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सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं डग्गामार वाहन
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:52 AM IST
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पीडीडीयू नगर। जिले के विभिन्न मार्गों पर डग्गामार वाहनों की भरमार है। इनके खिलाफ न तो अभियान चलाया जाता है और न न ही इन वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है। निमयों का पालन कराने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात होते है वहीं एआरटीओ विभाग का सचल दस्ता सड़क पर दौड़ता रहता है। मगर आंख बंद किए अफसरों की लापरवाही से मौत के वाहन सड़कों पर चल रहे हैं।
जनपद में चालीस से सवारी वाहनों के अवैध स्टैंड धड़ल्ले से चल रहे है। जहां से करीब बीस हजार कामर्शियल वाहनों का संचालन होता है। इनमें आटो और जीप काफी संख्या में है। निमयों को अनुसार किसी भी सवारी वाहन में निर्धारित लोगों से अधिक सवारियों को बैठाने की इजाजत नहीं है। लेकिन इसकी परवाह किए बगैर आटो, जीप, मैक्स, मार्शल आदि में सवारियों को ठूंस कर भरा जाता है। यह सब पिकेट पर तैैनात स्थानीय और यातायात पुलिस की आंखों के सामने होता है। वहीं सड़कों पर परिवहन विभाग के अधिकारी भी फर्राटा भरते रहते हैं। इसके बाद भी ऐसे वाहन दौड़ रहे हैं।
जिले में सैयदराजा, चंदौली, अलीनगर, चकिया, सकलडीहा, चहनियां, कमालपुर, मुगलसराय से सर्वाधिक डग्गामार वाहनों का संचालन होता है। हैरानी की बात यह है कि सड़क पर वाहनों को नियम से चलाने के लिए जगह-जगह पिकेट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। वहीं एआरटीओ की विभाग की ओर से सचल दस्ता भी सड़क पर गश्त करता है। लेकिन हकीकत यह है कि जहां पुलिस अभियान के तहत सिर्फ हेलमेट, इंश्योरेंस और अन्य अनियमितता पर वाहनों का चालान करने तक सीमित है। वहीं एआरटीओ के अधिकारी हाईवे पर फर्राटा भरते हैं लेकिन वाहनों पर सवारी लटकाकर चलने वाले वाहनों पर नजर नहीं पड़ती है। डग्गामार वाहनों चालकों को कहना है कि जगह पिकेट पर पुलिसकर्मियों और परिवहन विभाग को दस्तूरी देेेनी पड़ती है इसके चलते यदि अतिरिक्त सवारी वाहनों में न भरी जाए तो काफी नुकसान होता है।
जनपद में चालीस से सवारी वाहनों के अवैध स्टैंड धड़ल्ले से चल रहे है। जहां से करीब बीस हजार कामर्शियल वाहनों का संचालन होता है। इनमें आटो और जीप काफी संख्या में है। निमयों को अनुसार किसी भी सवारी वाहन में निर्धारित लोगों से अधिक सवारियों को बैठाने की इजाजत नहीं है। लेकिन इसकी परवाह किए बगैर आटो, जीप, मैक्स, मार्शल आदि में सवारियों को ठूंस कर भरा जाता है। यह सब पिकेट पर तैैनात स्थानीय और यातायात पुलिस की आंखों के सामने होता है। वहीं सड़कों पर परिवहन विभाग के अधिकारी भी फर्राटा भरते रहते हैं। इसके बाद भी ऐसे वाहन दौड़ रहे हैं।
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जिले में सैयदराजा, चंदौली, अलीनगर, चकिया, सकलडीहा, चहनियां, कमालपुर, मुगलसराय से सर्वाधिक डग्गामार वाहनों का संचालन होता है। हैरानी की बात यह है कि सड़क पर वाहनों को नियम से चलाने के लिए जगह-जगह पिकेट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। वहीं एआरटीओ की विभाग की ओर से सचल दस्ता भी सड़क पर गश्त करता है। लेकिन हकीकत यह है कि जहां पुलिस अभियान के तहत सिर्फ हेलमेट, इंश्योरेंस और अन्य अनियमितता पर वाहनों का चालान करने तक सीमित है। वहीं एआरटीओ के अधिकारी हाईवे पर फर्राटा भरते हैं लेकिन वाहनों पर सवारी लटकाकर चलने वाले वाहनों पर नजर नहीं पड़ती है। डग्गामार वाहनों चालकों को कहना है कि जगह पिकेट पर पुलिसकर्मियों और परिवहन विभाग को दस्तूरी देेेनी पड़ती है इसके चलते यदि अतिरिक्त सवारी वाहनों में न भरी जाए तो काफी नुकसान होता है।
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