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पुरानी पेंशन योजना के लिए प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:49 AM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों व
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शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने मंगलवार को पुरानी पेंशन योजना को लागू करने व
समूह ‘घ’ की नियुक्ति पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर
प्रदर्शन किया।
इस दौरान शिक्षक सदर ब्लाक परिसर से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामानन्द सिंह ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी अप्रैल 2005 से पेंशन से वंचित हैं। इन कर्मचारियों का जीपीएफ भी नहीं कट रहा है, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों व कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
एक अप्रैल 2005 से प्रदेश में नवीन पेंशन योजना लागू की गयी है। दस वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रदेश के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी पेंशन योजना से वंचित हैं।
प्रदेश के शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह उम्मीद है कि वह शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेंगे और नई पेंशन नीति को समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल करेंगे।
उन्होंने कहा कि नवीन पेंशन योजना पूरे देश में फ्लाप हो चुकी है। इस योजना से शिक्षक व कर्मचारियों के परिवार कुंठा के शिकार हैं।
2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रदेश के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाया था कि सरकार बनने पर पुरानी पेंशन नीति को पुन: बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मांग किया कि नवीन पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए। इस अवसर पर मंगला सिंह, वीरेंद्र प्रताप तिवारी, शमशेर, ओमप्रकाश, रामविलास, वीरेंद्र सिंह, त्रिभुवन नारायण, संत सेवक सिंह आदि रहे।
इस दौरान शिक्षक सदर ब्लाक परिसर से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामानन्द सिंह ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी अप्रैल 2005 से पेंशन से वंचित हैं। इन कर्मचारियों का जीपीएफ भी नहीं कट रहा है, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों व कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
एक अप्रैल 2005 से प्रदेश में नवीन पेंशन योजना लागू की गयी है। दस वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रदेश के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी पेंशन योजना से वंचित हैं।
प्रदेश के शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह उम्मीद है कि वह शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेंगे और नई पेंशन नीति को समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल करेंगे।
उन्होंने कहा कि नवीन पेंशन योजना पूरे देश में फ्लाप हो चुकी है। इस योजना से शिक्षक व कर्मचारियों के परिवार कुंठा के शिकार हैं।
2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रदेश के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाया था कि सरकार बनने पर पुरानी पेंशन नीति को पुन: बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मांग किया कि नवीन पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए। इस अवसर पर मंगला सिंह, वीरेंद्र प्रताप तिवारी, शमशेर, ओमप्रकाश, रामविलास, वीरेंद्र सिंह, त्रिभुवन नारायण, संत सेवक सिंह आदि रहे।