{"_id":"5c97d3d4bdec2214435fba79","slug":"171553454036-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में बस स्टैंडों की स्थिति जर्जर, यात्रियों को हो रही परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में बस स्टैंडों की स्थिति जर्जर, यात्रियों को हो रही परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। जिले में रोडवेज बस स्टैंडों की स्थिति अच्छी नहीं है। पीडीडीयू नगर स्थित बस स्टैंड की स्थिति यह है कि इसके बीचोबीच नाला ओवरफ्लो होता है और जल भराव से यात्रियों को दिक्कत होती है। इसी तरह चकिया बस स्टैंड की हालत भी पूरी तरह जर्जर है।
नगर में रेलवे स्टेशन से सटे भूमि पर वर्षों से बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। बावजूद इसके आज तक यहां बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि यहां न तो शौचालय है और न ही पानी की उचित व्यवस्था। यात्रियों के बैठने के लिए शेड तो बनाया गया है लेकिन यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। स्टैंड के बीचोबीच नाली बहती है। साफ सफाई न होने से अक्सर यह ओवरफ्लो होती है और जल भराव से कीचड़ की स्थिति रहती है। ऐसे में यात्रियों को बसों में सवार होने में दिक्कत होती है। बसों के रुकने के स्थान पर छाया न होने से गर्मी में बसों की छत गर्म हो जाती है। यही हाल चकिया रोडवेज बस स्टैंड का भी है। चकिया नगर के वार्ड नंबर 3 शमशेर नगर में स्थापित रोडवेज स्टेशन बदहाली का शिकार है। रोडवेज स्टेशन परिसर में गंदगी का अंबार है तथा परिसर के पश्चिमी दीवार टूट कर नाले में गिर गई है। स्टेशन परिसर में आने-जाने के लिए बने दो दरवाजों में एक दरवाजा वर्षों से बंद है। वर्ष 1975 में लंबे समय तक चली मुकदमे बाजी के बाद रोडवेज स्टेशन परिसर का निर्माण हुआ था। इस परिसर से वाराणसी, मुगलसराय, नौगढ़, अहरौरा तक के लिए बसों का संचालन किया जाता था। प्रशासनिक एवं रोडवेज विभाग की उपेक्षा के चलते पूरा परिसर खंडहर के रूप में तब्दील हो गया है। परिसर में बने शौचालय टूट-फूट कर ध्वस्त हो गए हैं। वहीं पश्चिमी दीवार गिर जाने से परिसर में गंदगी है। स्टेशन में टिकट काउंटर वर्षो ंसे बंद है वहीं स्टेशन मास्टर एवं ड्राईवर, कंडक्टर के लिए बने आवास भी बंद होने से बदहाल हैं। सभासद राजेश चौहान, विजय विश्वकर्मा, वैभव मिश्रा, अनिल केशरी, सरदार राजकुमार सिंह, मनोज कुमार ने बस स्टैंड की दुर्व्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की है।
नगर में रेलवे स्टेशन से सटे भूमि पर वर्षों से बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। बावजूद इसके आज तक यहां बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि यहां न तो शौचालय है और न ही पानी की उचित व्यवस्था। यात्रियों के बैठने के लिए शेड तो बनाया गया है लेकिन यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। स्टैंड के बीचोबीच नाली बहती है। साफ सफाई न होने से अक्सर यह ओवरफ्लो होती है और जल भराव से कीचड़ की स्थिति रहती है। ऐसे में यात्रियों को बसों में सवार होने में दिक्कत होती है। बसों के रुकने के स्थान पर छाया न होने से गर्मी में बसों की छत गर्म हो जाती है। यही हाल चकिया रोडवेज बस स्टैंड का भी है। चकिया नगर के वार्ड नंबर 3 शमशेर नगर में स्थापित रोडवेज स्टेशन बदहाली का शिकार है। रोडवेज स्टेशन परिसर में गंदगी का अंबार है तथा परिसर के पश्चिमी दीवार टूट कर नाले में गिर गई है। स्टेशन परिसर में आने-जाने के लिए बने दो दरवाजों में एक दरवाजा वर्षों से बंद है। वर्ष 1975 में लंबे समय तक चली मुकदमे बाजी के बाद रोडवेज स्टेशन परिसर का निर्माण हुआ था। इस परिसर से वाराणसी, मुगलसराय, नौगढ़, अहरौरा तक के लिए बसों का संचालन किया जाता था। प्रशासनिक एवं रोडवेज विभाग की उपेक्षा के चलते पूरा परिसर खंडहर के रूप में तब्दील हो गया है। परिसर में बने शौचालय टूट-फूट कर ध्वस्त हो गए हैं। वहीं पश्चिमी दीवार गिर जाने से परिसर में गंदगी है। स्टेशन में टिकट काउंटर वर्षो ंसे बंद है वहीं स्टेशन मास्टर एवं ड्राईवर, कंडक्टर के लिए बने आवास भी बंद होने से बदहाल हैं। सभासद राजेश चौहान, विजय विश्वकर्मा, वैभव मिश्रा, अनिल केशरी, सरदार राजकुमार सिंह, मनोज कुमार ने बस स्टैंड की दुर्व्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की है।
विज्ञापन