Chandauli : पड़ाव से जुड़ेगी नेहरू परिवार की तीसरी पीढ़ी, इंदिरा गांधी के बाद आई थीं प्रियंका और अब राहुल
यह तीसरा मौका है जब पड़ाव पर गांधी परिवार का कोई सदस्य आ रहा है। सबसे पहले सन 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बाढ़ पीड़ितों से मिलने आई थीं। इसके बाद 2019 में शहीद अवधेश के घर प्रियंका गांधी और अब राहुल गांधी पड़ाव पर आ रहे हैं।
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कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को पड़ाव पर रात्रि विश्राम करेंगे। यह तीसरा मौका है जब पड़ाव पर गांधी परिवार का कोई सदस्य आ रहा है। सबसे पहले सन 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बाढ़ पीड़ितों से मिलने आई थीं। पड़ाव चौराहे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पं.कमलापति त्रिपाठी और अन्य नेताओं के साथ जनसभा को संबोधित किया था। लोगों की समस्याएं नोट की थीं और सत्ता में आने के बाद आवास दिया था। इसके बाद 2019 में शहीद अवधेश के घर प्रियंका गांधी और अब राहुल गांधी पड़ाव पर आ रहे हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों में काफी उम्मीद और उत्साह है।
पड़ाव चंदौली जिले का सबसे बड़ा चौराहा है। साथ ही यह वाराणसी और चंदौली को जोड़ता भी है। चौराहे के दो रास्ते चंदौली तो आगे के दो वाराणसी जिले में आते हैं। हालांकि 1997 से पहले चंदौली और यह चौराहा भी वाराणसी जिले का ही हिस्सा था। पड़ाव चौराहा कई बड़े अवसरों का गवाह रहा है। उसमें एक यहां इंदिरा गांधी की जनसभा भी है। बात 1978 की है, जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सत्ता में नहीं थी। उस समय वाराणसी में भीषण बाढ़ आई थी। बाढ़ पीड़ितों से मिलने और उनको संबोधित करने के लिए उन्होंने पड़ाव पर जनसभा की थी।
उस समय पं.कमलापति त्रिपाठी के साथ तत्कालीन कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकुटधारी पांडेय, रविकांत दूबे, गोपाल सेठ, प्रभुनाथ पांडेय ने उनका स्वागत किया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने अवधूत भगवान राम आश्रम में दर्शन पूजन भी किया था। जनसभा के दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं नोट की थीं और ठीक दो वर्ष बाद 1980 में सत्ता में आने के बाद पड़ाव के झुग्गी झोपड़ी वालों को आवास उपलब्ध कराया था।
लोग इसको भूल नहीं पाते। 2019 में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान अवधेश यादव के परिजनों से मिलने प्रियंका गांधी आई थीं। लेकिन लोगों की समस्याएं नहीं सुन पाईं। अब शुक्रवार को इंदिरा गांधी की तीसरी पीढ़ी और उनके पोते राहुल गांधी पड़ाव पर रात्रि विश्राम और लोगों से बातचीत करेंगे। लोगों को उम्मीद है कि इंदिरा गांधी की तरह उनकी भी समस्याओं का समाधान होगा।
स्थानीय निवासी औसाफ अहमद सिद्दीकी ने बताया कि राहुल गांधी के आगमन को लेकर उत्साह है। बुनकरों और किसानों की समस्याएं दूर होंगी, इसकी उम्मीद है। प्रभुनाथ पांडेय ने बताया कि इंदिरा गांधी ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। उनके पोते राहुल गांधी से उम्मीद है कि वे समस्याओं को सुनेंगे और उसे दूर करने का प्रयास करेंगे।