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Chandauli News: बाहर करानी पड़ती है खून की जांच और अल्ट्रासाउंड
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चंदौली। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग में सारी सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी मरीजों को खून की जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर भेजा जाता है। यही नहीं, 50 से ज्यादा मरीजों को रोज रेफर कर दिया जाता है।
चंदौली स्थित पं. कमलापति त्रिपाठी अस्पताल परिसर में बच्चों और महिलाओं के इलाज के लिए मातृ शिशु विंग की स्थापना की गई है। यहां ओपीडी में रोज 200 मरीज आते हैं। पंजीकरण के साथ परामर्श तो निशुल्क मिलता होता है लेकिन जांच के लिए मरीजों को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। एक मरीज के तीमारदार कल्लू प्रसाद ने कहा कि यहां सारी सुविधाएं होने के बावजूद गर्भवती महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। यही नहीं, अल्ट्रासाउंड और खून की जांच भी नहीं हो पाती है। अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
कोट-- -- -- -- --
एमसीएच विंग में भर्ती होने वाले मरीजों को जांच समेत सभी सुविधाएं मिलती हैं। ओपीडी के मरीजों की जांच की सुविधा बढ़ाने के लिए शासन से मांग की गई है। - डाॅ. केसी सिंह, सीएमएस, मातृ शिशु विंग, चंदौली
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चंदौली स्थित पं. कमलापति त्रिपाठी अस्पताल परिसर में बच्चों और महिलाओं के इलाज के लिए मातृ शिशु विंग की स्थापना की गई है। यहां ओपीडी में रोज 200 मरीज आते हैं। पंजीकरण के साथ परामर्श तो निशुल्क मिलता होता है लेकिन जांच के लिए मरीजों को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। एक मरीज के तीमारदार कल्लू प्रसाद ने कहा कि यहां सारी सुविधाएं होने के बावजूद गर्भवती महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। यही नहीं, अल्ट्रासाउंड और खून की जांच भी नहीं हो पाती है। अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
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कोट
एमसीएच विंग में भर्ती होने वाले मरीजों को जांच समेत सभी सुविधाएं मिलती हैं। ओपीडी के मरीजों की जांच की सुविधा बढ़ाने के लिए शासन से मांग की गई है। - डाॅ. केसी सिंह, सीएमएस, मातृ शिशु विंग, चंदौली
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