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आधार कार्ड नहीं तो सुविधाएं निराधार
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:06 AM IST
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मुगलसराय। अगर आपके पास आधार नंबर नहीं तो आप सरकार की सुविधाओं के अलावा अपने व्यक्तिगत कार्यों से वंचित हो सकते हैं। इस समय सरकार हर विभाग में आधार लिंक कराना अनिवार्य कर दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद अब दूकानदारों को भी बड़े व्यापारियों के यहां आधार नंबर जमा करना पड़ रहा है। उसके बाद ही उन्हें सामान मिल रहा है। जनपद में नए आधार कार्ड बनाने के कार्य ठप पड़ रहे हैं। जिन लोगों का आधार नहीं बना है वह लोग परेशान हैं।
केंद्र में सरकार बदलने के बाद से कई नीतियों में तेजी से बदलाव आ रहा है। सरकारी विभागों से लेकर व्यक्तिगत कार्यों में आधार जरूरी होता जा रहा है। विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी आधार से लिंक कराने का फरमान जारी हो गया है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली तमाम सुविधाएं अब आधार आ टिकी है। वहीं नहीं जमीनों के अभिलेख में भी आधार जरुरी हो गया है। मोबाइल, पैनकार्ड, गैैस सब्सिडी, खाता खुलवाने, लोन लेने, बच्चों के जन्म लेने के बाद मातृत्व लाभ, पेंशन, आन लाइन रेलवे टिकट बुकिंग, छात्रवृत्ति आदि के लिए पहले से ही आधार की अनिवार्यता चल रही है। जीएसटी लागू होने के बाद बीस लाख रुपये से कम वार्षिक टर्न ओवर वाले दुकानदारों से जीएसटी नंबर नहीं रहने पर आधार कार्ड का नंबर जमा कराया जा रहा है। व्यवसायियों का कहना है कि जब किसी प्रकार की जांच पड़ताल होगी तो उस समय जबाव देने के लिए यह जरुरी होगा की किसे माल बेचा है। वहीं अब प्राथमिक विद्यालयों में भी आधार अनिवार्य हो गया है। जिन लोगों के बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है वह लोग इसे बनवाने के लिए परेशान हैं।
केंद्र में सरकार बदलने के बाद से कई नीतियों में तेजी से बदलाव आ रहा है। सरकारी विभागों से लेकर व्यक्तिगत कार्यों में आधार जरूरी होता जा रहा है। विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी आधार से लिंक कराने का फरमान जारी हो गया है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली तमाम सुविधाएं अब आधार आ टिकी है। वहीं नहीं जमीनों के अभिलेख में भी आधार जरुरी हो गया है। मोबाइल, पैनकार्ड, गैैस सब्सिडी, खाता खुलवाने, लोन लेने, बच्चों के जन्म लेने के बाद मातृत्व लाभ, पेंशन, आन लाइन रेलवे टिकट बुकिंग, छात्रवृत्ति आदि के लिए पहले से ही आधार की अनिवार्यता चल रही है। जीएसटी लागू होने के बाद बीस लाख रुपये से कम वार्षिक टर्न ओवर वाले दुकानदारों से जीएसटी नंबर नहीं रहने पर आधार कार्ड का नंबर जमा कराया जा रहा है। व्यवसायियों का कहना है कि जब किसी प्रकार की जांच पड़ताल होगी तो उस समय जबाव देने के लिए यह जरुरी होगा की किसे माल बेचा है। वहीं अब प्राथमिक विद्यालयों में भी आधार अनिवार्य हो गया है। जिन लोगों के बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है वह लोग इसे बनवाने के लिए परेशान हैं।
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