।