{"_id":"5ba54432867a557f6a2a3d54","slug":"141537557554-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्बला में दफन किए गए ताजिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्बला में दफन किए गए ताजिए
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडीडीयू नगर। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में नगर सहित पूरे जिले में दसवीं मुहर्रम पर शुक्रवार को ताजियों का जुलूस निकाला गया। बोलो-बोलो मुहमदिया हुसैन, या हुसैन या हुसैन के नारे के साथ लोगों ने चौक पर स्थापित ताजिया को उठाया और जुलूस की शक्ल में कर्बला पहुंच कर ताजियों को ठंडा किया। इस दौरान युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। कहीं जंजीर, लाठी से तो कहीं चाकू से मातम किया गया। इस मौके पर चौक से लेकर कर्बला तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
जिलेभर में विभिन्न इमाम चौक से 456 ताजिए निकाले गए। मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत 110 और अलीनगर थाना क्षेत्र के 39 स्थानों पर गुरुवार की शाम चौक पर ताजिये स्थापित किया गया। शुक्रवार को दोपहर बाद युवाओं की टोली ताजिये को उठाकर आगे बढ़ी। नगर में जीटी रोड की एक पटरी पर आवागमन रोक दिया गया था। नगर के कसाब महाल, मुस्लिम महाल, पथरा, सिकटियां, कूढ़े खुर्द, अलीनगर सहित अन्य स्थानों पर स्थापित चौक से ताजिया का जुलूस निकाला गया। शिया बहुल इलाकों में मातम का दौर चलता रहा। रास्तेभर अंजुमने नौहा मातम करती चल रही थीं। वहीं सुन्नी बहुल इलाकों में भी लोगों ने इमाम चौक को ताजिए उठाए और कर्बला में दफन किया। रास्तेभर लोगों ने जियारत की और फूलमाला चढ़ाया। वहीं विभिन्न संस्थाओं ने रास्तेभर खिचड़े का प्रसाद बांटा। पूरी रात नौहाख्वानी की गई। दुलहीपुर में आगा साहब इमामबाड़ा से नौहा ख्वानी पढ़ते हुए जंजीर से मातम मनाते हुए ताजिया जुलूस की शक्ल में निकला। ताजिया कर्बला पहुंचकर ठंडा किया गया। चकिया/शिकारगंज संवाददाता के अनुसार चकिया नगर में ताजियों का जुलूस निकाला गया। वहीं संवेदनशील गांव सिकंदरपुर सहित क्षेत्र के कई मुस्लिम गांवों में ताजियों का जुलूस निकाला गया। चकिया नगर में ताजियों को इमाम चौक से उठाया गया तथा पूर्वी गली, डा वी.पी. का मोड़, शमशेर ब्रिज से होते हुए ताजियों का जुलूस काशी नरेश के किले तक गया। जहां तिलौरी तथा दिरेहूँ गांव के ताजियों का जुलूस भी उसमें सम्मिलित हो गया। इसके बाद नौहाख्वानी के बीच ताजियों के जुलूस को वार्ड नं. 1 इन्दिरा नगर में स्थित कर्बला में ले जाया गया। जुलूस का नेतृत्व चकिया के सरकारी ताजिया ने किया। जुलूस के दौरान अखाड़ों ने कला का प्रदर्शन किया तथा नौहाख्वानी, सीनाजनी कर माहौल को मातमी बना दिया। संवेदनशील सिकन्दरपुर बाजार में ताजियों का जुलूस दोपहर में ही आरम्भ हुआ तथा सांय काल के पहले ही ताजियों को कर्बला में ले जाया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्र मुजफ्फरपुर, नेवाजगंज, करवंदिया, विजयपुरवां, गोगहरा, सैदूपुर, सरैया, बसाढ़ी, बरहुंआ गांवों में भी मोहर्रम पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, एडिशनल एसपी आपरेशन वीरेन्द्र कुमार यादव, उपजिलाधिकारी दीप्तिदेव यादव, सीओ कुंवर प्रभात सिंह मौजूद थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी निकाले गए ताजिये
धानापुर में पेड़ रास्ते में होने पर जताया एतराज
सीओ और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। ग्रामीण क्षेत्रों में भी परंपरागत तरीके से ताजिये का जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। धानापुर के करी गांव में ताजिए के रास्ते में अमरुद का पेड़ आने से लोगों ने एतराज जताया लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से ताजिए को कर्बला में दफन कर दिया गया। इसकी जानकारी होते ही मौके पर सीओ और एसडीएम भी पहुंच गए थे।
