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हाथी की तलाश में जंगल की खाक छानते रहे वनकर्मी
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:01 AM IST
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नौगढ़। मध्यप्रदेश के जंगल से भटक कर आए हाथी के उत्पात से वनवासियों की जान सांसत में हैं। क्षेत्र के नरकटी गांव में सोमवार की शाम रामरती कोल को जख्मी करने के बाद धनुषधारी कोल और दशरथ पाल का कच्चा मकान धराशायी कर दिया था। ग्रामीण पूरी रात अपने हाथ में मशाल लेकर हाथी की तलाश करते रहे। मंगलवार की सुबह सेहुआं जंगल में हाथी को देखे जाने की सूचना पर प्रशासन सतर्क रहा । वन क्षेत्राधिकारी आरएस शुक्ला के नेतृत्व में वन कर्मियों ने जंगल में कांबिंग किया। वही प्रभागीय वनाधिकारी गोपाल ओझा ने हाथी को मिर्जापुर के जंगल की तरफ खदेड़ने के लिए वन कर्मियों को निर्देश दिया हैं।
मंगलवार की दोपहर वन क्षेत्राधिकारी जयमोहनी कुंजबिहारी, वन क्षेत्राधिकारी मझगाई जानकीशरण, वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ विजेंद्र कुमार के नेतृत्व में व कर्मियों ने गोलाबाद, लौवारी कला, लौवारी खुर्द, सेमरियां, खुथहड़, हिनौत घाट के जंगलों में कांबिंग किया और ग्रामीणों को सावधान रहने की हिदायत दिया। वहीं रात्रि में अपने अपने घरों के बाहर मशाल या आग जलाने का निर्देश दिया। देर शाम तक कांबिंग करने के बाद वन कर्मियों को कोई सफलता नहीं मिला। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि हाथी सुरक्षित स्थान की तलाश में चंद्रप्रभा के जंगलों में ही हैं। प्रभागीय वनाधिकारी गोपाल ओझा ने बताया कि वन कर्मियों को निर्देश जारी कर दिया गया हैं। हाथी की खोज के लिए वन विभाग की चार टीमों का गठन किया गया हैं।
मंगलवार की दोपहर वन क्षेत्राधिकारी जयमोहनी कुंजबिहारी, वन क्षेत्राधिकारी मझगाई जानकीशरण, वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ विजेंद्र कुमार के नेतृत्व में व कर्मियों ने गोलाबाद, लौवारी कला, लौवारी खुर्द, सेमरियां, खुथहड़, हिनौत घाट के जंगलों में कांबिंग किया और ग्रामीणों को सावधान रहने की हिदायत दिया। वहीं रात्रि में अपने अपने घरों के बाहर मशाल या आग जलाने का निर्देश दिया। देर शाम तक कांबिंग करने के बाद वन कर्मियों को कोई सफलता नहीं मिला। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि हाथी सुरक्षित स्थान की तलाश में चंद्रप्रभा के जंगलों में ही हैं। प्रभागीय वनाधिकारी गोपाल ओझा ने बताया कि वन कर्मियों को निर्देश जारी कर दिया गया हैं। हाथी की खोज के लिए वन विभाग की चार टीमों का गठन किया गया हैं।
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