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Chandauli News: आठ महीने में 8643 ने कराई एचआईवी जांच, 32 मिले पाॅजिटिव
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सुनील कुमार सिंह
कंदवा। एड्स जैसी संक्रमित बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। लोग खुद जांच एचआईवी की जांच कराने के लिए आगे आ रहे हैं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार आठ महीने में 8643 लोगों ने एचआईवी की जांच कराई है, इसमें 32 लोग संक्रमित मिले हैं।
जिला अस्पताल में हर महीने 1000 से अधिक मरीज आईसीटीसी कांउसलिंग और जांच कराने पहुंचे रहे हैं। हालांकि बीमारी की दर पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में यह दर कम है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष संक्रमित मिले 32 लोगो में से 29 पुरुष और तीन महिलाएं हैं। एड्स पीड़ित व्यक्ति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है। समय रहते जांच और उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। वहीं इसका संक्रमण दूसरे व्यक्ति में असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या रक्त के माध्यम से फैलता है। इस बीमारी को लेकर लोग जांच कराने के लिए खुद को असहज महसूस करते हैं। अपनी जानकारी गोपनीय रखना चाहते हैं। वर्ष 2025-26 में जिले में एड्स को लेकर आईसीटीसी काउंसलिंग और जांच के परिणाम बताते हैं कि लोगों में एड्स को लेकर समय रहते जांच और उपचार को लेकर जागरूकता बढ़ी है। बीते आठ माह में 3528 महिलाओं ने जिला अस्पताल के एचआईवी परामर्श केंद्र पहुंचकर एचआईवी जांच कराई। इनमें तीन महिलाएं एड्स संक्रमित पाईं गईं। वहीं इसी अवधि में 5115 पुरुषों ने एचआईवी जांच कराई जिनमें 29 संक्रमित मिले।
इनसेट......
82 एचआईवी पीड़ित का चल रहा इलाज
वर्ष 2024- 25 में 12,262 लोगों ने एचआईवी की जांच कराई थी इसमें 68 संक्रमित पाए गए थे। वहीं पूरे जनपद में अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक 82 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 51 पुरुष और 31 महिलाएं शामिल हैं। एचआईवी पीड़ित गर्भवती महिलाओं की संख्या छह है। टीबी और एचआईवी कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह का कहना है कि जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार, परीक्षणित रक्त का उपयोग और नशीली दवाओं की सुई साझा न करना ही एचआईवी से बचाव का प्रमुख माध्यम है। एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति नियमित दवा, परामर्श से लंबा व सामान्य जीवन जी सकता है। जिला अस्पताल के एचआईवी परामर्शदाता संजय कुमार व प्रियेश सिंह और एलटी अरुण कुमार पाठक व विनय कुमार यादव ने बताया कि जनपद के 82 एचआईवी पीड़ित लोगों का एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर पर इलाज चल रहा है। संवाद
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इनसेट......
जिले में नहीं है एचआईवी पीड़ित गर्भवती महिला के प्रसव की सुविधा
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भले ही सुविधाओं के दावे किए जा रहे हों लेकिन अब तक एड्स पीड़ित गर्भवती महिलाओं के प्रसव की सुविधा नहीं है। ऐसे में महिलाओं में रोग की पुष्टि के बाद प्रसव के लिए बीएचयू जाना पड़ता है।
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कंदवा। एड्स जैसी संक्रमित बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। लोग खुद जांच एचआईवी की जांच कराने के लिए आगे आ रहे हैं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार आठ महीने में 8643 लोगों ने एचआईवी की जांच कराई है, इसमें 32 लोग संक्रमित मिले हैं।
जिला अस्पताल में हर महीने 1000 से अधिक मरीज आईसीटीसी कांउसलिंग और जांच कराने पहुंचे रहे हैं। हालांकि बीमारी की दर पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में यह दर कम है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष संक्रमित मिले 32 लोगो में से 29 पुरुष और तीन महिलाएं हैं। एड्स पीड़ित व्यक्ति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है। समय रहते जांच और उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। वहीं इसका संक्रमण दूसरे व्यक्ति में असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या रक्त के माध्यम से फैलता है। इस बीमारी को लेकर लोग जांच कराने के लिए खुद को असहज महसूस करते हैं। अपनी जानकारी गोपनीय रखना चाहते हैं। वर्ष 2025-26 में जिले में एड्स को लेकर आईसीटीसी काउंसलिंग और जांच के परिणाम बताते हैं कि लोगों में एड्स को लेकर समय रहते जांच और उपचार को लेकर जागरूकता बढ़ी है। बीते आठ माह में 3528 महिलाओं ने जिला अस्पताल के एचआईवी परामर्श केंद्र पहुंचकर एचआईवी जांच कराई। इनमें तीन महिलाएं एड्स संक्रमित पाईं गईं। वहीं इसी अवधि में 5115 पुरुषों ने एचआईवी जांच कराई जिनमें 29 संक्रमित मिले।
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82 एचआईवी पीड़ित का चल रहा इलाज
वर्ष 2024- 25 में 12,262 लोगों ने एचआईवी की जांच कराई थी इसमें 68 संक्रमित पाए गए थे। वहीं पूरे जनपद में अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक 82 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 51 पुरुष और 31 महिलाएं शामिल हैं। एचआईवी पीड़ित गर्भवती महिलाओं की संख्या छह है। टीबी और एचआईवी कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह का कहना है कि जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार, परीक्षणित रक्त का उपयोग और नशीली दवाओं की सुई साझा न करना ही एचआईवी से बचाव का प्रमुख माध्यम है। एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति नियमित दवा, परामर्श से लंबा व सामान्य जीवन जी सकता है। जिला अस्पताल के एचआईवी परामर्शदाता संजय कुमार व प्रियेश सिंह और एलटी अरुण कुमार पाठक व विनय कुमार यादव ने बताया कि जनपद के 82 एचआईवी पीड़ित लोगों का एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर पर इलाज चल रहा है। संवाद
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जिले में नहीं है एचआईवी पीड़ित गर्भवती महिला के प्रसव की सुविधा
जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भले ही सुविधाओं के दावे किए जा रहे हों लेकिन अब तक एड्स पीड़ित गर्भवती महिलाओं के प्रसव की सुविधा नहीं है। ऐसे में महिलाओं में रोग की पुष्टि के बाद प्रसव के लिए बीएचयू जाना पड़ता है।