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निर्मम हत्या: सड़क पर जुआ खेलने से रोका तो ईंट और लाठी से किया वार, सांसे उखड़ने तक पोखरे में डुबोया, अस्पताल ले जाते समय भी बाइक पर पीटा
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गर/बबुरी। थाना क्षेत्र के दिघवट गांव में दीपावली पर रविवार को सड़क पर जुआ खेलने से मना करने पर जुआरियों ने एक युवक को ईंट और लाठी से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। 19 वर्षीय युवक को लाठी-ईंट से पीटने के बाद आरोपियों ने उसे पोखरे में सांस थमने तक डुबोए रखा। परिजन उसे बाइक पर लादकर अस्पताल ले जाने लगे तो मनबढ़ों ने युवक पर लाठियां बरसाईं। अस्पताल में जाते ही चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमले में युवक का चचेरा भाई भी घायल हो गया। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इसमें से चार आरोपी पुलिस के गिरफ्त में है।
बबुरी थाना क्षेत्र के दिघवट गांव निवासी राजकुमार यादव के दो बेटा में बड़ा पुत्र प्रवीण यादव (19) अपने चचेरे भाई अजय यादव (23) के साथ दीपावली का दीया लेकर रविवार को गांव से दूर अपने जमीन पर रखने गया था। दोनो ने राइस मिल के पास जमीन पर दीया जलाया और उसके बाद गांव आ रहे थे। शिवमंदिर के पास सड़क पर 15 जुआरी जुआ खेल रहे थे। बाइक पर पीछे बैठे प्रवीण ने सड़क पर जुआ खेलने को लेकर टोका, जो जुआरियों को रास नहीं आई। मामला गाली-गलौज के बाद मारपीट में परिवर्तित हो गई। चचेरे भाई के मुताबिक गांव के आठ लोगों ने हम दोनो भाईयों को अलग कर दिया। प्रवीण को ईंट से सिर पर कई बार और शरीर पर लाठी से वार किया। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। गांव के रामाश्रय, अमन और रामाश्रय के पुत्र सुनील उसे पास के पोखरे में ले गए और पोखरे के पानी में तब तक डुबाये रखा जब तक उसकी सांसें नहीं उखड़ गईं। प्रवीण का शव पानी में तैरने लगा। शोर मचाने पर गांव के कुछ लोग आए और उसे बाइक पर अस्पताल ले जाने लगे। बाइक पर ले जाते समय भी मनबढ़ों ने प्रवीण के शरीर और सिर पर लाठी से कई बार वार किया। अस्पताल ले जाते ही चिकित्सक उसे मृत घोषित कर दिया। अजय यादव ने बताया कि मुझे भी वे लोग जान से मारना चाहते थे लेकिन मैं किसी तरह बच गया। मुझे भी पूरे शरीर में चोटें आई हैं।
बबुरी थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि चचेरे भाई अजय यादव की तहरीर पर दिघवट गांव निवासी रामाश्रय,अनिल, सुनील, धमेंद्र, दीपक, पप्पू, बोदल और अमन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें से अनिल, दीपक, पप्पू और बोदल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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02. डेढ़ वर्ष पुराना विवाद भी बना हत्या का कारण, प्रधान पर ललकारने का आरोप
-सड़क निर्माण के दौरान प्रवीण और प्रधान से हुई थी नोंकझोंक
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। बबुरी थाना क्षेत्र के दिघवट गांव में लाठी और ईंट से पीटकर और पोखरे में डुबाकर युवक की निर्मम हत्या को लेकर क्षेत्र में माहौल गर्म है। सबके जेहन में बस यही सवाल है कि आखिर जुआ खेलने से रोकने पर कोई किसी की इतनी निर्मम हत्या कैसे कर सकता है। जरूर कुछ न कुछ पहले का रहा होगा। प्रवीण के साथ मौके पर रहे उसके चचेरे भाई अजय यादव ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले ग्राम प्रधान से सड़क निर्माण के दौरान प्रवीण की नोंकझोंक और विवाद हुआ था।
चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की भी इस हत्या के साजिश में मिलीभगत थी। जब लोग प्रवीण को लाठी और डंडे से पीट रहे थे तो थोड़ी दूरी पर खड़ा ग्राम प्रधान भी उन्हें और मारने को कह रहा था। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रधान वहां मौजूद रहा और आरोपियों से कहता रहा कि तुमलोग मारो, मैं सबकुछ देख लूंगा। अजय ने बताया कि शायद डेढ़ वर्ष पहले प्रधान द्वारा सड़क निर्माण में लापरवाही को लेकर प्रवीण के टोकने का खुन्नस निकाला गया और उसकी हत्या कर दी गई।
03.मेरे लाल ने क्या बिगाड़ा था़
