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सर्वे में दो करोड़ की नगदी की गई जब्त
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 18 Mar 2017 01:14 AM IST
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डिपो पर छानबीन करने पहुंची आयकर विबाग की टीम।
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नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में एक करोड़ से अधिक रुपये जमा करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने शुक्रवार को पांच कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ सर्वे की कार्रवाई की। कई घंटे चली सर्वे की कार्रवाई में करोड़ों की अघोषित आय का पता चला है। सर्वे के दौरान दो करोड़ करोड़ से अधिक नकदी बरामद हुई है। जांच-पड़ताल में रिकॉर्ड न मिलने पर रकम जब्त कर ली गई। आयकर अधिकारियों ने बताया कि खरीद-बिक्री और बैंक लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए हैं। इनकी छानबीन की जा रही है।
आयकर विभाग की पांच टीमों ने शुक्रवार दोपहर वाराणसी के लंका स्थित कपड़ा कारोबारी रवि, डाफी स्थित खली-चूनी कारोबारी बृजेश यादव, टेंगरा मोड स्थित पेट्रोल पंप कारोबारी केएन सिंह, चंदौली के चंधासी स्थित कोयला कारोबारी अजय कोल ट्रेडर्स तथा मुगलसराय स्थित एक पेट्रोल पंप पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की। आयकर अधिकारियों के मुताबिक लंका स्थित कपड़ा कारोबारी के यहां व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी मिली। खली चुनी प्रतिष्ठान पर खरीद बिक्री और बैंक खातों और अजय कोल ट्रेडर्स के यहां भी गड़बड़ी पकड़ी गई। तीनों प्रतिष्ठान नोटबंदी के दौरान जमा रकम के बारे में पुख्ता साक्ष्य नहीं दे पाए। इसी तरह मुगलसराय और टेंगरा मोड़ स्थित पेट्रोल-डीजल कारोबारियों के यहां भी बड़ी गड़बड़ियां की गई हैं। अपर निदेशक जांच अभय ठाकुर ने बताया कि जांच और सर्वे के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों से मौके पर भी एक-एक करोड़ से अधिक नकदी बरामद हुई। फर्म संचालक इस बारे में कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए, लिहाजा रकम जब्त कर ली गई। इस धनराशि को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा कराया जाएगा। पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही अघोषित आय और कर चोरी का सही आंकड़ा सामने आएगा।
दुलहीपुर संवाददाता के मुताबिक शुक्रवार की सुबह दस बजे सहायक निदेशक आयकर जीआर निर्वान और शुभम शर्मा नेे दलबल के साथ कोलमंडी स्थित अजय कोल ट्रेडर्स पर छापा मारा। अधिकारियों ने सभी कागजात कब्जे में ले लिए। दिन भर कागजों और कंप्यूटर की सघन जांच की गई। इस संबंध में डिपो संचालक अजय जैन ने बताया कि फर्म का लेनदेन कहीं से भी गलत नहीं है। सारे कार्य आनलाइन किए जा रहे हैं। उधर, सहायक निदेशक आयकर जीआर निर्वान ने बताया कि मामला आयकर से जुड़ा है। जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। जांच पूरी होने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
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आयकर विभाग की पांच टीमों ने शुक्रवार दोपहर वाराणसी के लंका स्थित कपड़ा कारोबारी रवि, डाफी स्थित खली-चूनी कारोबारी बृजेश यादव, टेंगरा मोड स्थित पेट्रोल पंप कारोबारी केएन सिंह, चंदौली के चंधासी स्थित कोयला कारोबारी अजय कोल ट्रेडर्स तथा मुगलसराय स्थित एक पेट्रोल पंप पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की। आयकर अधिकारियों के मुताबिक लंका स्थित कपड़ा कारोबारी के यहां व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी मिली। खली चुनी प्रतिष्ठान पर खरीद बिक्री और बैंक खातों और अजय कोल ट्रेडर्स के यहां भी गड़बड़ी पकड़ी गई। तीनों प्रतिष्ठान नोटबंदी के दौरान जमा रकम के बारे में पुख्ता साक्ष्य नहीं दे पाए। इसी तरह मुगलसराय और टेंगरा मोड़ स्थित पेट्रोल-डीजल कारोबारियों के यहां भी बड़ी गड़बड़ियां की गई हैं। अपर निदेशक जांच अभय ठाकुर ने बताया कि जांच और सर्वे के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों से मौके पर भी एक-एक करोड़ से अधिक नकदी बरामद हुई। फर्म संचालक इस बारे में कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए, लिहाजा रकम जब्त कर ली गई। इस धनराशि को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा कराया जाएगा। पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही अघोषित आय और कर चोरी का सही आंकड़ा सामने आएगा।
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दुलहीपुर संवाददाता के मुताबिक शुक्रवार की सुबह दस बजे सहायक निदेशक आयकर जीआर निर्वान और शुभम शर्मा नेे दलबल के साथ कोलमंडी स्थित अजय कोल ट्रेडर्स पर छापा मारा। अधिकारियों ने सभी कागजात कब्जे में ले लिए। दिन भर कागजों और कंप्यूटर की सघन जांच की गई। इस संबंध में डिपो संचालक अजय जैन ने बताया कि फर्म का लेनदेन कहीं से भी गलत नहीं है। सारे कार्य आनलाइन किए जा रहे हैं। उधर, सहायक निदेशक आयकर जीआर निर्वान ने बताया कि मामला आयकर से जुड़ा है। जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। जांच पूरी होने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
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