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कैशियर के विरूद्ध एक करोड़ अठ्ठासी लाख रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:58 AM IST
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मुगलसराय। विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय मुगलसराय में कार्यरत कैशियर राम जतन पटेल पर शुक्रवार की देर रात अधिशासी अभियंता ने एक करोड़ अट्ठासी लाख रुपये सरकारी धन के गबन का आरोप लगाते हुए मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। शनिवार को विभागीय अधिकारी मामले की छानबीन में जुटे रहे।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय अंतर्गत मुगलसराय में एक दर्जन उपकेंद्र आते हैं। अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक हर वर्ष विद्युत वितरण खंड द्वारा 16 से 17 करोड़ रुपये का राजस्व वसूल किया जाता है। प्राप्त राजस्व को कैशियर द्वारा समय-समय पर पीएनबी स्थित विभाग के खाते में जमा किया जाता है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को बैंक एकाउंट का मिलान करने पर अधिशासी अभियंता को जानकारी मिली की उनके खाते में एक करोड़ 88 लाख 50 हजार 49 रुपये जमा ही नहीं हुए हैं। इसके बाद उन्होंने मुगलसराय स्थित कार्यालय का मुख्य गेट बंदकर दस्तावेजों का मिलान किया और कैशियर राम जतन पटेल से पूछताछ की तो उसने बैंक में जमा उक्त राशि की रसीद दिखाई जिसपर बैंक की मुहर लगी हुई थी। बाद में अधिकारियों बैैैंक के शाखा प्रबंधक से भी वार्ता की तो उन्होंने इस राशि को जमा होने की बात से इंकार कर दिया। काफी पूछताछ के बाद भी मामला नहीं सुलझा तो अधिशासी अभियंता शुभेन्दु शाह ने कैशियर के विरुद्ध मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया । इस संबंध में कोतवाल अतुल नारायन सिंह ने बताया कि तहरीर पर आरोपित कैशियर के विरुद्ध आईपीसी की धारा 409 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है ।
रुपयों के गबन के कारण एक बार फिर चर्चा में आया कार्यालय
मुगलसराय (ब्यूरो)। विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय मुगलसराय में गबन की यह कोई पहली घटना नहीं है। लगभग एक वर्ष पूर्व इसी कार्यालय में कार्यरत विकास कुमार श्रीवास्तव पर 65 लाख रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उस दौरान उसी कार्यालय में कार्यरत एक अन्य कर्मी ने आत्महत्या भी कर ली थी। इसमें ऐसी चर्चाएं सामने आई थी की उन्हीं रुपयों का गबन अपने सिर लेने के दबाव में कार्यालय के कर्मी ने आत्महत्या कर ली थी। फिलहाल एक बार फिर से यही कार्यालय रुपयों के गबन के चलते चर्चा में आ गया है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय अंतर्गत मुगलसराय में एक दर्जन उपकेंद्र आते हैं। अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक हर वर्ष विद्युत वितरण खंड द्वारा 16 से 17 करोड़ रुपये का राजस्व वसूल किया जाता है। प्राप्त राजस्व को कैशियर द्वारा समय-समय पर पीएनबी स्थित विभाग के खाते में जमा किया जाता है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को बैंक एकाउंट का मिलान करने पर अधिशासी अभियंता को जानकारी मिली की उनके खाते में एक करोड़ 88 लाख 50 हजार 49 रुपये जमा ही नहीं हुए हैं। इसके बाद उन्होंने मुगलसराय स्थित कार्यालय का मुख्य गेट बंदकर दस्तावेजों का मिलान किया और कैशियर राम जतन पटेल से पूछताछ की तो उसने बैंक में जमा उक्त राशि की रसीद दिखाई जिसपर बैंक की मुहर लगी हुई थी। बाद में अधिकारियों बैैैंक के शाखा प्रबंधक से भी वार्ता की तो उन्होंने इस राशि को जमा होने की बात से इंकार कर दिया। काफी पूछताछ के बाद भी मामला नहीं सुलझा तो अधिशासी अभियंता शुभेन्दु शाह ने कैशियर के विरुद्ध मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया । इस संबंध में कोतवाल अतुल नारायन सिंह ने बताया कि तहरीर पर आरोपित कैशियर के विरुद्ध आईपीसी की धारा 409 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है ।
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रुपयों के गबन के कारण एक बार फिर चर्चा में आया कार्यालय
मुगलसराय (ब्यूरो)। विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय मुगलसराय में गबन की यह कोई पहली घटना नहीं है। लगभग एक वर्ष पूर्व इसी कार्यालय में कार्यरत विकास कुमार श्रीवास्तव पर 65 लाख रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उस दौरान उसी कार्यालय में कार्यरत एक अन्य कर्मी ने आत्महत्या भी कर ली थी। इसमें ऐसी चर्चाएं सामने आई थी की उन्हीं रुपयों का गबन अपने सिर लेने के दबाव में कार्यालय के कर्मी ने आत्महत्या कर ली थी। फिलहाल एक बार फिर से यही कार्यालय रुपयों के गबन के चलते चर्चा में आ गया है।
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