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प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की देरी पर भडके प्रमुख सचिव
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:43 AM IST
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चंदौली। जिले के नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव मंगलवार को सदर तहसील में शिकायतों के निस्तारण की हकीकत जानकर दंग रह गए। संबंधित विभागों ने पिछले संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादियों की ओर से दिए गए शिकायती प्रार्थनापत्रों का निस्तारण कर दिया था। लेकिन जब प्रमुख सचिव ने प्रार्थना पत्र पर लिखे मोबाइल नंबर से पीड़ितों से संपर्क किया तो पता चला कि अभी समस्या का समाधान ही नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई और जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
तहसील दिवस पर समस्या को लेकर अधिकारियों के गुहार लगाते हैं, लेकिन प्रार्थना पत्रों पर निस्तारण करने की बजाय उसे कूडे़दान में डाल दिया जाता है। यहां तक कि रजिस्टर पर समाधान दिखा दिया जा रहा है। अधिकारियों के इस कारनामे को मुख्यमंत्री के दूत के रूप में विकास कार्य की समीक्षा बैठक करने पहुंचे प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने पकड़ लिया। उन्होंने इसके लिए जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रमुख सचिव मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करने के बाद अचानक सदर तहसील पहुंच गए। वहां एडीएम न्यायिक व अन्य अधिकारी फरियादियों की समस्या सुन रहे थे। उन्होंने वहां मौजूद फरियादियों से हाल जानने के बाद पिछले दिवस का रजिस्टर तलब कर लिया। तहसीलदार गुलाबचंद्रा ने उन्हें बताया कि पिछली बार कुल 42 शिकायतें आई थी इसमें से 32 का निस्तारण कर दिया गया है। बाकी 10 पर कार्रवाई चल रही है। इसके बाद उन्होंने रजिस्टर में शुरू के करीब 10 प्रार्थनापत्रों पर लिखे मोबाइल नंबरों से फरियादियों से खुद बात की। इस दौरान पता चला कि उनकी शिकायतों का अब तक निस्तारण ही नहीं हो पाया है। फरियादियों ने बताया कि तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देने के बाद अब तक कोई अधिकारी नहीं आया है। इस पर प्रमुख सचिव नाराज हो गए। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। प्रमुख सचिव की इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
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तहसील दिवस पर समस्या को लेकर अधिकारियों के गुहार लगाते हैं, लेकिन प्रार्थना पत्रों पर निस्तारण करने की बजाय उसे कूडे़दान में डाल दिया जाता है। यहां तक कि रजिस्टर पर समाधान दिखा दिया जा रहा है। अधिकारियों के इस कारनामे को मुख्यमंत्री के दूत के रूप में विकास कार्य की समीक्षा बैठक करने पहुंचे प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने पकड़ लिया। उन्होंने इसके लिए जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रमुख सचिव मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करने के बाद अचानक सदर तहसील पहुंच गए। वहां एडीएम न्यायिक व अन्य अधिकारी फरियादियों की समस्या सुन रहे थे। उन्होंने वहां मौजूद फरियादियों से हाल जानने के बाद पिछले दिवस का रजिस्टर तलब कर लिया। तहसीलदार गुलाबचंद्रा ने उन्हें बताया कि पिछली बार कुल 42 शिकायतें आई थी इसमें से 32 का निस्तारण कर दिया गया है। बाकी 10 पर कार्रवाई चल रही है। इसके बाद उन्होंने रजिस्टर में शुरू के करीब 10 प्रार्थनापत्रों पर लिखे मोबाइल नंबरों से फरियादियों से खुद बात की। इस दौरान पता चला कि उनकी शिकायतों का अब तक निस्तारण ही नहीं हो पाया है। फरियादियों ने बताया कि तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देने के बाद अब तक कोई अधिकारी नहीं आया है। इस पर प्रमुख सचिव नाराज हो गए। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। प्रमुख सचिव की इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
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