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आरक्षित वन क्षेत्र में सड़क बनाने वाले ग्राम प्रधान पर मुकदमा
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नौगढ़ में वनभूमि पर बनाई गई सड़क। संवाद
- फोटो : CHANDAULI
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नौगढ़। आरक्षित वन क्षेत्र में मनरेगा योजना से बिना एनओसी के नई सड़क का निर्माण कराए जाने पर वन विभाग ने बुधवार को ग्राम प्रधान बजरडीहा के विरुद्ध चकरघट्टा थाने में केस दर्ज कराया है। तहरीर के आधार पर पुलिस प्रधान के खिलाफ जांच में जुट गई है। काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के अंतर्गत मझगांई रेंज के चकरघट्टा बीट में मनरेगा योजना से रामपुर चिकनवा में ग्राम प्रधान ने सड़क बनवा दी। किसी ने सड़क बनाने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी तो सो रहे वन विभाग की तंद्रा टूटी। वन क्षेत्राधिकारी रिजवान खान ने ग्राम प्रधान के विरुद्ध थाने में तहरीर दे दी। वन विभाग की मानें तो सड़क निर्माण के लिए कई हरे पेड़ों को भी काटा गया है। वहीं प्राकृतिक वनस्पतियां नष्ट होने के साथ कई पेड़ जमींदोज हो गए हैं। वहीं आरोपी ग्राम प्रधान संजय यादव का कहना है कि रामपुर-चिकनवा में सड़क का निर्माण मनरेगा योजना से गांव सभा की भूमि पर कराया गया है। संयुक्त सीमांकन के लिए तहसीलदार को प्रार्थना पत्र भी दिया गया है। इसके बावजूद वन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है। वन क्षेत्राधिकारी इमरान खान का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान प्राकृतिक पौधे, हरे पेड़ भी मलबे में दब गए हैं। वहीं अन्य पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग को नहीं चला पता, बनती रही सड़क
सवाल यह उठता है कि आखिर बनाई जा रही नई सड़क पर मिट्टी डाले जाने के दौरान वन विभाग कहां था। इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अधिकारियों की डांट पड़ी तो साख बचाने के लिए केस दर्ज कराकर लीपापोती की जा रही है। इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर दिनेश सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। वनरक्षक प्रसिद्ध नारायण, वन दरोगा वीरेंद्र पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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वन विभाग को नहीं चला पता, बनती रही सड़क
सवाल यह उठता है कि आखिर बनाई जा रही नई सड़क पर मिट्टी डाले जाने के दौरान वन विभाग कहां था। इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अधिकारियों की डांट पड़ी तो साख बचाने के लिए केस दर्ज कराकर लीपापोती की जा रही है। इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर दिनेश सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। वनरक्षक प्रसिद्ध नारायण, वन दरोगा वीरेंद्र पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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