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Chandauli News: गोधन कूट कर भाई को लगाया तिलक, लंबी उम्र की कामना की
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पीडीडीयू नगर के कसाब महाल में गोधन पूजा करती महिलाएं। संवाद
- फोटो : रेउसा क्षेत्र में वृद्ध महिला का चश्मा देखते एसओ हनुमंत लाल तिवारी।
जिले में कुछ स्थानों पर महिलाओं ने बुधवार को भैया दूज का त्योहार मनाया। महिलाओं ने गोबर से बने गोधन को कूूटा, भाइयों को तिलक लगाया और उनके लंबी उम्र की कामना की। अधिकर स्थानों पर बृहस्पतिवार को गोधन कूटा जाएगा।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली चतुर्दशी तिथि को ही मना ली गई। मंगलवार को भी स्नान ध्यान की अमावस्या तिथि रही। बुधवार को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और बृहस्पतिवार को द्वितीया तिथि है।
वहीं दीपावली के बाद एक दिन छोड़कर दूसरे दिन भैया दूज मनाने की परंपरा के तहत कई स्थानों पर महिलाओं ने गोधन कूटा। नगर के काली महाल, चतुर्भुजपुर, लाठ नंबर दो, रविनगर सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने गोबर से गोधन का निर्माण किया।
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इसमें यम, यमी, गोवर्धन पर्वत आदि की आकृति बनाई। इसके बाद नए ईंट को रखा। इसके बाद गीत गाते हुए महिलाओं ने उसे कूटा। इसके पूर्व महिलाओं ने अपने भाई को शाप दिया और फिर जीभ में कांटा चुभोकर पश्चाताप किया।
गोधन कूटने के बाद प्रसाद के रूप में चना, नारियल, मिठाई आदि भाई को खिलाई। भाई के माथा पर टीका लगाकर लंबी उम्र की कामना की। राजदरी, चहनिया, टांडाकला, दुलहीपुर, पड़ाव, नियामताबाद, बबुरी, चकिया, नौगढ़, शहाबगंज, इलिया, चंदौली, धानापुर, सकलडीहा इलाके में भी कुछ स्थानों पर भैया दूज का पर्व धूम धाम से मनाया गया।
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कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली चतुर्दशी तिथि को ही मना ली गई। मंगलवार को भी स्नान ध्यान की अमावस्या तिथि रही। बुधवार को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और बृहस्पतिवार को द्वितीया तिथि है।
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वहीं दीपावली के बाद एक दिन छोड़कर दूसरे दिन भैया दूज मनाने की परंपरा के तहत कई स्थानों पर महिलाओं ने गोधन कूटा। नगर के काली महाल, चतुर्भुजपुर, लाठ नंबर दो, रविनगर सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने गोबर से गोधन का निर्माण किया।
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इसमें यम, यमी, गोवर्धन पर्वत आदि की आकृति बनाई। इसके बाद नए ईंट को रखा। इसके बाद गीत गाते हुए महिलाओं ने उसे कूटा। इसके पूर्व महिलाओं ने अपने भाई को शाप दिया और फिर जीभ में कांटा चुभोकर पश्चाताप किया।
गोधन कूटने के बाद प्रसाद के रूप में चना, नारियल, मिठाई आदि भाई को खिलाई। भाई के माथा पर टीका लगाकर लंबी उम्र की कामना की। राजदरी, चहनिया, टांडाकला, दुलहीपुर, पड़ाव, नियामताबाद, बबुरी, चकिया, नौगढ़, शहाबगंज, इलिया, चंदौली, धानापुर, सकलडीहा इलाके में भी कुछ स्थानों पर भैया दूज का पर्व धूम धाम से मनाया गया।