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ईंट निर्माताओं ने डीएम के समक्ष रखी समस्याएं
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:26 AM IST
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चंदौली। ईंट निर्माता समिति का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिलाधिकारी हेमंत कुमार से मिला। इस दौरान उन्होंने जीएसटी कर प्रणाली में ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू करने केन्द्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना 15 जनवरी 2016 में निहित प्रावधान के अंतर्गत मिट्टी खनन में पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण-पत्र लिए जाने की बाध्यता समाप्त किए जाने संबंधित मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर ईंट निर्माता समिति के महामंत्री रतन लाल श्रीवास्तव ने कहा कि ईंट-भट्ठा स्वामी बिना ग्राहक से कर लिए सरकार को कर देते थे, उसी प्रकार जीएसटी में भी ईंट उपयोग को समाधान योजना में रखा जाए, ताकि ईंट भट्ठा स्वामियों को भार अधिक न पड़े। ईंट-भट्ठा उद्योग में ईंट बनाने के लिए जो मिट्टी का खनन किया जाता है उसमें स्वच्छता प्रमाण-पत्र लेने की अनिवार्यता समाप्त किया जाए, क्योंकि ईंट-भट्ठा मालिक सरकारी जमीन का उपयोग नहीं करता है, बल्कि किसानों से जमीन लेकर उसका उपयोग व राजस्व जमा करता है। यही नहीं वैट में भी ईंट उपयोग को समाधान योजना में रखा गया था। इसे देखते हुए जीएसटी में भी यह योजना शामिल की जाए। कहा कि प्रदेश व केन्द्र सरकार अगर ईंट-भट्ठा स्वामियों को परेशान करेगी तो ईंट उद्योग बंद हो जाएंगे, जिससे तमाम लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस पर तत्काल अमल नहीं किया गया तो हम सभी प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस अवसर पर ओपी सिंह, मंगला सिंह, शिवकुमार मौर्या, अशोक सिंह, रामगोपाल सिंह, अंजनी तिवारी, मुन्ना सिंह, राजेश जायसवाल, जंग बहादुर आदि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर ईंट निर्माता समिति के महामंत्री रतन लाल श्रीवास्तव ने कहा कि ईंट-भट्ठा स्वामी बिना ग्राहक से कर लिए सरकार को कर देते थे, उसी प्रकार जीएसटी में भी ईंट उपयोग को समाधान योजना में रखा जाए, ताकि ईंट भट्ठा स्वामियों को भार अधिक न पड़े। ईंट-भट्ठा उद्योग में ईंट बनाने के लिए जो मिट्टी का खनन किया जाता है उसमें स्वच्छता प्रमाण-पत्र लेने की अनिवार्यता समाप्त किया जाए, क्योंकि ईंट-भट्ठा मालिक सरकारी जमीन का उपयोग नहीं करता है, बल्कि किसानों से जमीन लेकर उसका उपयोग व राजस्व जमा करता है। यही नहीं वैट में भी ईंट उपयोग को समाधान योजना में रखा गया था। इसे देखते हुए जीएसटी में भी यह योजना शामिल की जाए। कहा कि प्रदेश व केन्द्र सरकार अगर ईंट-भट्ठा स्वामियों को परेशान करेगी तो ईंट उद्योग बंद हो जाएंगे, जिससे तमाम लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस पर तत्काल अमल नहीं किया गया तो हम सभी प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस अवसर पर ओपी सिंह, मंगला सिंह, शिवकुमार मौर्या, अशोक सिंह, रामगोपाल सिंह, अंजनी तिवारी, मुन्ना सिंह, राजेश जायसवाल, जंग बहादुर आदि उपस्थित रहे।
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