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साईलेंट जोन में नक्सली धमक से सनसनी
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:55 AM IST
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क्षेत्र के पर्वतीय वन क्षेत्र स्थित बोदलपुर गांव के प्रधान से नक्सलियों के 20 हजार रुपये की रंगदारी मांगने की सूचना से पुलिस एवं प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। इस क्षेत्र में शनिवार को हथियारबंद लोगों के दिखाई देने से पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं ग्रामीण इलाके में लोग भयभीत है। रविवार को इस साईलेंट जोन में नक्सली धमक की सूचना पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में शिकारगंज क्षेत्र के पर्वतीय वन क्षेत्र में सघन कांबिंग अभियान चलाया गया। लेकिन नक्सलियों का कोई भी सुराग पुलिस प्रशासन को नहीं मिल सका है। चकिया, शिकारगंज, सिकंदरपुर और बोदलपुर आदि क्षेत्र को साईलेंट जोन माना जाता है क्योंकि यहां कभी खुले तौर पर नक्सली गतिविधियां नहीं थी।
बोदलपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रदीप वनवासी से तीन दिन पहले दो नक्सली ग्रामीणों के वेश में उनके घर जाकर सुबह नौ बजे मिले तथा उनसे पार्टी को 20 हजार रुपये तत्काल देने को कहा। पैसा न देने पर प्रधान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। इस मांग को प्रधान ने हल्के में लिया तथा घर बैठ गए। शनिवार को दोपहर जंगल में पशुओं को चराने गए चरवाहों ने हथियारों से लैस 20 से 25 की संख्या में नक्सलियों को देखा। इन नक्सलियों में असलहा लिए महिलाएं भी सम्मिलित थी। चरवाहों से नक्सलियों ने ग्राम प्रधान से मिलने की चर्चा की। चरवाहों ने इसकी सूचना प्रधान को दी तब प्रधान की आंखें खुली। उन्होंने शनिवार की रात शिकारगंज पुलिस चौकी पर जाकर चौकी प्रभारी अश्वनी यादव को रंगदारी मांगने तथा नक्सलियों को देखे जाने की सूचना दी। नक्सली मूवमेंट की सूचना मिलने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। रविवार की सुबह पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ महेन्द्र शुक्ला, चकिया, बबुरी, शहाबगंज, इलिया के थानाध्यक्षों के साथ पीएसी एवं सीआरपीएफ के जवान क्षेत्र में पहुंच गए। घेरेबंदी कर लोगों की तलाशी ली तथा चरवाहों एवं राहगीरों के साथ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। नक्सलियों की तलाश में सघन कांबिग अभियान चलाया। कांबिग अभियान के दौरान पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों ने बोदलपुर क्षेत्र के पंडी, चिलरहा, भोका, गुलाल बांध, जंगल चुरिया, सलया पहाड़, मोड़वा पहाड़ तथा गेरूअहवा पहाड़ के पर्वतीय वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया।
सुकमा में नक्सली घटना के बाद वहां जंगलों में नक्सलियों की तलाश में कांबिंग तेज कर दी गई है। आशंका है कि दबाव के चलते नक्सली इलाके बदलकर जंगल के रास्ते नौगढ़ और चकिया में अपना ठिकाना बना सकते हैं। सतर्कता के तौर पर अभियान चलाया गया। ग्राम प्रधान से कुछ अज्ञात लोग चंदा मांगने आए थे। उनका पता नहीं चल सका। यह साजिश लगती है। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से कांबिंग की गई। ताकि कोई घटना न हो सके।
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संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक चंदौली।
बोदलपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रदीप वनवासी से तीन दिन पहले दो नक्सली ग्रामीणों के वेश में उनके घर जाकर सुबह नौ बजे मिले तथा उनसे पार्टी को 20 हजार रुपये तत्काल देने को कहा। पैसा न देने पर प्रधान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। इस मांग को प्रधान ने हल्के में लिया तथा घर बैठ गए। शनिवार को दोपहर जंगल में पशुओं को चराने गए चरवाहों ने हथियारों से लैस 20 से 25 की संख्या में नक्सलियों को देखा। इन नक्सलियों में असलहा लिए महिलाएं भी सम्मिलित थी। चरवाहों से नक्सलियों ने ग्राम प्रधान से मिलने की चर्चा की। चरवाहों ने इसकी सूचना प्रधान को दी तब प्रधान की आंखें खुली। उन्होंने शनिवार की रात शिकारगंज पुलिस चौकी पर जाकर चौकी प्रभारी अश्वनी यादव को रंगदारी मांगने तथा नक्सलियों को देखे जाने की सूचना दी। नक्सली मूवमेंट की सूचना मिलने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। रविवार की सुबह पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ महेन्द्र शुक्ला, चकिया, बबुरी, शहाबगंज, इलिया के थानाध्यक्षों के साथ पीएसी एवं सीआरपीएफ के जवान क्षेत्र में पहुंच गए। घेरेबंदी कर लोगों की तलाशी ली तथा चरवाहों एवं राहगीरों के साथ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। नक्सलियों की तलाश में सघन कांबिग अभियान चलाया। कांबिग अभियान के दौरान पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों ने बोदलपुर क्षेत्र के पंडी, चिलरहा, भोका, गुलाल बांध, जंगल चुरिया, सलया पहाड़, मोड़वा पहाड़ तथा गेरूअहवा पहाड़ के पर्वतीय वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया।
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सुकमा में नक्सली घटना के बाद वहां जंगलों में नक्सलियों की तलाश में कांबिंग तेज कर दी गई है। आशंका है कि दबाव के चलते नक्सली इलाके बदलकर जंगल के रास्ते नौगढ़ और चकिया में अपना ठिकाना बना सकते हैं। सतर्कता के तौर पर अभियान चलाया गया। ग्राम प्रधान से कुछ अज्ञात लोग चंदा मांगने आए थे। उनका पता नहीं चल सका। यह साजिश लगती है। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से कांबिंग की गई। ताकि कोई घटना न हो सके।
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संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक चंदौली।