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नशा मुक्त समाज की परिकल्पना संभव
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2015 02:01 AM IST
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समिति उत्तर प्रदेश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्दौली के संयुक्त
तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस पर आयोजित कार्यशाला को
सम्बोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश डा0 एन0के0 बहल ने कहा कि नशा मुक्त समाज
की परिकल्पना तभी संभव होगी जब समाज के महिला व पुरूष दोनों इसके खिलाफ
खड़े होगें।
जिसका सेवन करने से तम्बाकू सेवन का परित्याग किया जा सकता है। वहीं बताया कि आज के परिवेश में नवयुवक इससे काफी प्रभावित हो जा रहे हैं। जो अपने जीवन के साथ सामाजिक स्तर को समाप्त कर ले रहे हैं। इन नवयुवकों के जीवन व भविष्य बचाने को बचाने के लिए घर से ही शुरूआत होनी चाहिए।
इसमें समाज के सभी वर्गों का पहल जरूरी है। वहीं कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आदित्य चतुर्वेदी ने कहा कि ध्रुमपान निषेध तभी कारगर साबित होगा, जब देश व समाज के हर नागरिक स्वयं इसके सेवन का परित्याग करने का संकल्प लें।
वहीं माननीय अपर जनपद न्यायाधीश श्रीकृष्ण यादव ने कहा कि गांव, कस्बों के साथ शहराें में योग सिखाकर भी तम्बाकू का प्रयोग समाज से कम किया जा सकता है। वहीं अपर सिविल जज(जूनियर डिविजन) अवीनाश कुमार सिंह ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है कि अब तम्बाकू व सिगरेट के पैकेट बिल्कुल प्लेन होगें। यह जल्द देखने को मिलेगा।
कार्यशाला का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश द्वारा अखण्ड ज्योति जलाकर किया गया। वहीं गायत्री परिवार से आये रामजनम सिंह व जितेन्द्र प्रसाद अपने साथियों के साथ नशा निषेध पर संगीत मय गीत प्रस्तुत कर कार्यशाला में आये लोगों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के अन्त में आयोजक ट्रस्ट मंडल की ओर से जनपद न्यायाधीश सहित अन्य को स्मृति चिन्ह के साथ अंगवस्त्र भेंट किया गया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी जितेन्द्र मोहन सिंह,प्राचार्य डा0कृष्णलाल, वरिष्ठ अधिवक्ता दरोगा सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह एड., सुरेन्द्रकांत मिश्र एड., गुलाब सिंह एड.,राधेश्याम पाण्डेय, एमएम रहमान के अलावा स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग से डा0 मनीष जायसवाल, डा0 उपेन्द्र, जयनारायण यादव, सहित आशा, एएनएम, आगनवाड़ी कार्यकर्तीयां उपस्थित रहीं।
कार्यशाला की अध्यक्षता अरूण कुमार एड. व संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत पाण्डेय ने किया।
जिसका सेवन करने से तम्बाकू सेवन का परित्याग किया जा सकता है। वहीं बताया कि आज के परिवेश में नवयुवक इससे काफी प्रभावित हो जा रहे हैं। जो अपने जीवन के साथ सामाजिक स्तर को समाप्त कर ले रहे हैं। इन नवयुवकों के जीवन व भविष्य बचाने को बचाने के लिए घर से ही शुरूआत होनी चाहिए।
इसमें समाज के सभी वर्गों का पहल जरूरी है। वहीं कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आदित्य चतुर्वेदी ने कहा कि ध्रुमपान निषेध तभी कारगर साबित होगा, जब देश व समाज के हर नागरिक स्वयं इसके सेवन का परित्याग करने का संकल्प लें।
वहीं माननीय अपर जनपद न्यायाधीश श्रीकृष्ण यादव ने कहा कि गांव, कस्बों के साथ शहराें में योग सिखाकर भी तम्बाकू का प्रयोग समाज से कम किया जा सकता है। वहीं अपर सिविल जज(जूनियर डिविजन) अवीनाश कुमार सिंह ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है कि अब तम्बाकू व सिगरेट के पैकेट बिल्कुल प्लेन होगें। यह जल्द देखने को मिलेगा।
कार्यशाला का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश द्वारा अखण्ड ज्योति जलाकर किया गया। वहीं गायत्री परिवार से आये रामजनम सिंह व जितेन्द्र प्रसाद अपने साथियों के साथ नशा निषेध पर संगीत मय गीत प्रस्तुत कर कार्यशाला में आये लोगों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के अन्त में आयोजक ट्रस्ट मंडल की ओर से जनपद न्यायाधीश सहित अन्य को स्मृति चिन्ह के साथ अंगवस्त्र भेंट किया गया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी जितेन्द्र मोहन सिंह,प्राचार्य डा0कृष्णलाल, वरिष्ठ अधिवक्ता दरोगा सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह एड., सुरेन्द्रकांत मिश्र एड., गुलाब सिंह एड.,राधेश्याम पाण्डेय, एमएम रहमान के अलावा स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग से डा0 मनीष जायसवाल, डा0 उपेन्द्र, जयनारायण यादव, सहित आशा, एएनएम, आगनवाड़ी कार्यकर्तीयां उपस्थित रहीं।
कार्यशाला की अध्यक्षता अरूण कुमार एड. व संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत पाण्डेय ने किया।