चकिया कोतवाली क्षेत्र के जोगिया कला गांव में शुक्रवार की देर रात घर के बाहर मड़ई में सो रहे किसान बृजेश यादव की गर्दन, सीने और हाथ पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह खून से लथपथ शव देख ग्रामीणों ने उनकी पत्नी को सूचना दी। बृजेश की पत्नी दो बच्चों के साथ एक सप्ताह से मायके में थी। घटना का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि जोगिया कला गांव निवासी रामचंद्र यादव के तीन बेटों में बृजेश यादव उर्फ बेचई यादव (34) बीच के थे। उनकी की शादी 18 वर्ष पहले चकिया थाना क्षेत्र के ही पुरानाडीह निवासी रेखा से हुई थी। दोनों के एक 8 वर्ष के बेटे चिरंजीव और 7 वर्ष की बेटी सोनी है। बृजेश अपने परिवार के साथ गांव में रहकर खेती और पशुपालन का कार्य करता था। करीब आठ वर्ष बंटवारे के बाद बृजेश और उसके दोनों भाई अलग-अलग रह रहे थे। एक सप्ताह पूर्व बृजेश की पत्नी रेखा अपने दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके पुरानाडीह गई थी। ग्रामीणों के अनुसार घटना की रात बृजेश प्रतिदिन की तरह भोजन करने के बाद अपने कच्चे मकान के बाहर बने मड़ई में सोने चला गया था। शनिवार सुबह जब गांव के लोग दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले तो मड़ई में बृजेश का शव खून से लथपथ देखा। उसके गले और शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से किए गए वार के निशान थे। गांव के लोगों का कहना है कि बृजेश का किसी से कोई विशेष विवाद या दुश्मनी नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही सीओ रघुराज तथा कोतवाल अर्जुन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मृतक की पत्नी, परिजनों और ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की। घटना से जुड़े तथ्यों को खंगालने का प्रयास किया। पुलिस पारिवारिक विवाद, आपसी रंजिश विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। संवाद