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नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों में रोष
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ताराजीवनपुर । धान की नर्सरी डालने का समय आने के बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की नर्सरी डालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर किसानों में नाराजगी है।
धान का कटोरा कहे जाने वाले जनपद में किसान अब नर्सरी डालने के समय पानी के लिए तरस रहे है। जबकि धान की नर्सरी डालने का उचित समय मध्य जून तक होता है। जनपद की माइनरें पानी के अभाव में अभी सूखी पड़ी है। जिसके कारण किसानों को धान की नर्सरी डालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को जनपद में हुई हल्की बरसात से तो किसानों के चेहरे खिले लेकिन बृहस्पतिवार को एक बार फिर तीखी धूप से उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। इसके साथ ही अभी तक माइनरों की साफ सफाई नहीं होने से भी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसको लेकर चंद्रशेखर सिंह, सत्यपाल सिंह, सुरेंद्र यादव, रामनगीना शर्मा, परशुराम विश्वकर्मा, दशरथ यादव, रघुनाथ सिंह ने इसको लेकर आक्रोश व्यक्त किया है।
रिपोर्ट - अजीत यादव
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धान का कटोरा कहे जाने वाले जनपद में किसान अब नर्सरी डालने के समय पानी के लिए तरस रहे है। जबकि धान की नर्सरी डालने का उचित समय मध्य जून तक होता है। जनपद की माइनरें पानी के अभाव में अभी सूखी पड़ी है। जिसके कारण किसानों को धान की नर्सरी डालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को जनपद में हुई हल्की बरसात से तो किसानों के चेहरे खिले लेकिन बृहस्पतिवार को एक बार फिर तीखी धूप से उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। इसके साथ ही अभी तक माइनरों की साफ सफाई नहीं होने से भी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसको लेकर चंद्रशेखर सिंह, सत्यपाल सिंह, सुरेंद्र यादव, रामनगीना शर्मा, परशुराम विश्वकर्मा, दशरथ यादव, रघुनाथ सिंह ने इसको लेकर आक्रोश व्यक्त किया है।
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रिपोर्ट - अजीत यादव