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निजीकरण के विरोध में धरना देकर की आवाज बुलंद
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:51 AM IST
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मुगलसराय। महानगरों और उपनगरों में विद्युत व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने का विरोध कर रहे बिजली कर्मियों ने मंगलवार को पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार कर मुगलसराय स्थित विद्युत वितरण खंड द्वितीय के कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाते हुए बिजली कर्मियों ने चेताया कि यदि निजीकरण का निर्णय सरकार वापस नहीं लेती है तो 29 अप्रैल से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार बनाने में विद्युतकर्मियों को भी महत्वपूर्ण योगदान है। कहा कि पूरे प्रदेश के मतदाताओं में दस प्रतिशत मतदाता बिजली क्षेत्र से जुड़े हुए है। साथ ही प्रदेश सरकार के कर्मचारी होने से चलते ऐसे निर्णय सरकार को वापस लेना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि जिस क्षेत्र में भी निजीकरण हुआ है वहां आम जनमानस को भी काफी परेशानियों का सामन करना पड़ा है। बिजली क्षेत्र में निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि बिजली कर्मचारियों के साथ न्यायपरक रूख अपनाते हुए सरकार को निर्णय बदलना चाहिए।इस दौरान दीपक अग्रवाल, प्रवीन कुमार, सर्वेश पान्डेय, सतीश यादव, घनश्याम, डीके पांडेय, श्रीप्रकाश, अंबरीश, दलसिंगार यादव, सुधीर श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, सुभाष यादव, राजमणि वर्मा, मेंहदी, हंसराज, सागर, सुशील, लल्लू आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रशान्त कुमार तथा संचालन एके पांडेय ने किया। पड़ाव संवादाता के अनुसार निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समीति के बैनर तले कर्मचारियों ने दिन मंगलवार को दोपहर मे 220 केवी उपकेंद्र साहूपुरी कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें मोहित श्रीवास्तव, आरके गुप्ता, ओमकार वर्मा, शिवेन्द्र तिवारी, अनिल यादव ,मंजू त्रिपाठी, इंद्रजीत सिंह ,केशव वर्मा ,वकार अहमद, संजीव कुमार ,रामकृष्ण प्रसाद, दीपक कुमार, बृजेश कुमार आदि सहित कर्मचारी उपस्थित थे।
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वक्ताओं ने कहा कि सरकार बनाने में विद्युतकर्मियों को भी महत्वपूर्ण योगदान है। कहा कि पूरे प्रदेश के मतदाताओं में दस प्रतिशत मतदाता बिजली क्षेत्र से जुड़े हुए है। साथ ही प्रदेश सरकार के कर्मचारी होने से चलते ऐसे निर्णय सरकार को वापस लेना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि जिस क्षेत्र में भी निजीकरण हुआ है वहां आम जनमानस को भी काफी परेशानियों का सामन करना पड़ा है। बिजली क्षेत्र में निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि बिजली कर्मचारियों के साथ न्यायपरक रूख अपनाते हुए सरकार को निर्णय बदलना चाहिए।इस दौरान दीपक अग्रवाल, प्रवीन कुमार, सर्वेश पान्डेय, सतीश यादव, घनश्याम, डीके पांडेय, श्रीप्रकाश, अंबरीश, दलसिंगार यादव, सुधीर श्रीवास्तव, विकास गुप्ता, सुभाष यादव, राजमणि वर्मा, मेंहदी, हंसराज, सागर, सुशील, लल्लू आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रशान्त कुमार तथा संचालन एके पांडेय ने किया। पड़ाव संवादाता के अनुसार निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समीति के बैनर तले कर्मचारियों ने दिन मंगलवार को दोपहर मे 220 केवी उपकेंद्र साहूपुरी कार्यालय पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें मोहित श्रीवास्तव, आरके गुप्ता, ओमकार वर्मा, शिवेन्द्र तिवारी, अनिल यादव ,मंजू त्रिपाठी, इंद्रजीत सिंह ,केशव वर्मा ,वकार अहमद, संजीव कुमार ,रामकृष्ण प्रसाद, दीपक कुमार, बृजेश कुमार आदि सहित कर्मचारी उपस्थित थे।
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