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रावण का पुतला जला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 24 Oct 2015 01:16 AM IST
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नगर सहित पूरे जिले में विजयादशमी का पर्व गुरुवार को धूम धाम से मनाया
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गया। विभिन्न स्थानों पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण का पुतला
भी भारी आतिशबाजी के बीज दहन किया गया।
इसके पूर्व राम और रावण की लीला का मचन किया गया। बाद में राम ने अग्निबाण छोड़ा जो रावण के नाभि में लगा और विशालकाय रावण धू धू कर जल उठा।
रावण के जलते ही उपस्थित हजारों लोगों ने श्रीराम के जयकारे लगाए।
सुबह लोगों ने स्नान ध्यान के बाद घरों में स्थापित मां दुर्गा के कलश को प्रणाम किया और कलश के नीचे की जौ की पत्तियों को कान पर रखा।
दशहरा के मौके पर जिले के विभिन्न स्थानों पर रावण का वध किया गया।
नगर के मानसनगर कालोनी में दुर्गा पूजा समिति की ओर से खेल मैदान में साठ फीट के रावण का पुतला बनाया गया। यहां रात में रामलीला का मंचन किया गया।
रामलीला और रावण वध देखने के लिए शाम से ही हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। रात दस बजे के करीब राम के बाण से रावण धू धू कर जल उठा। इसके साथ ही पूरा इलाका जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा।
इसी तरह समीपवर्ती अमोघपुर गांव में 62 फीट का रावण का पुतला जलाया गया। रावण वध देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। इसके पूर्व रावण वध स्थल पर मेला लगा। यहां खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी।
चकिया संवाददाता के अनुसार इलाके में काली जी के पोखरे पर धूम धाम से 62 फीट के रावण का पुतला जलाया गया। इसके पूर्व राम, लक्ष्मण की झांकी पूरे इलाके में घूूमी।
इसके बाद जयकारे के बीच रावण का पुतला दहन किया गया। इसी तरह सहदुल्लाहपुर तिराहे पर भरत मिलाप की लीला देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही।
कंदवां संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के अरंगी गांव में चल रही रामलीला में गुरुवार को रावण वध की लीला का मंचन किया गया। बाद में रावण का पुतला दहन किया गया।
दशहरा पर भी होती रही कटौती
इलिया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दशहरा के दिन गुरुवार को कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति के निर्देश के बावजूद दशहरे के दिन लोगों को मात्र तीन घंटे ही बिजली मिल पाई।
इससे लोगों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। आमदिनों में शहाबगंज उपकेंद्र से क्षेत्र में 1-15 मिनट से शाम आठ बजे तक और भोर में 4-15 से सुबह 9-15 तक बिजली आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित किया गया है लेकिन रोस्टर को ताख पर रखकर मनमाने ढंग से कटौती का जाती है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोगों को दशहरा के दिन निर्वाध आपूर्ति मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन बिजली की आंख मिचौली पूरे दिन जारी रही।
वहीं शाम के वक्त एक बार बिजली गुल हुई तो लोग इंतजार करते रह गए लेकिन पूरी रात बीत जाने के बाद भी बिजली के दर्शन नहीं हुए। इसके चलते लोग बिजली विभाग को कोसते नजर आए।
भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने चखा प्रसाद
सकलडीहा। स्थानीय रेलवे स्टेशन स्थित बाबा डगरिया सरकार मंदिर में प्रति वर्ष की तरह दशहरा पर आयोजित भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद चखा। इस दौरान पूरा इलाका जयकारा गूंजता रहा।
गुरुवार को दोपहर बाद शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान सैकड़ो भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेक अपनी मनोकामना पूर्ण होने के लिए आशीर्वाद भी लिया।
इसके बाद पुरूषों व महिलाओं को भंडारे का प्रसाद ग्रहण कराया।
बाबा के मंदिर में भक्तों के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा था। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद थी। कोई भी घटना न हो इसलिए शासन-प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था।
इसके पूर्व राम और रावण की लीला का मचन किया गया। बाद में राम ने अग्निबाण छोड़ा जो रावण के नाभि में लगा और विशालकाय रावण धू धू कर जल उठा।
रावण के जलते ही उपस्थित हजारों लोगों ने श्रीराम के जयकारे लगाए।
सुबह लोगों ने स्नान ध्यान के बाद घरों में स्थापित मां दुर्गा के कलश को प्रणाम किया और कलश के नीचे की जौ की पत्तियों को कान पर रखा।
दशहरा के मौके पर जिले के विभिन्न स्थानों पर रावण का वध किया गया।
नगर के मानसनगर कालोनी में दुर्गा पूजा समिति की ओर से खेल मैदान में साठ फीट के रावण का पुतला बनाया गया। यहां रात में रामलीला का मंचन किया गया।
रामलीला और रावण वध देखने के लिए शाम से ही हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। रात दस बजे के करीब राम के बाण से रावण धू धू कर जल उठा। इसके साथ ही पूरा इलाका जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा।
इसी तरह समीपवर्ती अमोघपुर गांव में 62 फीट का रावण का पुतला जलाया गया। रावण वध देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। इसके पूर्व रावण वध स्थल पर मेला लगा। यहां खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी।
चकिया संवाददाता के अनुसार इलाके में काली जी के पोखरे पर धूम धाम से 62 फीट के रावण का पुतला जलाया गया। इसके पूर्व राम, लक्ष्मण की झांकी पूरे इलाके में घूूमी।
इसके बाद जयकारे के बीच रावण का पुतला दहन किया गया। इसी तरह सहदुल्लाहपुर तिराहे पर भरत मिलाप की लीला देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही।
कंदवां संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के अरंगी गांव में चल रही रामलीला में गुरुवार को रावण वध की लीला का मंचन किया गया। बाद में रावण का पुतला दहन किया गया।
दशहरा पर भी होती रही कटौती
इलिया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दशहरा के दिन गुरुवार को कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति के निर्देश के बावजूद दशहरे के दिन लोगों को मात्र तीन घंटे ही बिजली मिल पाई।
इससे लोगों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। आमदिनों में शहाबगंज उपकेंद्र से क्षेत्र में 1-15 मिनट से शाम आठ बजे तक और भोर में 4-15 से सुबह 9-15 तक बिजली आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित किया गया है लेकिन रोस्टर को ताख पर रखकर मनमाने ढंग से कटौती का जाती है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोगों को दशहरा के दिन निर्वाध आपूर्ति मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन बिजली की आंख मिचौली पूरे दिन जारी रही।
वहीं शाम के वक्त एक बार बिजली गुल हुई तो लोग इंतजार करते रह गए लेकिन पूरी रात बीत जाने के बाद भी बिजली के दर्शन नहीं हुए। इसके चलते लोग बिजली विभाग को कोसते नजर आए।
भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने चखा प्रसाद
सकलडीहा। स्थानीय रेलवे स्टेशन स्थित बाबा डगरिया सरकार मंदिर में प्रति वर्ष की तरह दशहरा पर आयोजित भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद चखा। इस दौरान पूरा इलाका जयकारा गूंजता रहा।
गुरुवार को दोपहर बाद शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान सैकड़ो भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेक अपनी मनोकामना पूर्ण होने के लिए आशीर्वाद भी लिया।
इसके बाद पुरूषों व महिलाओं को भंडारे का प्रसाद ग्रहण कराया।
बाबा के मंदिर में भक्तों के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा था। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद थी। कोई भी घटना न हो इसलिए शासन-प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था।