विज्ञापन
सैयदराजा संवाददाता के अनुसार इमाम चौक पर से ताजिया को उठाकर नौहा पढ़ते हुए लोग ताजिया के साथ खलीफा अखाड़ा के साथ जगह-जगह खेल का प्रदर्शन करते हुए वार्ड नंबर पाच सैयदनगर बङ़ा चौक पर पहुंचे। खलीफा अयूब अंसारी, खलीफा बशीर सिद्दीकी, खलीफा सन्नौवर अंसारी, कल्लू खलीफा, खलीफा अफाक सिद्दीकी अपने अपने अखाड़ों का प्रदर्शन किया। या अली के नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर जैसे नारों से हौसला अफजाई होती रही। इसके बाद देर रात ताजिया एक-दूसरे से मिलाकर कर्बला पहुंचे। इस दौरान गयासुद्दीन सिद्दीकी , आले बाबा , मौलाना अर्से आजम , लियाकत हाशमी, इरसाद अंसारी,मुजफ्फर अंसारी, मुमताज अंसारी, मोनू अंसारी, जाफर अंसारी, फकरेआलम अंसारी मौजूद रहे।
इलिया संवाददाता के अनुसार लोगों ने कस्बा सहित खरौझा, बसाढ़ी, बरहुआ गांव में ताजिए का जुलूस निकाला। इस दौरान युवाओं ने लकड़ी, तलवार, भाला आदि से कला का प्रदर्शन किया। इलिया कस्बा के बस स्टैंड के समीप कस्बा के अलावा बिहार के पतेरी, चंदा, कर्वंदिया की ताजिया एक साथ इकट्ठा होने के दौरान मेले जैसा दृश्य रहा। नईबाजार संवाददाता के अनुसार चौक से गांव के सार्वजनिक ताजिया का जलूस हाजी डाक्टर जलालुद्दीन के देख रेख में निकाल कर लोगों ने पूरे गांव का भ्रमण किया। वही यार मुहम्मद ने भी व्यक्तिगत ताजिया निकाला। इस दौरान चिह्नित स्थलों पर करतब दिखाए।
पड़ाव संवाददाता के अनुसार इमाम चौक से ताजिया मढ़िया गांव स्थित कर्बला में पहुंचे। जलीलपुर, चौरहट, कटेसर, सेमरा, बहादुरपुर, सुजाबाद सहित दर्जन भर ताजिए को कर्बला में ठंडा किया गया।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार चन्दाईत, पचोखर, हसनपु,र गोधना, रेमा, लौदा, बरहुली में ताजिया कर्बला में पहुंचे। वहीं बबुरी संवाददाता के अनुसार नकटी, जगदीशपुर, टड़िया, रघुनाथपुर, मवईया से ताजिया उठाकर मातम मनाते हुए कर्बला में दफन किया गया। टांडाकला संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के तिरगांवा, नदेसर, मारूफपुर, नैढ़ी, सढ़ान, बड़गॉवा, निधौरा, टाडांकला, सोनबरसा गांवों में जुलूस पूरे अकीदत और शांति से निकाला गया। धीना संवाददाता के अनुसार डिग्घी, डेढ़गावां, इमलिया, माधोपुर, अवहीं, बधरी, इनायतपुर, कमालपुर में भी ताजिए का जुलूस निकाला गया।
स्वयंसेवी संस्थाओं ने लगाया स्टाल
चकिया। मुहर्रम के जुलूस के अवसर पर नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं ने स्टाल लगाकर जुलूस में सम्मिलित लोगों को शरबत तथा चाय पिलाया। नगर के गांधी पार्क में लगे स्वयंसेवी संस्था युगान्धर सेवा समिति के स्टाल पर विकास मद्धेशिया, राजकुमार सिंह, अखिलेश गोड़, विजय विश्वकर्मा, विपिन चौरसिया, संदीप मोदनवाल आदि रहे। वहीं पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन की ओर से आदित्य पुस्तकालय के सामने स्टाल लगाकर लोगों को शरबत पिलाया गया। इस दौरान प्रबंधक पशान्त कुमार, मनोज कुमार, लव सोनकर, विवेक जायसवाल सहित तमाम लोग मौजूद थे।
पुलिस अधीक्षक ने लिया जायजा
