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सदर तहसील में कागजों पर चल रहा कंट्रोल रूम
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:12 AM IST
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चंदौली। कृषि ऋण मोचन योजना के तहत किसानों की सुविधा के लिए सदर तहसील में गत शुक्रवार को कंट्रोल रूम स्थापित कर उसका नंबर भी जारी कर दिया गया। लेकिन हैरत की बात यह है कि यह कंट्रोल रूम महज कागजों पर ही संचालित हो रहा है। सदर तहसीलदार द्वारा कंट्रोल रूम के जिस नंबर को मीडिया में जारी किया गया है वह नंबर डायल करने पर लग नहीं रहा है और खराब बता रहा है। इसी तरह कंट्रोल रूम कहां बना है यह बताने वाला भी पूरे तहसील कार्यालय में कोई नहीं है।
कृषि उत्पादन आयुक्त राजप्रताप सिंह के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर सदर तहसील प्रशासन ने कृषि ऋण मोचन योजना मानिटरिंग औँर किसानों की सुविधा के लिए तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम व काल सेंटर स्थापित कर दिया। आनन-फानन में इसका नंबर 05412-262312 भी जारी कर दिया गया। इसके अतिरिक्त तीन कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है, जो कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर अपना सहयोग प्रदान करेंगे। लेकिन हैरत की बात यह है कि जिस कंट्रोल रूम के संचालित होने का दावा किया जा रहा है वह महज कागजों पर ही चल रहा है। शुक्रवार को तहसील कार्यालय में पड़ताल के दौरान कोई नहीं बता सका कि आखिर यह कंट्रोल रूम चल कहां रहा है। यही नहीं तहसीलदार की ओर से काल सेंटर का जो नंबर उपलब्ध कराया गया था वह भी डायल करने पर नंबर खराब है बता रहा था। इस बाबत डीएम हेमंत कुमार का कहना है कि यदि ऐसा है तो यह गंभीर लापरवाही है। इस मुद्दे पर तहसीलदार से बात कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली जाएगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त राजप्रताप सिंह के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर सदर तहसील प्रशासन ने कृषि ऋण मोचन योजना मानिटरिंग औँर किसानों की सुविधा के लिए तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम व काल सेंटर स्थापित कर दिया। आनन-फानन में इसका नंबर 05412-262312 भी जारी कर दिया गया। इसके अतिरिक्त तीन कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है, जो कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर अपना सहयोग प्रदान करेंगे। लेकिन हैरत की बात यह है कि जिस कंट्रोल रूम के संचालित होने का दावा किया जा रहा है वह महज कागजों पर ही चल रहा है। शुक्रवार को तहसील कार्यालय में पड़ताल के दौरान कोई नहीं बता सका कि आखिर यह कंट्रोल रूम चल कहां रहा है। यही नहीं तहसीलदार की ओर से काल सेंटर का जो नंबर उपलब्ध कराया गया था वह भी डायल करने पर नंबर खराब है बता रहा था। इस बाबत डीएम हेमंत कुमार का कहना है कि यदि ऐसा है तो यह गंभीर लापरवाही है। इस मुद्दे पर तहसीलदार से बात कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली जाएगी।
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