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Chandauli News: एक वर्ष बाद भी नहीं बदले जा सके बिजली के जर्जर तार व खंभे

Tue, 05 Mar 2024 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Mar 2024 12:47 AM IST
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Dilapidated electric wires and poles could not be replaced even after a year
पीडीडीयू नगर। जिले में बिजली के जर्जर तारों और खंभों को बदलने का काम पिछले एक वर्ष से चल रहा है। करीब दस करोड़ की लागत से चल रहे काम के तहत अब तक मात्र 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। पिछले वर्ष के अंत तक जर्जर एलटी तारों को बदलकर हाईटेंशन तारों को बदलने का काम शुरू करना था लेकिन अब तक एलटी तारों को ही नहीं बदला जा सका है।
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योजना के तहत करीब दस करोड़ की लागत से नगरीय व ग्रामीण दोनों क्षेत्र के जर्जर तारों और खंभों को बदला जाना है। योजना के तहत ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है लेकिन विभाग और कार्रवादाई संस्था की लापरवाही से कार्य में विलंब हो रहा है। कुछ दिन बाद गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा। ऐसे में जर्जर तारों के टूटने से परेशानी हो सकती है।
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शासन ने गर्मी आने के पूर्व ही निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जर्जर तारों व खंभे को बदलवाने का निर्णय लिया था। इसके लिए निजी कंपनी ने सर्वे का कार्य पूरा कर वर्ष 2023 के मार्च माह से कार्य आरंभ कर तो दिया लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। विभाग के दावों की मानें तो वर्ष 2023 के दिसंबर माह तक कार्य पूरा कर लिया जाना था। एजेंसी की ओर से आयु पूरी कर चुके तार, पोल, खंभों व खराब संसाधनों को बदला जा रहा है लेकिन कार्य की गति काफी धीमी है। सूत्रों की मानें तो अब तक मात्र 60 प्रतिशत ही एलटी तार बदले गए हैं जबकि हाईटेंशन तारों को बदलने का पूरा काम बाकी है। शासन से बजट आवंटित होने के बाद भी कार्य की धीमी प्रगति से लोगों में असंतोष है।
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मजदूरों के न मिलने के कारण दिक्कत हो रही है। पश्चिम बंगाल से मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा है लेकिन कुछ दिन काम करने के बाद ये मजदूर वापस लौट जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
कृष्णपाल सिंह, साइट इंजीनियर, मोंटी एंड कार्लो।
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