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एक महीने से अंधेरे में है बस्ती के लोग
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:12 AM IST
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सकलडीहा। जन शिकायतों की सुनवाई कर उसे निपटाने के लिए शासन स्तर से तमाम प्रयास किए जा रहे है। बावजूद इसके अधिकारियों की लापवाही से इसे पलीता लग रहा है। क्षेत्र के बथावर गांव के पास बिजली पोल के टूटे एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, इससे बस्तीवासी अंधेरे में रहने को विवश है। इसकी शिकायत लोगों ने मुख्यमंत्री से पोर्टल पर भी की है। बावजूद इसके अब तक बिजली सही नहीं हो सकी है।अधिकारियों की लापरवाही से अंधेरे में रहने के चलते सोमवार को लोगों ने विरोध जताया है।
बीते 23 फरवरी को सकलडीहा क्षेत्र के बथावर गांव समीप स्थित एक जर्जर पोल टूटकर धराशायी हो गया था। इससे गांव की चार सौ आबादी वाली बस्ती को रही विद्युत सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई। परेशान लोगों ने इसकी शिकातया एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक को की। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। लोग अंधेरे में जीवन जीने को विवश रहे। बाद में ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लगभग एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री से पोर्टल पर की। इस शिकायत के बाद भी अब न तो पोल दुरूस्त हो सका है और न ही विद्युत आपूर्ति शुरू हो पाई है। बिजली चालू नहीं होने से लोगों ने आक्रोश पनपने लगा है। सोमवार को क्षेत्रीय लोगों ने चेताया कि यदि अपूर्ति जल्द ही बहाल नहीं हुई तो उपभोक्ता अधिकारियों के विरूद्ध उपभोक्ता फोरम में जाने के लिए विवश होंगे। इस दौरान अजित सिंह, शक्ति कुमार जायसवाल, पीके सरकार, उमाशंकर सिंह, हरवंश सेठ, गुडू शर्मा, रमेश यादव, पिंटू राजभर, संजय राजभर, जितेन्द्र यादव, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे।
बीते 23 फरवरी को सकलडीहा क्षेत्र के बथावर गांव समीप स्थित एक जर्जर पोल टूटकर धराशायी हो गया था। इससे गांव की चार सौ आबादी वाली बस्ती को रही विद्युत सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई। परेशान लोगों ने इसकी शिकातया एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक को की। लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। लोग अंधेरे में जीवन जीने को विवश रहे। बाद में ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लगभग एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री से पोर्टल पर की। इस शिकायत के बाद भी अब न तो पोल दुरूस्त हो सका है और न ही विद्युत आपूर्ति शुरू हो पाई है। बिजली चालू नहीं होने से लोगों ने आक्रोश पनपने लगा है। सोमवार को क्षेत्रीय लोगों ने चेताया कि यदि अपूर्ति जल्द ही बहाल नहीं हुई तो उपभोक्ता अधिकारियों के विरूद्ध उपभोक्ता फोरम में जाने के लिए विवश होंगे। इस दौरान अजित सिंह, शक्ति कुमार जायसवाल, पीके सरकार, उमाशंकर सिंह, हरवंश सेठ, गुडू शर्मा, रमेश यादव, पिंटू राजभर, संजय राजभर, जितेन्द्र यादव, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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