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जांच में उच्च जोखिम भरी मिलीं 118 गर्भवती महिलाएं
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चंदौली। जिले के विभिन्न स्थानों पर 10 अक्टूबर, सोमवार को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत 1150 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हुई जांच में 118 महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) में चिह्नित की गई हैं। यह जानकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरबी शरण ने दी है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर पहली बार गर्भवती की निशुल्क प्रसव पूर्व जांच करने के साथ उन्हें संस्थागत प्रसव सुविधा, परिवार नियोजन की सुविधा व पोषण के प्रति जागरूक किया गया है। इस दिवस पर विशेषज्ञ कि निगरानी में जांच की सुविधा दी जाती है। साथ ही गर्भवती के रक्तचाप, शुगर और हार्मोनल रोगों की जांच की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती को निशुल्क जांच प्रदान करने के साथ स्वस्थ बच्चे को जन्म देने व गर्भवती को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के साथ मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। गर्भवती अपने घर के नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और इलाज करा सकती हैं। उन्होंने गर्भवती को मौसमी फल, हरी साग-सब्जी, साबुत अनाज, दाल, चुकंदर और पालक का सेवन करने की सलाह दी है।
चंदौली। जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता मनोज कुमार ने बताया कि इस दिवस पर मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान कर चिकित्सक की निगरानी में रखा जाता है। इस दौरान गर्भवती की ब्लड प्रेशर, ब्लड, यूरिन व हीमोग्लोबिन की जांच करने के साथ उनका अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाता है। उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर पहली बार गर्भवती की निशुल्क प्रसव पूर्व जांच करने के साथ उन्हें संस्थागत प्रसव सुविधा, परिवार नियोजन की सुविधा व पोषण के प्रति जागरूक किया गया है। इस दिवस पर विशेषज्ञ कि निगरानी में जांच की सुविधा दी जाती है। साथ ही गर्भवती के रक्तचाप, शुगर और हार्मोनल रोगों की जांच की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती को निशुल्क जांच प्रदान करने के साथ स्वस्थ बच्चे को जन्म देने व गर्भवती को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के साथ मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। गर्भवती अपने घर के नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और इलाज करा सकती हैं। उन्होंने गर्भवती को मौसमी फल, हरी साग-सब्जी, साबुत अनाज, दाल, चुकंदर और पालक का सेवन करने की सलाह दी है।
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चंदौली। जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता मनोज कुमार ने बताया कि इस दिवस पर मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान कर चिकित्सक की निगरानी में रखा जाता है। इस दौरान गर्भवती की ब्लड प्रेशर, ब्लड, यूरिन व हीमोग्लोबिन की जांच करने के साथ उनका अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाता है। उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाता है।
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