{"_id":"5a8099e44f1c1b8d268b9900","slug":"81518377444-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिंग रोड से प्रभावित किसानों ने निकाली पदयात्रा (संशोधित)","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिंग रोड से प्रभावित किसानों ने निकाली पदयात्रा (संशोधित)
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुगलसराय। सकलडीहा विकास खंड अंतर्गत विभिन्न गांवों से होकर गुजरने वाली रिंग रोड से प्रभावित किसानों ने उचित मुआवजा की मांग को लेकर किसानों ने रविवार को ताराजीवनपुर से पदयात्रा निकाली। और इलाके का भ्रमण किया। किसानों ने चेतावनी दी कि मुआवजा के लिए किसान आर पार की लड़ाई लड़ेंगे।
क्षेत्र में रिंग रोड का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए एक दर्जन से अधिक गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। एक दर्जन गांवों के सवा सौ से डेढ़ सौ किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। प्रशासन की ओर से किसानों को नियमानुसार एक लाख चालीस हजार रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं किसान बाजार रेट पर भूमि देना चाहते हैं। बाजार रेट के हिसाब से किसानों को चौदह लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। इसी मांग के समर्थन में पिछले कई दिनों से किसान एकजुट हो रहे हैं। रविवार को ताराजीवनपुर स्थित बुढ़िया माई मंदिर प्रांगण से किसानों ने पदयात्रा निकाली। जिला पंचायत सदस्य मुलायम सिंह यादव ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पदयात्रा क्षेत्र के कोरी, धामिना, बसरतिया ,धूसखास से होते हुए रेवसा गांव पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि कम दाम में जमीन अधिग्रहण कर रिंग रोड बनाना चाहती है यह उचित नहीं है। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे केदार यादव ने कहा कि किसान देश का सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था देने वाला है। बावजूद इसके सरकार शोषण करना चाहती है ।जो हम लोग करने नहीं देंगे । जब तक बाजार भाव के रेट से मुआवजा सरकार द्वारा नहीं दिया जाएगा ।इस मौके पर सयुस के प्रदेश सचिव पवन यादव, चंद्रशेखर सिंह, उमाशंकर ड्राइवर, मटकु प्रधान, राम अवध यादव ,राम आसरे पाल ,जूठन तिवारी ,विक्की प्रधान ,रामविलास प्रधान ,दशरथ प्रधान ,लक्ष्मण यादव, जय सिंह, राजेश यादव आदि किसान शामिल रहे।
क्षेत्र में रिंग रोड का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए एक दर्जन से अधिक गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। एक दर्जन गांवों के सवा सौ से डेढ़ सौ किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। प्रशासन की ओर से किसानों को नियमानुसार एक लाख चालीस हजार रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं किसान बाजार रेट पर भूमि देना चाहते हैं। बाजार रेट के हिसाब से किसानों को चौदह लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। इसी मांग के समर्थन में पिछले कई दिनों से किसान एकजुट हो रहे हैं। रविवार को ताराजीवनपुर स्थित बुढ़िया माई मंदिर प्रांगण से किसानों ने पदयात्रा निकाली। जिला पंचायत सदस्य मुलायम सिंह यादव ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पदयात्रा क्षेत्र के कोरी, धामिना, बसरतिया ,धूसखास से होते हुए रेवसा गांव पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि कम दाम में जमीन अधिग्रहण कर रिंग रोड बनाना चाहती है यह उचित नहीं है। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे केदार यादव ने कहा कि किसान देश का सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था देने वाला है। बावजूद इसके सरकार शोषण करना चाहती है ।जो हम लोग करने नहीं देंगे । जब तक बाजार भाव के रेट से मुआवजा सरकार द्वारा नहीं दिया जाएगा ।इस मौके पर सयुस के प्रदेश सचिव पवन यादव, चंद्रशेखर सिंह, उमाशंकर ड्राइवर, मटकु प्रधान, राम अवध यादव ,राम आसरे पाल ,जूठन तिवारी ,विक्की प्रधान ,रामविलास प्रधान ,दशरथ प्रधान ,लक्ष्मण यादव, जय सिंह, राजेश यादव आदि किसान शामिल रहे।
विज्ञापन