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Chandauli News: बदलती जीवनशैली से बढ़ रहा ब्लड प्रेशर और शुगर का खतरा
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चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में बीपी शुगर काउंटर पर मरीजों की जुटी भीड़। संवाद
चकिया। बदलती जीवनशैली, शारीरिक श्रम में कमी, तनाव और खानपान की अनियमितता से ब्लड प्रेशर (बीपी) और मधुमेह का खतरा बढ़ रहा है। अब कम उम्र के लोगों में भी इनसे जुड़े लक्षण देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में 711 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया। इनमें 160 मरीजों की बीपी और शुगर की जांच की गई।
चिकित्सकों के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों में कमी, फास्ट फूड और जंक फूड का अधिक सेवन, असंतुलित आहार और मानसिक तनाव बीपी व शुगर की समस्या के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। समय पर जांच और जीवनशैली में सुधार से इन बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. आरआर यादव ने बताया कि खांसी, बुखार, पेट दर्द और अन्य समस्याओं के उपचार के लिए आने वाले मरीजों की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर बीपी व शुगर की जांच कराई जा रही है। कई बार दूसरी बीमारियों के इलाज के दौरान भी इन समस्याओं का पता चलता है। समय पर जांच होने से उचित उपचार शुरू करने में मदद मिलती है।
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उन्होंने बताया कि 30 से 35 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति सतर्क रहना चाहिए। व्यायाम, योग, संतुलित आहार और तनाव पर नियंत्रण को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी में 711 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 320 मरीज आभा एप से जुड़े थे।
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चिकित्सकों के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों में कमी, फास्ट फूड और जंक फूड का अधिक सेवन, असंतुलित आहार और मानसिक तनाव बीपी व शुगर की समस्या के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। समय पर जांच और जीवनशैली में सुधार से इन बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. आरआर यादव ने बताया कि खांसी, बुखार, पेट दर्द और अन्य समस्याओं के उपचार के लिए आने वाले मरीजों की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर बीपी व शुगर की जांच कराई जा रही है। कई बार दूसरी बीमारियों के इलाज के दौरान भी इन समस्याओं का पता चलता है। समय पर जांच होने से उचित उपचार शुरू करने में मदद मिलती है।
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उन्होंने बताया कि 30 से 35 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति सतर्क रहना चाहिए। व्यायाम, योग, संतुलित आहार और तनाव पर नियंत्रण को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी में 711 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 320 मरीज आभा एप से जुड़े थे।