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Chandauli News: जिला अस्पताल के बाहर सक्रिय दलाल, मरीजों से हो रही ठगी

Mon, 08 Sep 2025 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:27 AM IST
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Agents are active outside the district hospital, patients are being cheated
चंदौली ​स्थित जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक। संवाद
चंदौली। पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय समेत जनपद के विभिन्न सरकारी अस्पतालों के बाहर फर्जी अस्पतालों के दलालों का जमावड़ा आम बात हो गई है। ये दलाल आए दिन मरीजों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर अवैध अस्पतालों में भर्ती करा देते हैं, जहां दवा और इलाज के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूले जाते हैं। जिला अस्पताल और सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की इमरजेंसी में पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों को गंभीर स्थिति में बीएचयू रेफर किया जाता है। इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर दलाल मरीजों को झांसा देकर निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कुछ पर मुकदमे भी दर्ज हैं।
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जनपद की लगभग 21 लाख से अधिक आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए यहां दो जिला अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों में रोजाना इमरजेंसी में करीब 80 से अधिक मरीज आते हैं, जिनमें 15 से ज्यादा को भर्ती किया जाता है। गंभीर मरीजों को वाराणसी रेफर करना पड़ता है। इसी बीच कुछ मरीज और उनके परिजन दलालों के झांसे में फंस जाते हैं और अवैध अस्पतालों तक पहुंचा दिए जाते हैं।
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आर्थिक दोहन का शिकार होते मरीज
कई बार देखा गया है कि गंभीर मरीजों को फर्जी निजी अस्पतालों में भर्ती करवा दिया जाता है, जहां इलाज का खर्च जरूरत से कहीं ज्यादा वसूला जाता है। कई परिवार कर्ज में डूब जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि मरीज और तीमारदार खुद सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोजाना 15 से 20 गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है और जरूरत पड़ने पर ही उन्हें वाराणसी रेफर किया जाता है। बेहतर इलाज के लिए मरीजों को रेफर किया जाता है, लेकिन इस दौरान दलाल सक्रिय हो जाते हैं। तीमारदारों को सतर्क रहने की जरूरत है।
— डॉ. अजय कुमार सिंह, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, पंडित कमलापति संयुक्त जिला चिकित्सालय, चंदौली
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