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UP: सत्ता का गुलाम नहीं हो सकता कोई संत और योगी, सीएम बोले- वो अपने कदमों पर समाज को चलने को प्रेरित करता है
Mon, 02 Sep 2024 08:52 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 02 Sep 2024 08:52 AM IST
सार
चंदौली के रामगढ़ में बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि कोई संत या योगी कभी सत्ता का गुलाम नहीं हो सकता। न ही कभी सत्ता को धोखा दे सकता है। वे हमेशा राष्ट्र कल्याण की सोच रखते हैं।
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Yogi Adityanath
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई संत, महात्मा या योगी कभी भी सत्ता का गुलाम नहीं हो सकता। वह अपने कदमों पर समाज को चलने के लिए प्रेरित करता है। यही कार्य बाबा कीनाराम ने आज से चार सौ पच्चीस वर्ष पहले जन्म लेकर दिव्य साधना के माध्यम से सबके सामने प्रस्तुत किया था।
सीएम योगी ने रविवार को अघोराचार्य बाबा कीनाराम की जन्मस्थली पर आयोजित 425 वें अवतरण समारोह में हिस्सा लेकर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश इसलिए गुलाम हुआ, क्योंकि विदेशी आक्रांताओं ने देश और समाज को बांटने में सफलता पाई। वहीं, संत व संन्यासी की सारी सिद्धि व साधना, राष्ट्रहित, समाज हित और मानव कल्याण में निहित होती है।
सीएम योगी ने कहा कि बाबा कीनाराम जन्म से ही एक दिव्य विभूति थे। एक कुलीन परिवार में उनका जन्म हुआ। साधना के माध्यम से उन्होंने सिद्धि प्राप्त की। सिद्धि प्राप्त करने के बाद अक्सर होता है कि व्यक्ति मद में कुछ नहीं देखता, किसी को कुछ नहीं समझता। लेकिन, बाबा ने अपनी साधना व सिद्धि का उपयोग राष्ट्र व लोक कल्याण के लिए किया।
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उन्होंने दलितों व आदिवासियों को और समाज के विभिन्न तबकों को जोड़ने का काम किया। बिना भेदभाव के एक ऐसे समाज की उन्होंने अलख जगाई, जो किसी संत, अघोराचार्य या योगी के द्वारा ही संभव था।
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सीएम योगी ने रविवार को अघोराचार्य बाबा कीनाराम की जन्मस्थली पर आयोजित 425 वें अवतरण समारोह में हिस्सा लेकर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश इसलिए गुलाम हुआ, क्योंकि विदेशी आक्रांताओं ने देश और समाज को बांटने में सफलता पाई। वहीं, संत व संन्यासी की सारी सिद्धि व साधना, राष्ट्रहित, समाज हित और मानव कल्याण में निहित होती है।
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सीएम योगी ने कहा कि बाबा कीनाराम जन्म से ही एक दिव्य विभूति थे। एक कुलीन परिवार में उनका जन्म हुआ। साधना के माध्यम से उन्होंने सिद्धि प्राप्त की। सिद्धि प्राप्त करने के बाद अक्सर होता है कि व्यक्ति मद में कुछ नहीं देखता, किसी को कुछ नहीं समझता। लेकिन, बाबा ने अपनी साधना व सिद्धि का उपयोग राष्ट्र व लोक कल्याण के लिए किया।
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उन्होंने दलितों व आदिवासियों को और समाज के विभिन्न तबकों को जोड़ने का काम किया। बिना भेदभाव के एक ऐसे समाज की उन्होंने अलख जगाई, जो किसी संत, अघोराचार्य या योगी के द्वारा ही संभव था।
सीएम योगी ने कार्यक्रम में बाबा कीनाराम की जीवन से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उच्च कुलीन परिवार जन्म लेने के बाद भी उन्होंने बड़ी संख्या में जनजातियों व यहां के निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाएं।