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निचले इलाके में बाढ़ का कहर, पशुओं के सामने चारे का संकट

Sun, 22 Sep 2019 12:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2019 12:39 AM IST
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chandauli news
पीडीडीयू नगर। गंगा में बढ़ाव की रफ्तार भले कम हो गई हो लेकिन बाढ़ का पानी तटीय इलाकों सहित निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। जिले के तकरीबन 30 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। जबकि तकरीबन डेढ़ दर्जन गांवों में पानी घुस चुका है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। शनिवार को भी बाढ़ से कइ्र मार्ग डूब गए और लोगों का आवागमन बाधित हो गया। सबसे अधिक परेशानी पशुओं के चारे की हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में 42 बाढ़ चौकियों बनाई गई हैं मगर वहां कोई सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जलीलपुर, धानापुर, चहनिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बनाई गई हैं मगर वहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चारा डूब गया है लेकिन पशुओं के लिए अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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बाढ़ का पानी क्षेत्र के रौंना, कुरहना, कैली, भुपौली, सैदपुरा, टड़िया गांव में लगातार पांच दिनों से गंगा के बढ़ाव के कारण किसानों के फसल धान, सब्जी, चारा सहित अन्य फसल बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुकी है। रौना के आसपास बाढ़ का पानी आने से निजी और सरकारी स्कूल बंद हो गए है। इसके साथ ही यह गंगा किनारे बसे लोग दहशत के साए में जीवन यापन करने को मजबूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन की ओर से किसी तरह की मदद नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। पशुओ के लिए चारे की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है।
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वहीं धानापुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में गंगा नदी का पानी नौघरा व बुद्धपुर के सिवान को डूबोते हुए रायपुर-प्रसहटा मार्ग पर पहुंच गया है। अब गंगा का पानी प्रसहटा व दीयां गांव को भी घेरने के करीब पहुंच चुका है। नरौली व गुरैनी गांव में गुजरने वाले रास्ते की कटान भी शुरू हो चकी है। गद्दोचक गांव के संपर्क मार्ग भी पानी से डूब गया है। नौघरा के रामराज यादव, रविन्द्र, प्रसहटा के रामअवध यादव, दीयां के बबलू, गुरैनी के कृष्ण यादव ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ चौकी कोई फायदा नहीं मिल रहा है। बाढ़ में फसलें व चारा डूबने से किसानों को पशुओं के चारा के लिए काफी परेशानी हो रही है। किन्तु बाढ़ राहत चौकी पर किसी भी प्रकार की ब्यवस्था नहीं है। गुरैनी ग्राम प्रधान ने कहा कि बाढ़ से गुरैनी की बिजली भी प्रभावित हो गई है। जिससे बाढ़ पीड़ितों को रात में रूकने पर उजाले की व्यवस्था हो सके। बाढ़ प्रभावित तटवर्ती ग्रामीणों नें कहा कि जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के निरीक्षण के दौरान दिए निर्देशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। इस संबंध में एसडीएम सकलडीहां रामसजीवन मौर्य नें कहा कि बाढ़ राहत चौकी पर जब लोग पशुओं के साथ पहुंचेगें। तब पशुओं को चारा व पीड़ितों को भोजन की व्यवस्था होगी।
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पड़ाव संवाददाता के अनुसार रतनपुर, मढ़िया, बहादुरपुर क्षेत्र में पानी अब लोगों के लिए और मुसीबत बनता जा रहा है। अब लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। वहीं गंगा किनारे बने एक मकान में परिवार वहीं दूसरी मंजिल पर रूका हुआ है। परिवार के लोग चोरी के भय से घर नहीं छोड़ रहे हैं।
दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार पड़ाव से जाने वाले भूपौली मार्ग पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है। लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। पानी में गड्ढा न दिख्ने पर फंस कर पलट जा रहे हैं। सबबसे अधिक नुकसान कुंडा खुर्द और भिषौड़ी में पानी बढ़ने से फसल नुकसान हुअआ। घरों में पानी घुस गया है। सुरक्षित जगह जगहों पर घरों से निकल रहे हैं। ट्राली से लोग सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे हैं। इन गांवों में मवेशियों को भी रोड किनारे सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। ब्लाक के पशु चिकित्सक डॉ. जेपी सिंह, रामअवध यादव, शमीम अहमद, सुदर्शन सिंह, मवेशियों के चारा की पूरी तरह व्यवसथा करने के लि सर्वे किया जा हरा है।
