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पत्रकार की हत्या के आरोप में चार बंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 17 Oct 2015 01:20 AM IST
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पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने पत्रकार हेमंत यादव की हत्या में शामिल
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चार बदमाशों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
उनके पास से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकल, तीन असलहे और कारतूस बरामद किया गया। हालांकि एक अन्य बदमाश पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस के अनुसार धन के विवाद में तीन अक्तूबर को हेमंत की हत्या हुई थी।
एसपी अमित वर्मा ने पुलिस लाइन में हत्याकांड का पर्दाफाश किया। बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि हत्या से जुड़े बदमाश भैंसउर पुलिया के पास हैं।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को पकड़ लिया। इनकी पहचान रघुनाथपुर निवासी रूपेण सिंह राणा और सूर्यकांत पांडेय, सिरकुटियां निवासी अमन सिंह और मुख्य सूत्रधार अंकित यादव निवासी सोनहुली, थाना-धानापुर के रूप में हुई। एक बदमाश राजन सिंह निवासी रघुनाथपुर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
पुलिस के अनुसार अंकित यादव के हेमंत यादव के पट्टीदार भोला यादव से पारिवारिक संबंध हैं। इसी के चलते सरकारी कर्मचारी भोला यादव ने सेवानिवृत्त होने के बाद आठ लाख रुपये अंकित के एकाउंट में ट्रांसफर किए थे।
इसकी जानकारी जब हेमंत को हुई तो उसने इस मामले में भोला के पुत्र बबलू और उनकी पत्नी गिरजा देवी के साथ मिलकर भोला के विरुद्ध मुकदमा करा दिया। अंकित के अनुसार भोला ने उसे एक मोटरसाइकिल भी दी थी, जिसे हेमंत व बबलू ने छीन लिया।
तब भोला और अंकित ने हेमंत को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए भोला ने एक माह पूर्व अंकित को चार लाख रुपये भी दिए थे। अंकित ने अमन, रूपेश और सूर्यकांत को डेढ़ लाख रुपये में हेमंत की हत्या की सुपारी दे दी।
मौका पाकर अंकित ने तीनों शूटरों को जमुरखां नहर पुलिया पर बुलाया और खुद कमालपुर बाजार चला गया। कमालपुर बाजार से जब हेमंत लौटने लगे तो अंकित पीछे लग गया।
पुलिया के पास घात लगाए बदमाशों ने अपनी बाइक से हेमंत की बाइक को टक्कर मारी, जब वे नीचे गिर गए तो राणा रूपेश और सूर्यकांत ने उनको गोली मार दी।
एक अन्य अभियुक्त भोला यादव अभी फरार है।
उनके पास से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकल, तीन असलहे और कारतूस बरामद किया गया। हालांकि एक अन्य बदमाश पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस के अनुसार धन के विवाद में तीन अक्तूबर को हेमंत की हत्या हुई थी।
एसपी अमित वर्मा ने पुलिस लाइन में हत्याकांड का पर्दाफाश किया। बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि हत्या से जुड़े बदमाश भैंसउर पुलिया के पास हैं।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को पकड़ लिया। इनकी पहचान रघुनाथपुर निवासी रूपेण सिंह राणा और सूर्यकांत पांडेय, सिरकुटियां निवासी अमन सिंह और मुख्य सूत्रधार अंकित यादव निवासी सोनहुली, थाना-धानापुर के रूप में हुई। एक बदमाश राजन सिंह निवासी रघुनाथपुर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
पुलिस के अनुसार अंकित यादव के हेमंत यादव के पट्टीदार भोला यादव से पारिवारिक संबंध हैं। इसी के चलते सरकारी कर्मचारी भोला यादव ने सेवानिवृत्त होने के बाद आठ लाख रुपये अंकित के एकाउंट में ट्रांसफर किए थे।
इसकी जानकारी जब हेमंत को हुई तो उसने इस मामले में भोला के पुत्र बबलू और उनकी पत्नी गिरजा देवी के साथ मिलकर भोला के विरुद्ध मुकदमा करा दिया। अंकित के अनुसार भोला ने उसे एक मोटरसाइकिल भी दी थी, जिसे हेमंत व बबलू ने छीन लिया।
तब भोला और अंकित ने हेमंत को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए भोला ने एक माह पूर्व अंकित को चार लाख रुपये भी दिए थे। अंकित ने अमन, रूपेश और सूर्यकांत को डेढ़ लाख रुपये में हेमंत की हत्या की सुपारी दे दी।
मौका पाकर अंकित ने तीनों शूटरों को जमुरखां नहर पुलिया पर बुलाया और खुद कमालपुर बाजार चला गया। कमालपुर बाजार से जब हेमंत लौटने लगे तो अंकित पीछे लग गया।
पुलिया के पास घात लगाए बदमाशों ने अपनी बाइक से हेमंत की बाइक को टक्कर मारी, जब वे नीचे गिर गए तो राणा रूपेश और सूर्यकांत ने उनको गोली मार दी।
एक अन्य अभियुक्त भोला यादव अभी फरार है।