चकिया/इलिया। मोहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को कई थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा का जायजा लिया। एसपी सबसे पहले चकिया पहुंचे। वहां नगर क्षेत्र में निकल रहे ताजिए के मद्देनजर मातहतों को पूरी सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश दिए। वहीं इसके बाद वह इलिया, बबुरी, अलीनगर, चंदौली मुख्याल क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा का हाल जाना। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने इलिया स्थानीय बस स्टैंड के समीप कस्बा सहित बिहार प्रांत के पतेरी, चंदा एवं कर्वंदिया के ताजिए के इकट्ठा होने तथा जुलूस निकालकर प्रदर्शन करने के बाबत जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद थाना परिसर में लगे कुल 380 पौधों को देखने के बाद वापस लौट गए।
विज्ञापन
जिलेभर में विभिन्न इमाम चौक से 456 ताजिए निकाले गए। मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत 110 और अलीनगर थाना क्षेत्र के 39 स्थानों पर गुरुवार की शाम चौक पर ताजिये स्थापित किया गया। शुक्रवार को दोपहर बाद युवाओं की टोली ताजिये को उठाकर आगे बढ़ी। नगर में जीटी रोड की एक पटरी पर आवागमन रोक दिया गया था। नगर के कसाब महाल, मुस्लिम महाल, पथरा, सिकटियां, कूढ़े खुर्द, अलीनगर सहित अन्य स्थानों पर स्थापित चौक से ताजिया का जुलूस निकाला गया। शिया बहुल इलाकों में मातम का दौर चलता रहा। रास्तेभर अंजुमने नौहा मातम करती चल रही थीं। वहीं सुन्नी बहुल इलाकों में भी लोगों ने इमाम चौक को ताजिए उठाए और कर्बला में दफन किया। रास्तेभर लोगों ने जियारत की और फूलमाला चढ़ाया। वहीं विभिन्न संस्थाओं ने रास्तेभर खिचड़े का प्रसाद बांटा। पूरी रात नौहाख्वानी की गई। दुलहीपुर में आगा साहब इमामबाड़ा से नौहा ख्वानी पढ़ते हुए जंजीर से मातम मनाते हुए ताजिया जुलूस की शक्ल में निकला। ताजिया कर्बला पहुंचकर ठंडा किया गया। चकिया/शिकारगंज संवाददाता के अनुसार चकिया नगर में ताजियों का जुलूस निकाला गया। वहीं संवेदनशील गांव सिकंदरपुर सहित क्षेत्र के कई मुस्लिम गांवों में ताजियों का जुलूस निकाला गया। चकिया नगर में ताजियों को इमाम चौक से उठाया गया तथा पूर्वी गली, डा वी.पी. का मोड़, शमशेर ब्रिज से होते हुए ताजियों का जुलूस काशी नरेश के किले तक गया। जहां तिलौरी तथा दिरेहूँ गांव के ताजियों का जुलूस भी उसमें सम्मिलित हो गया। इसके बाद नौहाख्वानी के बीच ताजियों के जुलूस को वार्ड नं. 1 इन्दिरा नगर में स्थित कर्बला में ले जाया गया। जुलूस का नेतृत्व चकिया के सरकारी ताजिया ने किया। जुलूस के दौरान अखाड़ों ने कला का प्रदर्शन किया तथा नौहाख्वानी, सीनाजनी कर माहौल को मातमी बना दिया। संवेदनशील सिकन्दरपुर बाजार में ताजियों का जुलूस दोपहर में ही आरम्भ हुआ तथा सांय काल के पहले ही ताजियों को कर्बला में ले जाया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्र मुजफ्फरपुर, नेवाजगंज, करवंदिया, विजयपुरवां, गोगहरा, सैदूपुर, सरैया, बसाढ़ी, बरहुंआ गांवों में भी मोहर्रम पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, एडिशनल एसपी आपरेशन वीरेन्द्र कुमार यादव, उपजिलाधिकारी दीप्तिदेव यादव, सीओ कुंवर प्रभात सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में भी निकाले गए ताजिये
धानापुर में पेड़ रास्ते में होने पर जताया एतराज
सीओ और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। ग्रामीण क्षेत्रों में भी परंपरागत तरीके से ताजिये का जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। धानापुर के करी गांव में ताजिए के रास्ते में अमरुद का पेड़ आने से लोगों ने एतराज जताया लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से ताजिए को कर्बला में दफन कर दिया गया। इसकी जानकारी होते ही मौके पर सीओ और एसडीएम भी पहुंच गए थे।
विज्ञापन
