{"_id":"5a4e788f4f1c1b4f198b4e4b","slug":"191515092111-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठिठुरते हुए ही कटेगी गरीब बच्चों की ठंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठिठुरते हुए ही कटेगी गरीब बच्चों की ठंड
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। जनपद के परिषदीय विद्यालयों पढ़ने वाले लगभग दो लाख छह हजार गरीब बच्चों को अभी स्वेटर मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग को शासन स्तर से स्वेटर क्रय हेतु धन नहीं मिला है। वहीं प्रदेश स्तर पर ही निविदा कराने के बाद जनपदों में स्वेटर वितरण की योजना खटाई में पड़ने के बाद शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिया गया है कि पूर्व की भांति विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा ही बच्चों में गर्म कपड़ों का वितरण कराया जाएगा। इसके लिए प्रति छात्र दो सौ रुपये के हिसाब से बजट जारी किया जाएगा। तीन जनवरी को यह निर्देश मिलने के बाद बीएसए ने समिति के गठन की कर्रवाई शुरू की है।
जनपद के 993 प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1 लाख 48 हजार और 470 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 57 हजार 300 बच्चों में स्वेटर का वितरण किया जाना है। लेकिन समस्या यह है कि स्वेटर के लिए शासनस्तर से अभी तक कोई बजट जारी नहीं किया गया है। वहीं प्रदेश स्तर पर निविदा कराकर विद्यालयों में स्वेटर वितरण कराने की शासन की योजना भी धराशाई हो चुकी है। आनन-फानन में निर्देश जारी किए गए हैं कि जनपद स्तर पर ही निविदा और विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से स्वेटरों का वितरण करा दिया जाए। लेकिन इसके लिए बजट जारी नहीं किया गया है। यदि शासन स्तर से बजट जारी कर भी दिया जाता है तब निविदा और स्वेटर क्रय करने की प्रकिया में काफी समय लग जाएगा। ऐसे में गरीब वर्ग के बच्चों को पुराने कपड़ों में ही ठंड का सामना करना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन द्वारा विद्यालय प्रबंध समिति के जरिए स्वेटर वितरण कराने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस मद में अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है। धन प्राप्त होने ही स्वेटर वितरण की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
जनपद के 993 प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1 लाख 48 हजार और 470 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 57 हजार 300 बच्चों में स्वेटर का वितरण किया जाना है। लेकिन समस्या यह है कि स्वेटर के लिए शासनस्तर से अभी तक कोई बजट जारी नहीं किया गया है। वहीं प्रदेश स्तर पर निविदा कराकर विद्यालयों में स्वेटर वितरण कराने की शासन की योजना भी धराशाई हो चुकी है। आनन-फानन में निर्देश जारी किए गए हैं कि जनपद स्तर पर ही निविदा और विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से स्वेटरों का वितरण करा दिया जाए। लेकिन इसके लिए बजट जारी नहीं किया गया है। यदि शासन स्तर से बजट जारी कर भी दिया जाता है तब निविदा और स्वेटर क्रय करने की प्रकिया में काफी समय लग जाएगा। ऐसे में गरीब वर्ग के बच्चों को पुराने कपड़ों में ही ठंड का सामना करना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन द्वारा विद्यालय प्रबंध समिति के जरिए स्वेटर वितरण कराने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस मद में अभी बजट प्राप्त नहीं हुआ है। धन प्राप्त होने ही स्वेटर वितरण की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन