{"_id":"58-107898","slug":"Chandauli-107898-58","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क जाम कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज, छह जख्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क जाम कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज, छह जख्मी
Chandauli
Updated Fri, 13 Sep 2013 05:36 AM IST
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चकिया। सिंचाई के लिए पानी के सवाल को लेकर चकिया क्षेत्र के सिकंदरपुर तिराहे के समीप गुरुवार को दोपहर करीब 11 बजे सड़क जाम कर रहे किसानों को पुलिस ने गुरुवार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जिससे आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। किसान लेफ्ट पथरहवा माइनर में पानी न आने से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। जाम के चलते लगभग 45 मिनट तक आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस के लाठीचार्ज से किसानों में गुस्सा है और संबंधित गांवों में तनाव व्याप्त है।
गौरतलब है कि मुजफ्फर बीयर से निकली चंद्रावती नाले के हेड पर चेकडैम बना दिए जाने से नाले के पानी को रोककर बनाए गए पथरहवा बीयर से निकली नहरें लेफ्ट तथा राइट पथरहवा में पानी का प्रवाह घट गया है। इससे टेल पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लेफ्ट पथरहवा माइनर में पानी न आने से सोनहुल, रसूलपुर, तिलौरी, अमरा, भरेहटा, बिजड़ार, गोल्हियां, सुखदेवपुर, बढ़वल, करम चक गांवों की धान की फसल सूख रही है।
इससे नाराज सैकड़ों किसानों ने गुरुवार को सिकंदरपुर मोड़ के पास चकिया-मुगलसराय मार्ग पर जाम लगाकर धरना आरंभ कर दिया। किसानों ने कहा कि नहर में पानी न आने से उन्हें निजी संसाधनों से रोपाई करनी पड़ी है। अब तक पानी न मिलने से फसल सूख रही है। जिससे उनकी करोड़ों के फसल की क्षति हो सकती है। किसान मौके पर उप जिलाधिकारी को बुलाने तथा सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग कर रहे थे। इस बीच सड़क जाम होने की वजह से सीओ भी फंसे थे। सड़क जाम होने की सूचना पर कोतवाल एके सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय शुक्ला, केदार यादव, एसआई सत्येंद्र विक्रम सिंह, भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और आरोप है कि बिना किसानों को चेतावनी दिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर किसानों व राहगीरों को पीटना शुरू कर दिया। पुलिस की पिटाई से छन्नू, सुरेंद्र तथा राहगीर विठवल निवासी विजय, सिकंदरपुर क्षेत्र निवासी राजू, संदीप घायल हो गए। वहीं कई अन्य किसानों को भी चोटें आईं हैं। जिनका नाम पता नहीं चल पाया। पुलिस के डर से किसान अपना नाम बताने तथा मुंह खोलने से परहेज कर रहे हैं।
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इनसेट
प्रतिबंधित है चक्काजाम
इस संबंध में कोतवाल एके सिंह का कहना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने चक्काजाम को प्रतिबंधित कर रखा है तथा जिले में धारा 144 लागू है। इस कारण किसानों को हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ दिया गया। उन्होंने सड़क जाम को गैरकानूनी बताया।
इनसेट
चकिया में पहली बार हुआ लाठीचार्ज
संबंधित गांवों के किसानों में भारी गुस्सा है तथा गांवों में तनावपूर्ण खामोशी है। किसानों का कहना है कि चकिया क्षेत्र में आंदोलनकारी किसानों पर यह लाठीचार्ज पहला प्रशासनिक हमला है।
इनसेट
किसान संगठनों ने की निंदा
पुलिस द्वारा सिंचाई के लिए पानी की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज की घटना पर आईपीएफ के अजय राय, सीपीएम के लालचंद्र एड. माकपा के शुकदेव मिश्र ने निंदा की है। वहीं जिला पंचायत सदस्य डा. प्रदीप मौर्य ने कहा कि हक की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज अमानवीय घटना है। इसकी शिकायत शासन-प्रशासन स्तर पर की जाएगी।
इनसेट
एक हजार बीघा खेत की सिंचाई प्रभावित
लेफ्ट पथरहवा माइनर से पानी नहीं मिलने की वजह से टेल (अंतिम छोर) के लगभग एक दर्जन गांवों के एक हजार बीघा खेत की सिंचाई प्रभावित हो गई है। शुरू में धान की फसल किसानों ने अपने निजी संसाधनों से रोपी थी। अब पानी नहीं मिलने से किसानों की लागत दांव पर लगी है। फसल सूखने से साढ़े चौदह हजार कुंतल धान की फसल को नुकसान का खतरा है तथा किसानों को अनुमानित डेढ़ करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है।
इनसेट
चक्काजाम करने वालों पर मुकदमा दर्ज
चकिया। पानी न मिलने से सिकंदरपुर मोड़ पर चक्काजाम कर रहे किसानों पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें 16 किसानों पर नामजद तथा 150 अज्ञात किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल एके सिंह के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशोें के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
खेती की समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे किसान