चहनिया संवाददाता के अनुसार वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पकड़ी में एक नाव लगी है। घनश्यामपुर, महुअरिया, पूरा विजयी, पुरा गणेश, चकरा, सोनबरसा, सरौली, मोहम्मदपुर ,हसनपुर, नादी, निधौरा, रईया, रामगढ़, कुरा, मोहम्मदपुर, मझिलेपुर, नदेसर, मारूकपुर, तिरगावा, शेरपुर तथा नादी द्वितीय प्राथमिक विद्यालय के चारों तरफ गंगा का पानी फैल चुका है।
इनसेट
गंगा का पानी 72 मीटर पहुंचने के करीब, हेल्पलाइन नंबर जारी
पीडीडीयू नगर। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को भी गंगा में दो घंटे में एक सेमी की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शनिवार की सुबह आठ बजे तक खतरे के निशान 71.72 मीटर से बढ़कर शाम छह बजे तक जलस्तर 71.80 मीटर दर्ज किया गया। इससे बाढ़ का पानी अब मैदानी इलाकेे में तेजी से फैलने लगा है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के बचाव के लिए पीएसी की एक टुकड़ी, आपदा प्रबंधन दल, 86 नाव, स्वास्थ्य विभाग की नौ टीम, राजस्व विभाग तथा पंचायतीराज के लोगों गंगा के तटवर्ती गांवों में तैनात कर दिया गया। इसके अलावा 42 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जिल प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर 05412-262557 भी जारी कर दिया गया है। वहां एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ पीड़ित इस हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।जनप्रतिनिधियों संग अफसरों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का किया दौरासकलडीहा, सैयदराजा विधायक ने बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनके हाल जाने और मदद का आश्वासन दिया। वहीं किसान नेता ने भी बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों का हालचाल लिया और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। एसडीएम कुमार हर्ष और रामसजीवन मौर्य ने क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया।
धानापुर संवाददाता के अनुसार सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत प्रहलादपुर व गुरैनी सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ पीड़ित लोगों से मिलकर बातचीत की। वहीं बाढ़ पीड़ितों ने नाव और अन्य जरूरत की सामान नही मिलने पर विधायक से शिकायत की। विधायक ने मोबाईल से जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया तथा गांव में राहत पहुंचाने का लोगों का आश्वासन दिया। इस मौके पर जनौली सुशील सिंह, अन्नू सिंह, विजय मौर्या, संतोष मौर्या मौजूद थे। चहनिया संवाददाता के अनुसार गंगा के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उन तक प्रशासनिक मदद के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर जरूरत के सामान उपलब्ध कराए जाएंगे। सपा के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने भी शनिवार को मुकुंदपुर, सरैया, बड़गांवा, बोझवा सहित कई गांवों का दौरा कर जिला प्रशासन पर नाराजगी जताई। कहा की बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए बनाए गए राहत चौकियां कार्य करने में सक्षम नहीं है। इससे ग्रामीण परेशान हैं, लेकिन सूचना के बाद भी जिला प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल से वार्ता कर वहां के समस्यों से अवगत कराया। कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांव के लिए तत्काल कोई व्यवस्था नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी। इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान चंद्रमा यादव, प्रकाश यादव, मटरू, रामाश्रय ,संदीप, मुलायम, केपी यादव, पंचम, सुदामा रहे।

इनसेट
किसानों का प्रतिनिधिमंडल गांवों का किया दौरा
पीडीडीयू नगर। बाढ़ प्रभावित गांवों में शनिवार को किसान नेता केदार यादव के नेतृत्व में लोगों ने दौरा किया। वहां के हालात का जायजा लिया और शासन एवं प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की। केदार यादव ने कहा कि पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। रास्तों पर पानी भरने से आवागमन में दिक्कत होने लगी है। बाढ़ से प्रभावित गांव में बच्चों को स्कूल जाने आने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। पशुओं को चारा के लिए थे काफी परेशानी बढ़ गयी है। बाढ़ से प्रभावित गांव में झोपड़पट्टी व कच्चे मकान गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। प्रतिनिधिमंडल में डॉक्टर स्वामीनाथ यादव, श्रवण यादव, रमेश तिवारी, चंद्रशेखर सिंह, सुरेंद्र यादव, उमाशंकर यादव, जोगिंदर शामिल रहे।
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