सैयदराजा संवाददाता के अनुसार इमाम चौक पर से ताजिया को उठाकर नौहा पढ़ते हुए लोग ताजिया के साथ खलीफा अखाड़ा के साथ जगह-जगह खेल का प्रदर्शन करते हुए वार्ड नंबर पाच सैयदनगर बङ़ा चौक पर पहुंचे। खलीफा अयूब अंसारी, खलीफा बशीर सिद्दीकी, खलीफा सन्नौवर अंसारी, कल्लू खलीफा, खलीफा अफाक सिद्दीकी अपने अपने अखाड़ों का प्रदर्शन किया। या अली के नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर जैसे नारों से हौसला अफजाई होती रही। इसके बाद देर रात ताजिया एक-दूसरे से मिलाकर कर्बला पहुंचे। इस दौरान गयासुद्दीन सिद्दीकी , आले बाबा , मौलाना अर्से आजम , लियाकत हाशमी, इरसाद अंसारी,मुजफ्फर अंसारी, मुमताज अंसारी, मोनू अंसारी, जाफर अंसारी, फकरेआलम अंसारी मौजूद रहे।
इलिया संवाददाता के अनुसार लोगों ने कस्बा सहित खरौझा, बसाढ़ी, बरहुआ गांव में ताजिए का जुलूस निकाला। इस दौरान युवाओं ने लकड़ी, तलवार, भाला आदि से कला का प्रदर्शन किया। इलिया कस्बा के बस स्टैंड के समीप कस्बा के अलावा बिहार के पतेरी, चंदा, कर्वंदिया की ताजिया एक साथ इकट्ठा होने के दौरान मेले जैसा दृश्य रहा। नईबाजार संवाददाता के अनुसार चौक से गांव के सार्वजनिक ताजिया का जलूस हाजी डाक्टर जलालुद्दीन के देख रेख में निकाल कर लोगों ने पूरे गांव का भ्रमण किया। वही यार मुहम्मद ने भी व्यक्तिगत ताजिया निकाला। इस दौरान चिह्नित स्थलों पर करतब दिखाए।
पड़ाव संवाददाता के अनुसार इमाम चौक से ताजिया मढ़िया गांव स्थित कर्बला में पहुंचे। जलीलपुर, चौरहट, कटेसर, सेमरा, बहादुरपुर, सुजाबाद सहित दर्जन भर ताजिए को कर्बला में ठंडा किया गया।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार चन्दाईत, पचोखर, हसनपु,र गोधना, रेमा, लौदा, बरहुली में ताजिया कर्बला में पहुंचे। वहीं बबुरी संवाददाता के अनुसार नकटी, जगदीशपुर, टड़िया, रघुनाथपुर, मवईया से ताजिया उठाकर मातम मनाते हुए कर्बला में दफन किया गया। टांडाकला संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के तिरगांवा, नदेसर, मारूफपुर, नैढ़ी, सढ़ान, बड़गॉवा, निधौरा, टाडांकला, सोनबरसा गांवों में जुलूस पूरे अकीदत और शांति से निकाला गया। धीना संवाददाता के अनुसार डिग्घी, डेढ़गावां, इमलिया, माधोपुर, अवहीं, बधरी, इनायतपुर, कमालपुर में भी ताजिए का जुलूस निकाला गया।
स्वयंसेवी संस्थाओं ने लगाया स्टाल
चकिया। मुहर्रम के जुलूस के अवसर पर नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं ने स्टाल लगाकर जुलूस में सम्मिलित लोगों को शरबत तथा चाय पिलाया। नगर के गांधी पार्क में लगे स्वयंसेवी संस्था युगान्धर सेवा समिति के स्टाल पर विकास मद्धेशिया, राजकुमार सिंह, अखिलेश गोड़, विजय विश्वकर्मा, विपिन चौरसिया, संदीप मोदनवाल आदि रहे। वहीं पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन की ओर से आदित्य पुस्तकालय के सामने स्टाल लगाकर लोगों को शरबत पिलाया गया। इस दौरान प्रबंधक पशान्त कुमार, मनोज कुमार, लव सोनकर, विवेक जायसवाल सहित तमाम लोग मौजूद थे।
पुलिस अधीक्षक ने लिया जायजा
चकिया/इलिया। मोहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने शुक्रवार को कई थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा का जायजा लिया। एसपी सबसे पहले चकिया पहुंचे। वहां नगर क्षेत्र में निकल रहे ताजिए के मद्देनजर मातहतों को पूरी सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश दिए। वहीं इसके बाद वह इलिया, बबुरी, अलीनगर, चंदौली मुख्याल क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा का हाल जाना। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने इलिया स्थानीय बस स्टैंड के समीप कस्बा सहित बिहार प्रांत के पतेरी, चंदा एवं कर्वंदिया के ताजिए के इकट्ठा होने तथा जुलूस निकालकर प्रदर्शन करने के बाबत जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद थाना परिसर में लगे कुल 380 पौधों को देखने के बाद वापस लौट गए।