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बच्चों ने पट्टी बंधी आंखों से रंगो को पहचाना व पढ़कर दिखाया
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:11 AM IST
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पड़ाव। सेठ एम आर जैपुरिया स्कूल के पड़ाव और बाबतपुर कैंपस में तीन दिवसीय मिडब्रेन एक्टीवेशन शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को बच्चों ने आंखों पर पट्टी बांध कर रंगों को पहचाना और पढ़कर दिखाया। शिविर में चुने गए 135 बच्चों ने दो सत्रों में प्रतिभाग किया। बच्चों को हैदराबाद से आए मिडब्रेन प्रशिक्षक महेश उपाध्याय ने प्रशिक्षित किया।
शिविर के दौरान महेश उपाध्याय ने बताया कि मानव मस्तिष्क में अपार क्षमताएं हैं। सामान्य रूप से हम लोग अपने मष्तिष्क का केवल 3 या 4 प्रतिशत ही उपयोग करते है। यदि हम अपनी मानसिक क्षमताओं का संतुलन करान सीख जाएं तो हर घर में आइंस्टाइन, न्यूटन, टैगोर जैसी विलक्षण प्रतिभाएं पैदा हो सकती हैं। बताया कि मिडब्रेन मानव दिमाग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह हमारे सुनने, देखने व समझने संबंधी संवाद का समन्वय करता है। हमारे दिमाग के दायें व बायें हिस्से को जाने वाले संदेश मिडब्रेन के माध्यम से प्रवाहित होते हैं। बच्चों के मिडब्रेन एक्टीवेशन से बंद आंखों से देखने व पढ़ने की कला विकसित हो जाती है। इसके साथ-साथ तेज पढ़ने, एकाग्रता, यादाश्त क्षमता में वृद्धि के गुण भी विकसित होते है। इस अवसर पर जैपुरिया स्कूल के चेयरमैन दीपक बजाज, प्रबंध निदेशक मनोज बजाज, निदेशक श्याम बजाज, सिद्धांत सचदेवा उपस्थित रहे। संयोजक प्रधानाचार्य आशीष सक्सेना और शिक्षिका प्रियंका मुखर्जी रहे।
शिविर के दौरान महेश उपाध्याय ने बताया कि मानव मस्तिष्क में अपार क्षमताएं हैं। सामान्य रूप से हम लोग अपने मष्तिष्क का केवल 3 या 4 प्रतिशत ही उपयोग करते है। यदि हम अपनी मानसिक क्षमताओं का संतुलन करान सीख जाएं तो हर घर में आइंस्टाइन, न्यूटन, टैगोर जैसी विलक्षण प्रतिभाएं पैदा हो सकती हैं। बताया कि मिडब्रेन मानव दिमाग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह हमारे सुनने, देखने व समझने संबंधी संवाद का समन्वय करता है। हमारे दिमाग के दायें व बायें हिस्से को जाने वाले संदेश मिडब्रेन के माध्यम से प्रवाहित होते हैं। बच्चों के मिडब्रेन एक्टीवेशन से बंद आंखों से देखने व पढ़ने की कला विकसित हो जाती है। इसके साथ-साथ तेज पढ़ने, एकाग्रता, यादाश्त क्षमता में वृद्धि के गुण भी विकसित होते है। इस अवसर पर जैपुरिया स्कूल के चेयरमैन दीपक बजाज, प्रबंध निदेशक मनोज बजाज, निदेशक श्याम बजाज, सिद्धांत सचदेवा उपस्थित रहे। संयोजक प्रधानाचार्य आशीष सक्सेना और शिक्षिका प्रियंका मुखर्जी रहे।
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