पीडीडीयू नगर। पिता प्रवीण की मौत से पिता राजकुमार यादव बेसुध हो गए। उनकी आंखों में आंसू सूख गए। जब भी वह होश में आए उनकी जुबां से एक ही वाक्य निकल रहा था। मेरे लाल ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उसको क्यों मार दिया। पिता के मुताबिक दो पुत्रों और एक पुत्री में सबसे बड़ा था। कुछ दिन पहले ही पढ़ाई छोड़कर घर के कामों में हाथ बंटाता था। घर का बड़ा बेटा होने की वजह से उसपर जिम्मेदारियां भी ज्यादा थीं। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट चुका है। तीन दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला है। सभी को बस पुलिस से न्याय की उम्मीद है। संवाद
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बबुरी थाना क्षेत्र के दिघवट गांव निवासी राजकुमार यादव के दो बेटा में बड़ा पुत्र प्रवीण यादव (19) अपने चचेरे भाई अजय यादव (23) के साथ दीपावली का दीया लेकर रविवार को गांव से दूर अपने जमीन पर रखने गया था। दोनो ने राइस मिल के पास जमीन पर दीया जलाया और उसके बाद गांव आ रहे थे। शिवमंदिर के पास सड़क पर 15 जुआरी जुआ खेल रहे थे। बाइक पर पीछे बैठे प्रवीण ने सड़क पर जुआ खेलने को लेकर टोका, जो जुआरियों को रास नहीं आई। मामला गाली-गलौज के बाद मारपीट में परिवर्तित हो गई। चचेरे भाई के मुताबिक गांव के आठ लोगों ने हम दोनो भाईयों को अलग कर दिया। प्रवीण को ईंट से सिर पर कई बार और शरीर पर लाठी से वार किया। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। गांव के रामाश्रय, अमन और रामाश्रय के पुत्र सुनील उसे पास के पोखरे में ले गए और पोखरे के पानी में तब तक डुबाये रखा जब तक उसकी सांसें नहीं उखड़ गईं। प्रवीण का शव पानी में तैरने लगा। शोर मचाने पर गांव के कुछ लोग आए और उसे बाइक पर अस्पताल ले जाने लगे। बाइक पर ले जाते समय भी मनबढ़ों ने प्रवीण के शरीर और सिर पर लाठी से कई बार वार किया। अस्पताल ले जाते ही चिकित्सक उसे मृत घोषित कर दिया। अजय यादव ने बताया कि मुझे भी वे लोग जान से मारना चाहते थे लेकिन मैं किसी तरह बच गया। मुझे भी पूरे शरीर में चोटें आई हैं।
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बबुरी थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि चचेरे भाई अजय यादव की तहरीर पर दिघवट गांव निवासी रामाश्रय,अनिल, सुनील, धमेंद्र, दीपक, पप्पू, बोदल और अमन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें से अनिल, दीपक, पप्पू और बोदल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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02. डेढ़ वर्ष पुराना विवाद भी बना हत्या का कारण, प्रधान पर ललकारने का आरोप
-सड़क निर्माण के दौरान प्रवीण और प्रधान से हुई थी नोंकझोंक
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। बबुरी थाना क्षेत्र के दिघवट गांव में लाठी और ईंट से पीटकर और पोखरे में डुबाकर युवक की निर्मम हत्या को लेकर क्षेत्र में माहौल गर्म है। सबके जेहन में बस यही सवाल है कि आखिर जुआ खेलने से रोकने पर कोई किसी की इतनी निर्मम हत्या कैसे कर सकता है। जरूर कुछ न कुछ पहले का रहा होगा। प्रवीण के साथ मौके पर रहे उसके चचेरे भाई अजय यादव ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले ग्राम प्रधान से सड़क निर्माण के दौरान प्रवीण की नोंकझोंक और विवाद हुआ था।
चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान की भी इस हत्या के साजिश में मिलीभगत थी। जब लोग प्रवीण को लाठी और डंडे से पीट रहे थे तो थोड़ी दूरी पर खड़ा ग्राम प्रधान भी उन्हें और मारने को कह रहा था। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रधान वहां मौजूद रहा और आरोपियों से कहता रहा कि तुमलोग मारो, मैं सबकुछ देख लूंगा। अजय ने बताया कि शायद डेढ़ वर्ष पहले प्रधान द्वारा सड़क निर्माण में लापरवाही को लेकर प्रवीण के टोकने का खुन्नस निकाला गया और उसकी हत्या कर दी गई।
03.मेरे लाल ने क्या बिगाड़ा था़
पीडीडीयू नगर। पिता प्रवीण की मौत से पिता राजकुमार यादव बेसुध हो गए। उनकी आंखों में आंसू सूख गए। जब भी वह होश में आए उनकी जुबां से एक ही वाक्य निकल रहा था। मेरे लाल ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उसको क्यों मार दिया। पिता के मुताबिक दो पुत्रों और एक पुत्री में सबसे बड़ा था। कुछ दिन पहले ही पढ़ाई छोड़कर घर के कामों में हाथ बंटाता था। घर का बड़ा बेटा होने की वजह से उसपर जिम्मेदारियां भी ज्यादा थीं। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट चुका है। तीन दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला है। सभी को बस पुलिस से न्याय की उम्मीद है। संवाद