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ठंड के साथ सज गई रजाई-गद्दे की दुकानें-
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:47 AM IST
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चकिया/शिकारगंज। ठंड बढ़ने के साथ ही पर्वतीय वन क्षेत्र के बाजारों के साथ ही नगर में रजाई, गद्दे की दुकानें सज गई हैं। वहीं हर वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रूई तथा रजाई, गद्दे के दाम में वृद्धि हुई है।
ठंड बढ़ने के साथ ही चकिया नगर सहित आस-पास के कस्बों में लगभग तीन दर्जन अस्थायी तथा स्थायी दुकानें खुल गई हैं । नगर के रजाई गद्दा के दुकानदार हामीद अफरीदी के अनुसार पंजाब काटन जहां गत वर्ष 125 से 130 रुपये प्रति किलोग्राम मिलता था। इस वर्ष 150 से 155 रुपये में मिल रहा है। वहीं वेस्ट काटन का दाम भी पिछले वर्ष की अपेक्षा 10 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त रजाई तथा गद्दे का कपड़ा भी पिछले वर्ष से महंगा है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के कारण रूई तथा कपड़े के मूल्य में वृद्धि हुई है। नगर सहित सिकंदरपुर, शिकारगंज, सैदूपुर, सरैया, उतरौत, में भी गद्दे की कई दुकानें खुल गई है लेकिन ग्राहकों टोटा बना हुआ है।
ठंड बढ़ने के साथ ही चकिया नगर सहित आस-पास के कस्बों में लगभग तीन दर्जन अस्थायी तथा स्थायी दुकानें खुल गई हैं । नगर के रजाई गद्दा के दुकानदार हामीद अफरीदी के अनुसार पंजाब काटन जहां गत वर्ष 125 से 130 रुपये प्रति किलोग्राम मिलता था। इस वर्ष 150 से 155 रुपये में मिल रहा है। वहीं वेस्ट काटन का दाम भी पिछले वर्ष की अपेक्षा 10 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त रजाई तथा गद्दे का कपड़ा भी पिछले वर्ष से महंगा है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के कारण रूई तथा कपड़े के मूल्य में वृद्धि हुई है। नगर सहित सिकंदरपुर, शिकारगंज, सैदूपुर, सरैया, उतरौत, में भी गद्दे की कई दुकानें खुल गई है लेकिन ग्राहकों टोटा बना हुआ है।
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