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अनुदान की बाट जोह रहे पटरी व्यवसायी
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अनुदान की बाट जोह रहे पटरी व्यवसायी
पीडीडीयू नगर। शहरी क्षेत्र में रह रहे गरीब पटरी व्यवसायियों समेत हलवाई, नाई, धोबी, मोची, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक आदि को प्रति परिवार एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा सीएम ने की थी। लेकिन, अब तक नगर के किसी भी पटरी व्यवसायी को अनुदान नहीं मिल सका है। नगर पालिका पीडीडीयू नगर सूचनाओं की फीडिंग का कार्य करने का दावा कर रहा है। पटरी व्यवसायी अनुदान की राह देख रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के तेज होते ही अप्रैल के अंत में प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके चलते समाज में रोज कमाने वाले पटरी व्यवसायियों समेत हलवाई, नाई, धोबी, मोची, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा चालकों समेत अन्य लोगों के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई। उनकी मदद के लिए सीएम ने प्रति परिवार एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन, घोषणा के बाद भी नगर पालिका की ओर ऐसे लोगों से जुड़ी सूचनाओं की फीडिंग का कार्य पूरा नहीं कर पाया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पालिका के अधिकारी सत्यापन जैसे कार्यों से बचने के लिए पालिका की ओर से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पंजीकृत पटरी व्यवसायियों के आंकड़े से ही काम चला रहे हैं। जबकि इसमें हलवाई, मोची, रिक्शा चालक, नाई, धोबी आदि वर्ग के लोगों के लाभ से वंचित रहने की आशंका है।
पीडीडीयू नगर । पिछले वर्ष आई कोरोना लहर में भी पटरी व्यवसायियों की मदद प्रदेश सरकार की ओर से की गई थी। इसके लिए पालिका की ओर से प्रचार प्रसार भी किया गया था। जबकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। कई कमजोर आय वर्ग के लोग अब तक इस लाभ के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं। संवाद
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शासन के निर्देश पर फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। पात्रों की फीडिंग का कार्य पूरा होते ही डीबीटी के तहत राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच जाएगी।
कृष्ण चंद्र, ईओ नगर पालिका पीडीडीयू नगर
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पीडीडीयू नगर। शहरी क्षेत्र में रह रहे गरीब पटरी व्यवसायियों समेत हलवाई, नाई, धोबी, मोची, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक आदि को प्रति परिवार एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा सीएम ने की थी। लेकिन, अब तक नगर के किसी भी पटरी व्यवसायी को अनुदान नहीं मिल सका है। नगर पालिका पीडीडीयू नगर सूचनाओं की फीडिंग का कार्य करने का दावा कर रहा है। पटरी व्यवसायी अनुदान की राह देख रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के तेज होते ही अप्रैल के अंत में प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके चलते समाज में रोज कमाने वाले पटरी व्यवसायियों समेत हलवाई, नाई, धोबी, मोची, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा चालकों समेत अन्य लोगों के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई। उनकी मदद के लिए सीएम ने प्रति परिवार एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन, घोषणा के बाद भी नगर पालिका की ओर ऐसे लोगों से जुड़ी सूचनाओं की फीडिंग का कार्य पूरा नहीं कर पाया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पालिका के अधिकारी सत्यापन जैसे कार्यों से बचने के लिए पालिका की ओर से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पंजीकृत पटरी व्यवसायियों के आंकड़े से ही काम चला रहे हैं। जबकि इसमें हलवाई, मोची, रिक्शा चालक, नाई, धोबी आदि वर्ग के लोगों के लाभ से वंचित रहने की आशंका है।
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पीडीडीयू नगर । पिछले वर्ष आई कोरोना लहर में भी पटरी व्यवसायियों की मदद प्रदेश सरकार की ओर से की गई थी। इसके लिए पालिका की ओर से प्रचार प्रसार भी किया गया था। जबकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। कई कमजोर आय वर्ग के लोग अब तक इस लाभ के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं। संवाद
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शासन के निर्देश पर फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। पात्रों की फीडिंग का कार्य पूरा होते ही डीबीटी के तहत राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच जाएगी।
कृष्ण चंद्र, ईओ नगर पालिका पीडीडीयू नगर