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प्रणव संगीत संस्थान के मासिक संगीतानुष्ठान में स्वर लहरियों का बिखेरा जलवा
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:07 AM IST
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मुगलसराय। प्रणव संगीत संस्थान की ओर से नगर के गया कालोनी स्थित मानस संस्थान में आयोजित मासिक संगीतानुष्ठान में कलाकारों ने स्वर लहरियों का जलवा बिखेरा। पूरे कार्यक्रम में संगीत के अलग अलग विधाओं का संगम दिखा। नए कलाकारों ने भी मंझे हुए कलाकार को टक्कर दिया।
कार्यक्रम की शुरूआत पंडित जयदेव की अष्टपदि जय जय देव हरे से हुई। इसे कुणाल, अमन, मोनिका और कंचन बनर्जी ने स्वर दिया जबकि तबले पर गौरव और हारमोनियम पर सोमनाथ बनर्जी ने साथ दिया। इसके बाद बैजनाथ चक्रवर्ती ने चला मन गंगा जमुना के तीर सुनाकर लोगों मे भक्तिभाव जगाया तो विभोर श्रीवास्तव ने राग दरबारी में कैशियो पर तान छेड़ी, जिनका तबले पर समीर कुंडू ने साथ दिया। कुणाल वर्मा ने राग जोग में बड़ा, छोटा ख्याल और तराना तथा राग सरस्वती में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। गौरव बनर्जी ने स्वतंत्र तबला वादन में दिल्ली घराने की विभिन्न शैलियों का प्रदर्शन किया। अंतिम में राजेश यादव ने कत्थक नृत्य से लोगों का मन मोहा। इनका तबले पर साथ दिया भानुशंकर चौबे ने तथा हारमोनियम पर संगत की रामाशीष झा ने। इस मौके पर संदीप बनर्जी, गौरव बनर्जी, सागर दास गुप्ता, गुड्डू तिवारी, शंकर भट्टाचार्य, समीर कुंडू, प्रदीप धर, अंकित धर, लक्ष्मण सिंह, ऋषभ राय आदि रहे। संचालन सुधीर भाष्कर पांडेय ने की जबकि धन्यवाद ज्ञापन विवेकानंद भारती ने की।
कार्यक्रम की शुरूआत पंडित जयदेव की अष्टपदि जय जय देव हरे से हुई। इसे कुणाल, अमन, मोनिका और कंचन बनर्जी ने स्वर दिया जबकि तबले पर गौरव और हारमोनियम पर सोमनाथ बनर्जी ने साथ दिया। इसके बाद बैजनाथ चक्रवर्ती ने चला मन गंगा जमुना के तीर सुनाकर लोगों मे भक्तिभाव जगाया तो विभोर श्रीवास्तव ने राग दरबारी में कैशियो पर तान छेड़ी, जिनका तबले पर समीर कुंडू ने साथ दिया। कुणाल वर्मा ने राग जोग में बड़ा, छोटा ख्याल और तराना तथा राग सरस्वती में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। गौरव बनर्जी ने स्वतंत्र तबला वादन में दिल्ली घराने की विभिन्न शैलियों का प्रदर्शन किया। अंतिम में राजेश यादव ने कत्थक नृत्य से लोगों का मन मोहा। इनका तबले पर साथ दिया भानुशंकर चौबे ने तथा हारमोनियम पर संगत की रामाशीष झा ने। इस मौके पर संदीप बनर्जी, गौरव बनर्जी, सागर दास गुप्ता, गुड्डू तिवारी, शंकर भट्टाचार्य, समीर कुंडू, प्रदीप धर, अंकित धर, लक्ष्मण सिंह, ऋषभ राय आदि रहे। संचालन सुधीर भाष्कर पांडेय ने की जबकि धन्यवाद ज्ञापन विवेकानंद भारती ने की।
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