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चंदौली : पुलिस की दबिश के दौरान युवती की मौत मामले की जांच करेगी सीबीसीआईडी, छह पुलिसकर्मियों पर दर्ज है मुकदमा

Tue, 10 May 2022 07:22 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 10 May 2022 07:22 PM IST
सार

चंदौली के मनराजपुर में पुलिस की दबिश के दौरान युवती की मौत के मामले के तूल पकड़ने के बाद मृतका के पिता की तहरीर पर उदय प्रताप सिंह समेत छह पुलिसकर्मियों पर सैयदराजा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।  

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CBCID will investigate the case of girl's death during police raid in chandauli
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंदौली के सैयदराजा थाना क्षेत्र अंतर्गत मनराजपुर में गैंगस्टर के आरोपी कन्हैया यादव के घर पर पुलिस की दबिश के दौरान उनकी बेटी निशा यादव की मौत के मामले की जांच शासन ने सीबीसीआईडी को सौंप दी है। आईजी रेंज के सत्यनारायण ने बताया कि गृह विभाग के मिले पत्र के अनुसार इस प्रकरण में अब सीबीसीआईडी इसकी जांच करेगी।

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सैयदराजा थाना क्षेत्र के मनराजपुर गांव में एक मई को पुलिस की दबिश के दौरान जिला बदर के आरोपी कन्हैया यादव की बड़ी बेटी निशा यादव की मौत हो गई थी। परिवार वालों ने युवती के मौत के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया था।
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मामले के तूल पकड़ने के बाद मृतका के पिता की तहरीर पर उदय प्रताप सिंह समेत छह पुलिसकर्मियों पर सैयदराजा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में पुलिस ने अधीक्षक ने सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच एडिशनल एसपी को सौंपी थी।

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जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे चुके हैं। इस मामले को लेकर राजनीति भी काफी गरम हो गई है। विपक्षी दल लगातार प्रदेश सरकार व पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर रहे है। मनराजपुर मामले में किरकिरी होने के बाद शासन स्तर से पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है। 

सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी सीबीसीआईडी

सीबीसीआईडी ब्रांच सीधे तौर पर शासन के निर्देशों पर कार्य करती है। वह किसी भी विवेचना में सभी पहलुओं को परखती है। इसके लिए वैज्ञानिक, कानूनी एंव सभी तर्को की कसौटी पर कसा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर सीबीसीआईडी घटना का रिक्रियेशन भी करती है।

इसके बाद अपनी डीएफआर सीबीसीआईडी के एसपी को सौंपी जाती है। विवेचना में सामने आये सभी पहलुओं को एसपी की ओर से समझने के बाद उसे उच्चाधिकारियों को सौंपा जाता है। अंत में रिपोर्ट डीजी सीबीसीआईडी तक पहुंचती है।

जहां डीजी व ज्वाईंट डायरेक्टर प्रास्क्यूशन पूरी रिपोर्ट वैज्ञानिक और कानूनी तथ्यों को बारीकी से परखते हैं। संतुष्ट होने पर उसे शासन को भेज दिया जाता है। वहीं असंतुष्ट होने पर उसे उचित निर्देशों के साथ फिर से विवेचना के लिए वापस भेज दिया जाता है।  

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