चकिया। खेती किसानों की समस्याओं को लेकर किसान संगठन तथा किसान हमेशा आंदोलन करते रहे हैं। खाद न मिलने की समस्या हो या फिर बीज की अनुपलब्धता हो या डीजल के भावों में बढ़ोत्तरी हो या फिर पानी न मिलने का मामला हो किसान अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर बराबर आंदोलन करते रहे हैं। लेकिन चकिया के किसानों के प्रतिरोध को कुचलने का यह पहली बार प्रयास किया गया है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
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गौरतलब है कि मुजफ्फर बीयर से निकली चंद्रावती नाले के हेड पर चेकडैम बना दिए जाने से नाले के पानी को रोककर बनाए गए पथरहवा बीयर से निकली नहरें लेफ्ट तथा राइट पथरहवा में पानी का प्रवाह घट गया है। इससे टेल पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लेफ्ट पथरहवा माइनर में पानी न आने से सोनहुल, रसूलपुर, तिलौरी, अमरा, भरेहटा, बिजड़ार, गोल्हियां, सुखदेवपुर, बढ़वल, करम चक गांवों की धान की फसल सूख रही है।
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इससे नाराज सैकड़ों किसानों ने गुरुवार को सिकंदरपुर मोड़ के पास चकिया-मुगलसराय मार्ग पर जाम लगाकर धरना आरंभ कर दिया। किसानों ने कहा कि नहर में पानी न आने से उन्हें निजी संसाधनों से रोपाई करनी पड़ी है। अब तक पानी न मिलने से फसल सूख रही है। जिससे उनकी करोड़ों के फसल की क्षति हो सकती है। किसान मौके पर उप जिलाधिकारी को बुलाने तथा सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग कर रहे थे। इस बीच सड़क जाम होने की वजह से सीओ भी फंसे थे। सड़क जाम होने की सूचना पर कोतवाल एके सिंह, चौकी इंचार्ज अक्षय शुक्ला, केदार यादव, एसआई सत्येंद्र विक्रम सिंह, भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और आरोप है कि बिना किसानों को चेतावनी दिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर किसानों व राहगीरों को पीटना शुरू कर दिया। पुलिस की पिटाई से छन्नू, सुरेंद्र तथा राहगीर विठवल निवासी विजय, सिकंदरपुर क्षेत्र निवासी राजू, संदीप घायल हो गए। वहीं कई अन्य किसानों को भी चोटें आईं हैं। जिनका नाम पता नहीं चल पाया। पुलिस के डर से किसान अपना नाम बताने तथा मुंह खोलने से परहेज कर रहे हैं।
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प्रतिबंधित है चक्काजाम
इस संबंध में कोतवाल एके सिंह का कहना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने चक्काजाम को प्रतिबंधित कर रखा है तथा जिले में धारा 144 लागू है। इस कारण किसानों को हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ दिया गया। उन्होंने सड़क जाम को गैरकानूनी बताया।
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चकिया में पहली बार हुआ लाठीचार्ज
संबंधित गांवों के किसानों में भारी गुस्सा है तथा गांवों में तनावपूर्ण खामोशी है। किसानों का कहना है कि चकिया क्षेत्र में आंदोलनकारी किसानों पर यह लाठीचार्ज पहला प्रशासनिक हमला है।
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किसान संगठनों ने की निंदा
पुलिस द्वारा सिंचाई के लिए पानी की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज की घटना पर आईपीएफ के अजय राय, सीपीएम के लालचंद्र एड. माकपा के शुकदेव मिश्र ने निंदा की है। वहीं जिला पंचायत सदस्य डा. प्रदीप मौर्य ने कहा कि हक की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज अमानवीय घटना है। इसकी शिकायत शासन-प्रशासन स्तर पर की जाएगी।
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एक हजार बीघा खेत की सिंचाई प्रभावित
लेफ्ट पथरहवा माइनर से पानी नहीं मिलने की वजह से टेल (अंतिम छोर) के लगभग एक दर्जन गांवों के एक हजार बीघा खेत की सिंचाई प्रभावित हो गई है। शुरू में धान की फसल किसानों ने अपने निजी संसाधनों से रोपी थी। अब पानी नहीं मिलने से किसानों की लागत दांव पर लगी है। फसल सूखने से साढ़े चौदह हजार कुंतल धान की फसल को नुकसान का खतरा है तथा किसानों को अनुमानित डेढ़ करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है।
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चक्काजाम करने वालों पर मुकदमा दर्ज
चकिया। पानी न मिलने से सिकंदरपुर मोड़ पर चक्काजाम कर रहे किसानों पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें 16 किसानों पर नामजद तथा 150 अज्ञात किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल एके सिंह के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशोें के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
खेती की समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे किसान
चकिया। खेती किसानों की समस्याओं को लेकर किसान संगठन तथा किसान हमेशा आंदोलन करते रहे हैं। खाद न मिलने की समस्या हो या फिर बीज की अनुपलब्धता हो या डीजल के भावों में बढ़ोत्तरी हो या फिर पानी न मिलने का मामला हो किसान अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर बराबर आंदोलन करते रहे हैं। लेकिन चकिया के किसानों के प्रतिरोध को कुचलने का यह पहली बार प्रयास किया गया है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।